फंदे पर लटकाया शव, आत्महत्या की बनाई कहानी: पिता की हत्या में नाबालिग बेटा और उसके 7 दोस्त निकले आरोपी
बांसवाड़ा के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के चूलीपाड़ा गांव में 21 अगस्त को घर में फंदे से लटका मिले 45 वर्षीय बादर सिंह मुनिया की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बादर सिंह की हत्या उसके नाबालिग बेटे ने अपने सात दोस्तों के साथ मिलकर की थी।
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बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के चूलीपाड़ा गांव में 21 अगस्त को घर में फंदे से लटका मिले 45 वर्षीय बादर सिंह मुनिया की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बादर सिंह की हत्या उसके नाबालिग बेटे ने अपने सात दोस्तों के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को रस्सी के फंदे से लटका दिया गया, ताकि घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है।
फंदे से लटका मिला था शव, जांच में हत्या का खुलासा
कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया ने बताया कि 21 अगस्त को चूलीपाड़ा गांव निवासी बादर सिंह मुनिया का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम संदिग्ध लगा और पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू की गईं। इसके बाद सामने आया कि बादर सिंह की हत्या की गई थी और शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था।
पत्नी और बेटे को घर से निकालने से नाराज था नाबालिग
पुलिस के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले बादर सिंह ने अपनी पत्नी लकमा और इकलौते नाबालिग बेटे को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। इसी बात को लेकर उसका बेटा पिता से नाराज था। इसके बाद नाबालिग ने अपने सात दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, साजिश के तहत सभी ने पहले रूपगढ़ गांव में शराब पार्टी की। इसके बाद रात में वे बादर सिंह के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां सभी ने मिलकर लोहे के पाइप, लाठी और लात-घूंसों से बादर सिंह पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे घर में ही रस्सी का फंदा बनाकर लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
अंतिम संस्कार में बेटे के नहीं पहुंचने से गहराया शक
बादर सिंह की मौत के बाद अंतिम संस्कार में उसका इकलौता नाबालिग बेटा शामिल नहीं हुआ। इस बात से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने नाबालिग को डिटेन कर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।
पांच दोस्त गिरफ्तार, दो आरोपियों की तलाश
थानाधिकारी प्रवीण सिंह सिसोदिया ने बताया कि मामले में मृतक के नाबालिग बेटे को डिटेन किया गया है। उसके दोस्त विक्रम, शैलेश, राजकुमार, अल्पेश और करण को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामले में शामिल अजीत और अनिल की तलाश की जा रही है।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे नाबालिग बेटे की अपने पिता से नाराजगी और पारिवारिक विवाद सामने आया है।