फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   After death of wife, saurabh is escaping to save his life

पत्नी को खोने के बाद भागा-भागा फिर रहा सौरभ

Sat, 05 Nov 2016 11:30 PM IST
प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ Updated Sat, 05 Nov 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
After death of wife, saurabh is escaping to save his life
pratapgarh
घरवालों से बगावत कर प्रेम और शादी करने पर ऑनर किलिंग की शिकार हुई पट्टी कोतवाली क्षेत्र के धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह की मौत के बाद पति सौरभ उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। अब वह अपनी जान बचाने के लिए भागा-भागा फिर रहा है। अब पुलिस ने भी उसकी मदद से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन

सवा पांच साल तक चले प्यार के बाद धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह और पट्टी कोतवाली क्षेत्र के ही असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय ने इलाहाबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद फिर कोर्ट मैरिज कर ली थी। संजू के पिता राकेश सिंह के साथ ही उसके चाचा और कुछ रिश्तेदार इस शादी के खिलाफ थे।
विज्ञापन


सौरभ लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। 18 सिंतबर को संजू धनगढ़ सराय छिवलहा से सौरभ के पास लखनऊ पहुंच गई। करीब 22 दिनों तक दोनों साथ रहे। 8 अक्तूबर को संजू के परिजन उसे विदा कराकर लाए थे। संजू के पति सौरभ के मुताबिक घर ले जाने के बाद मायकेवाले संजू की विदाई करने के लिए तैयार नहीं थे। 24 अक्तूबर को सौरभ ने हाईकोेर्ट में रिट दाखिल कर पत्नी की विदाई और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।  इसके बाद भी पट्टी कोतवाल लापरवाह बने रहे। 30 अक्तूबर को दिवाली के दिन संजू और उसके घरवालों को पट्टी कोतवाली बुलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सौरभ की मानें तो यहां संजू से उसकी बमुश्किल पांच से सात मिनट ही बात कर सकी थी। 2 नवंबर को उसका शव घर में मिला। मायके वाले घर छोड़कर फरार मिले थे। पुलिस के खौफजदा करने से भयभीत सौरभ जनपद की सीमा से बाहर चला गया। वह अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सका। जिसके साथ सात जन्मों तक रिश्ता निभाने के लिए सपना देखा था उसका आखिरी दीदार भी न कर सका। सूत्रों की मानें तो सौरभ इस घटना के बाद बुरी तरह से सहम गया है। वह अपनी जान बचाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भागा-भागा फिर रहा है।

बूढ़ी दादी व दादा ही हैं घर में
असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय के घर पर बूढ़ी दादी व दादा ही हैं। घटना के बाद से दोनों सौरभ के लिए बेहद चिंतित हैं। उसके माता पिता व भाई दूसरे प्रांत में रहते हैं। कुछ दिनों पहले भाभी आकर परिवार के सदस्यों का सेवा करने लगीं। एक ओर वे जहां सौरभ का चेहरा देखने के लिए व्याकुल हैं। वहीं दूसरी ओर उसकी जान की चिंता भी दोनों को सता रही है। माता पिता को भी उसकी चिंता सता रही है। वे उसे अपने पास बुला रहे हैं लेकिन वह खुद की जान असुरक्षित मानते हुए वहां जाने से कतरा रहा है। सौरभ का कहना है कि वह परिवार के लोगों की जान मुसीबत में नहीं डालना चाहता।

उधर असुढ़ी और धनगढ़ सराय छिवलहा के लोग घटना पर खामोशी ओढ़े हुए हैं। कुछ लोग दबी जुबान से चर्चा करते भ्‍ाी हैं तो अजनबी को देखते ही वे खामोश हो जाते हैं। घटना पूरे जनपद में चर्चा का विषय है। बेटी के हत्यारोपी राकेश सिंह के घर की महिलाएं अभी तक घर नहीं लौटीं। जिसके चलते आसपास के लोग घर की निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed