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ट्रक चालक को गोलियों से भूना
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 09 Aug 2015 01:54 AM IST
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जेठवारा। शनिवार को बाइक से कटरागुलाब सिंह बाजार जा रहे चाचा-भतीजे को गोलियों से छलनी कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस बवाल की आशंका को देखते हुए आनन-फानन में उन्हें लेकर जिला अस्पताल गई। जहां डाक्टरों ने भतीजे को मृत घोषित कर दिया और चाचा को प्राथमिक इलाज करने के बाद इलाहाबाद रेफर कर दिया। अस्पताल में सीओ सिटी कवींद्र नारायण मिश्र व शहर कोतवाल अनिल कुमार दलबल के साथ डटे रहे।
जेठवारा थाना क्षेत्र के शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू (25) पुत्र आशिक अली ट्रक चालक था। शनिवार दोपहर वह अपने चाचा मोहम्मद ईशा (35) पुत्र साबित अली के साथ बाइक से कटरागुलाब सिंह बाजार जा रहा था। वह घर से करीब पांच सौ मीटर दूर ही गया था कि नहर पटरी के पास पहले से मौजूद तीन लोगों ने फायर करना शुरू कर दिया। इस पर दोनों बाइक छोड़कर जान बचाने के लिए घर की ओर भागने लगे। इसी दौरान इरशाद उर्फ बब्बू नहर में कूद गया। प्रत्यक्ष दर्शियों की मानें तो दो हमलावरों ने भाग रहे बब्बू का पीछा कर लिया। कुछ दूर तक दौड़ाने के बाद उसे गोलियों से भून दिया।
गोली लगने से घायल चाचा ईशा शोर मचाते हुए घर की ओर भागा। गांव वालों को आते देख हमलावर वहां से भाग निकले। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही बब्बू की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस बवाल की आशंका को देखते हुए गोली लगने से घायल चाचा भतीजे को लेकर जिला अस्पताल भागी। वहां डाक्टरों ने बब्बू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल ईशा को प्राथमिक इलाज के बाद इलाहाबाद रेफर कर दिया।
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घायल चाचा ईशा ने बताया कि शुक्रवार को उसके भाई व प्रधान हामिद अली से परिवार के लोगों की कहासुनी हुई थी। इससे नाराज हामिद के साले ईशा उर्फ मुन्ना पुत्र जुमई ने कई लोगों के साथ भतीजे आलम को मारापीटा था। इसके बाद घर पर धावा बोला था। हालांकि उस समय वे लोग बाहर थे। घर आने के बाद जानकारी हुई तो प्रधान के परिजनों व उन लोगों से नोकझोंक हुई थी। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू के पिता आशिक को 25 साल पहले गांव निवासी जुमई ने गोली मारी थी। इसके बाद दोनों परिवार के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। कई सालों तक दोनों परिवार के बीच बदले की आग सुलगती रही। वे हमेशा मौके की तलाश में रहते थे। हालांकि पांच साल बाद उनके बीच समझौता हो गया और आशिक के भाई हामिद की शादी जुमई की बेटी के साथ हो गई थी। जिसके चलते एक दूसरे के खून के प्यासे लोग खामोश हो गए थे, लेकिन हामिद के परिवार के साथ विवाद के बाद जुमई के बेटे ईशा ने 20 साल पहले हुए समझौते को शनिवार को भूला दिया।
शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू ने एक साल पहले दूसरा विवाह किया था। पहली पत्नी को दो साल पहले तलाक देने वाला बब्बू नई दुल्हन लाया था। अभी उसके एक भी संतान नहीं है। ट्रक चलाकर परिवार का गुजर बसर करता था। तीन भाइयों में सबसे छोटे बब्बू की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, पता चला है कि बब्बू पशु तस्करी के धंधे में भी लिप्त था। वह पशु तस्करी के मामले में एक-दो बार जेल भी जा चुका था।
बाइक से चाचा संग कटरागुलाब सिंह बाजार जा रहे इरशाद उर्फ बब्बू ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके रिश्तेदार उसकी हत्या तक कर सकते हैं। मृतक बब्बू के चाचा ईशा ने बताया कि जान बचाने के लिए वे भागे। नहर में कूदने के बाद हत्यारोपी ईशा ने अपने दो साथियों के साथ उसे दौड़ा लिया। तभी आरोपी ईशा का पिता जुमई पहुंच गया और ललकारने लगा कि इसे जिंदा नहीं छोड़ना। यह सुनते ही ईशा और दूसरे लोग जान बचाने के लिए भाग रहे बब्बू पर फायरिंग करने लगे। भागने के दौरान बब्बू गिरा तो वह जान बख्शने की मिन्नतें करने लगा, लेकिन बेरहम हत्यारों को रहम नहीं आया उसके शरीर में एक साथ कई गोलियां उतार दीं।
हत्या आरोपी ईशा पुत्र जुमई, अंसार पुत्र मुस्तफा व ईशा का मानधाता थाना क्षेत्र के ढेमा निवासी साला अपने घर से फरार है। पुलिस की दबिश के दौरान घर पर ताला लटकता मिला। पुलिस सभी की खोजबीन करते हुए रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है।
ट्रक चालक की गोली मारकर हत्या करने की खबर मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया, एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। निरीक्षण करने के बाद मृतक पक्ष के लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। बताते हैं कि बच्चों को लेकर कुछ दिन पहले मृतक की प्रधान चाचा हामिद की पत्नी से कहासुनी हुई थी। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
हत्या करने वालों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मृतक और हत्यारोपी दोनों के परिवार में दो-दो रिश्तेदारियां हैं। पहले की दुश्मनी की बात भी सामने आ रही है। तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू (25) पुत्र आशिक अली ट्रक चालक था। शनिवार दोपहर वह अपने चाचा मोहम्मद ईशा (35) पुत्र साबित अली के साथ बाइक से कटरागुलाब सिंह बाजार जा रहा था। वह घर से करीब पांच सौ मीटर दूर ही गया था कि नहर पटरी के पास पहले से मौजूद तीन लोगों ने फायर करना शुरू कर दिया। इस पर दोनों बाइक छोड़कर जान बचाने के लिए घर की ओर भागने लगे। इसी दौरान इरशाद उर्फ बब्बू नहर में कूद गया। प्रत्यक्ष दर्शियों की मानें तो दो हमलावरों ने भाग रहे बब्बू का पीछा कर लिया। कुछ दूर तक दौड़ाने के बाद उसे गोलियों से भून दिया।
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गोली लगने से घायल चाचा ईशा शोर मचाते हुए घर की ओर भागा। गांव वालों को आते देख हमलावर वहां से भाग निकले। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही बब्बू की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस बवाल की आशंका को देखते हुए गोली लगने से घायल चाचा भतीजे को लेकर जिला अस्पताल भागी। वहां डाक्टरों ने बब्बू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल ईशा को प्राथमिक इलाज के बाद इलाहाबाद रेफर कर दिया।
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घायल चाचा ईशा ने बताया कि शुक्रवार को उसके भाई व प्रधान हामिद अली से परिवार के लोगों की कहासुनी हुई थी। इससे नाराज हामिद के साले ईशा उर्फ मुन्ना पुत्र जुमई ने कई लोगों के साथ भतीजे आलम को मारापीटा था। इसके बाद घर पर धावा बोला था। हालांकि उस समय वे लोग बाहर थे। घर आने के बाद जानकारी हुई तो प्रधान के परिजनों व उन लोगों से नोकझोंक हुई थी। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू के पिता आशिक को 25 साल पहले गांव निवासी जुमई ने गोली मारी थी। इसके बाद दोनों परिवार के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। कई सालों तक दोनों परिवार के बीच बदले की आग सुलगती रही। वे हमेशा मौके की तलाश में रहते थे। हालांकि पांच साल बाद उनके बीच समझौता हो गया और आशिक के भाई हामिद की शादी जुमई की बेटी के साथ हो गई थी। जिसके चलते एक दूसरे के खून के प्यासे लोग खामोश हो गए थे, लेकिन हामिद के परिवार के साथ विवाद के बाद जुमई के बेटे ईशा ने 20 साल पहले हुए समझौते को शनिवार को भूला दिया।
शेखपुर बनी निवासी इरशाद उर्फ बब्बू ने एक साल पहले दूसरा विवाह किया था। पहली पत्नी को दो साल पहले तलाक देने वाला बब्बू नई दुल्हन लाया था। अभी उसके एक भी संतान नहीं है। ट्रक चलाकर परिवार का गुजर बसर करता था। तीन भाइयों में सबसे छोटे बब्बू की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, पता चला है कि बब्बू पशु तस्करी के धंधे में भी लिप्त था। वह पशु तस्करी के मामले में एक-दो बार जेल भी जा चुका था।
बाइक से चाचा संग कटरागुलाब सिंह बाजार जा रहे इरशाद उर्फ बब्बू ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके रिश्तेदार उसकी हत्या तक कर सकते हैं। मृतक बब्बू के चाचा ईशा ने बताया कि जान बचाने के लिए वे भागे। नहर में कूदने के बाद हत्यारोपी ईशा ने अपने दो साथियों के साथ उसे दौड़ा लिया। तभी आरोपी ईशा का पिता जुमई पहुंच गया और ललकारने लगा कि इसे जिंदा नहीं छोड़ना। यह सुनते ही ईशा और दूसरे लोग जान बचाने के लिए भाग रहे बब्बू पर फायरिंग करने लगे। भागने के दौरान बब्बू गिरा तो वह जान बख्शने की मिन्नतें करने लगा, लेकिन बेरहम हत्यारों को रहम नहीं आया उसके शरीर में एक साथ कई गोलियां उतार दीं।
हत्या आरोपी ईशा पुत्र जुमई, अंसार पुत्र मुस्तफा व ईशा का मानधाता थाना क्षेत्र के ढेमा निवासी साला अपने घर से फरार है। पुलिस की दबिश के दौरान घर पर ताला लटकता मिला। पुलिस सभी की खोजबीन करते हुए रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है।
ट्रक चालक की गोली मारकर हत्या करने की खबर मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया, एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। निरीक्षण करने के बाद मृतक पक्ष के लोगों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। बताते हैं कि बच्चों को लेकर कुछ दिन पहले मृतक की प्रधान चाचा हामिद की पत्नी से कहासुनी हुई थी। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
हत्या करने वालों की तलाश में दबिश दी जा रही है। मृतक और हत्यारोपी दोनों के परिवार में दो-दो रिश्तेदारियां हैं। पहले की दुश्मनी की बात भी सामने आ रही है। तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी।