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छुट्टी नहीं, सैकड़ाें स्कूल रहे बंद
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:29 PM IST
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शहर मुख्यालय पर संपन्न हुए भरत मिलाप को लेकर अवकाश घोषित नहीं होने पर भी तहसील क्षेत्र के सैकड़ों स्कूल बंद कर दिए गए। शुक्रवार को विद्यालयों का ताला नहीं खुलने से पठन-पाठन के लिए पहुंचे छात्र निराश होकर लौट गए। परिषदीय शिक्षकाें की मनमानी के आगे शिक्षाधिकारी लाचार दिखाई दिए।
लालगंज तहसील क्षेत्र के चारों ब्लाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के सैकड़ाें परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए। बताया जाता है कि शहर मुख्यालाय पर गुरुवार को भरत मिलाप संपन्न होना था। इसके लिए जिला प्रशासन ने कोई भी अवकाश घोषित नहीं किया था। लेकिन सांगीपुर, रामपुर, लालगंज व लक्ष्मणपुर विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने मनमानी करते हुए भरत मिलाप के दूूसरे दिन स्कूलों को बंद कर दिया।
सुबह नौनिहाल पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंच गए, लेकिन काफी देर तक गरुजन नहीं पहुंचे तो निराश होकर वे वापस लौटने को मजबूर हो गए। विभागीय अधिकारी भी बेबस व लाचार दिखाई दिए। इसकी शिकायत भी लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई का साहस नहीं जुटा सके।
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भरत मिलाप के लिए विद्यालयों में अवकाश नहीं किया गया था। इसके बाद भी शिक्षकाें के विद्यालय नहीं जाने जांच कराई जाएगी। ऐसा लगता है कि स्थानीय अवकाश के नाम पर शिक्षकों ने मनमानी की है।
भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए
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लालगंज तहसील क्षेत्र के चारों ब्लाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के सैकड़ाें परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए। बताया जाता है कि शहर मुख्यालाय पर गुरुवार को भरत मिलाप संपन्न होना था। इसके लिए जिला प्रशासन ने कोई भी अवकाश घोषित नहीं किया था। लेकिन सांगीपुर, रामपुर, लालगंज व लक्ष्मणपुर विकास खंड के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने मनमानी करते हुए भरत मिलाप के दूूसरे दिन स्कूलों को बंद कर दिया।
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सुबह नौनिहाल पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंच गए, लेकिन काफी देर तक गरुजन नहीं पहुंचे तो निराश होकर वे वापस लौटने को मजबूर हो गए। विभागीय अधिकारी भी बेबस व लाचार दिखाई दिए। इसकी शिकायत भी लोगों ने अधिकारियों से की लेकिन वे किसी भी प्रकार की कार्रवाई का साहस नहीं जुटा सके।
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भरत मिलाप के लिए विद्यालयों में अवकाश नहीं किया गया था। इसके बाद भी शिक्षकाें के विद्यालय नहीं जाने जांच कराई जाएगी। ऐसा लगता है कि स्थानीय अवकाश के नाम पर शिक्षकों ने मनमानी की है।
भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए