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लुटेरों की तलाश मेें ताबड़तोड़ दबिश
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:47 PM IST
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एआरटीओ कार्यालय से कर्मचारी को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूूटने वाले लुटेरों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है। शनिवार को अभियान चलाकर पुलिस ने संदेह के आधार पर दर्जन भर से अधिक बदमाशों को धर दबोचा। कोतवाली में एसपी ने उनसे लंबी पूछताछ की। उधर, पुलिस फरारी काट रहे लुटेरों की तलाश में भी जुटी है।
महुली स्थित एआरटीओ कार्यालय परिसर में गुरुवार को बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश स्वीपर रज्जन प्रसाद को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूट ले गए। साथ मौजूद कैशियर धर्मप्रकाश तिवारी बाल-बाल बच गया था। घटना के बाद से ही पुलिस विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से लूट की वारदात को अंजाम देने की बात मानने लगी।
शुक्रवार को भी कोई नतीजा नहीं निकला। अधिकारियों के आदेश पर ऐसे लुटेरों की कुंडली बनाई गई जिन्होंने पांच वर्ष के भीतर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। एसपी के आदेश पर रातभर संदिग्ध लुटेरों की तलाश में जोरदार दबिश पूरे जिले में होती रही। नगर कोतवाली पुलिस ने ही दर्जन भर संदिग्ध लुटेरों को धर दबोचा। जबकि अन्य थानों में भी पुलिस ने बदमाशों को पूछताछ के लिए उठा लिया। इस दौरान जो बदमाश पुलिस को घर पर नहीं मिले, उनके परिजनों से पूछताछ के बाद उनकी लोकेशन खंगालने में पुलिस जुट गई है। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा सुबह ही कोतवाली पहुंच गए और पकड़े गए लोगों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद भी कोई ऐसा नतीजा नहीं निकला जिससे लूट की घटना का खुलासा किया जा सके।
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महुली स्थित एआरटीओ कार्यालय परिसर में गुरुवार को बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश स्वीपर रज्जन प्रसाद को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूट ले गए। साथ मौजूद कैशियर धर्मप्रकाश तिवारी बाल-बाल बच गया था। घटना के बाद से ही पुलिस विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से लूट की वारदात को अंजाम देने की बात मानने लगी।
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शुक्रवार को भी कोई नतीजा नहीं निकला। अधिकारियों के आदेश पर ऐसे लुटेरों की कुंडली बनाई गई जिन्होंने पांच वर्ष के भीतर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। एसपी के आदेश पर रातभर संदिग्ध लुटेरों की तलाश में जोरदार दबिश पूरे जिले में होती रही। नगर कोतवाली पुलिस ने ही दर्जन भर संदिग्ध लुटेरों को धर दबोचा। जबकि अन्य थानों में भी पुलिस ने बदमाशों को पूछताछ के लिए उठा लिया। इस दौरान जो बदमाश पुलिस को घर पर नहीं मिले, उनके परिजनों से पूछताछ के बाद उनकी लोकेशन खंगालने में पुलिस जुट गई है। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा सुबह ही कोतवाली पहुंच गए और पकड़े गए लोगों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद भी कोई ऐसा नतीजा नहीं निकला जिससे लूट की घटना का खुलासा किया जा सके।
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