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11 नामजद, 50 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:13 AM IST
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प्रतापगढ़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो; प्रतापगढ़।
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आमीशंकरपुर में डूबने से हुई छात्र की मौत के बाद हुए बवाल में पुलिस ने 61 ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं जमें मुकदमा दर्ज कर दिया है। बवाल के दौरान ग्रामीणों की ओर से किए गए पथराव में सीओ समेत सात पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने अब आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
उदयपुर थाना क्षेत्र के आमीशंकरपुर निवासी हाईस्कूल के छात्र अर्जुन सरोज पुत्र रामकिशुन सरोज की नौ अक्तूबर को मट्टन नाला में डूबने से मौत हो गई थी। घटना के दूसरे दिन छात्र का शव पोस्टमार्टम के बाद जिला अस्पताल से घर पहुंचा तो परिजनों ने हत्या कर शव पानी में फेंकने का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामें व रोड जाम की सूचना पर सीओ ओम प्रकाश द्विवेदी की अगुवाई में भारी मात्रा में पुलिस पहुंची तो परिजनों के साथ ग्रामीण भिडने पर उतारू हो गए।
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अचानक ग्रामीण व परिजन उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में सीओ ओमप्रकाश द्विवेदी, प्रभारी निरीक्षक उदयपुर समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालंाकि बाद में पुलिस ने बवालियों को खदेड़ दिया और परिजनों की शिकायत पर गंाव के ही एक युवक पर छात्र की हत्या का केस दर्ज किया। इसके बाद समझा बुझाकर गुरुवार को छात्र के शव का अंतिम संस्कार कराया। अंतिम संस्कार होने के बाद से ही बवालियों पर शिकंजा कसने का कयास लगाया जा रहा था।
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शुक्रवार को उदयपुर के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार ने संागीपुर के कटरा बूबूपुर निवासी राजेंद्र सरोज 11 नामजद व 50 अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, तोडफ़ोड़ व दहशत फैलाने समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करा दिया। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस अब ग्रामीणों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। शीघ्र की आरोपियों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा जाएगा।
आमीशंकरपुर में पुलिस टीम पर हुए पथराव में शुक्रवार को पुंलिस ने 61 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। केस दर्ज होने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, अधिकतर घरों के पुरुष भाग निकले। सभी को इस बात की आशंका है कि पथराव के बाद नाराज पुलिस 11 नामजद को शीघ्र गिरफ्तार करेगी। लेकिन सबसे अधिक डर ग्रामीणों को 50 अज्ञात पर दर्ज केस से है। ग्रामीणों को आशंका है कि पुलिस जिसे भी दोषी समझेगी उसके खिलाफ कार्रवाई जरूर करेगी। पुलिस भी आरोपियों की पहचान के लिए फोटो व वीडिओ को खंगाल रही है।
घटना में शामिल अधिकतर लोग उसी गांव के हैं, लेकिन कुछ बाहरी लोग भी पुलिस पर पथराव में शामिल हुए थे। पथराव के लिए परिजनों व ग्रामीणों को जिन लोगों ने उकसाया है, पुलिस उसकी भी कुंडली बना रही है। फिलहाल आगे जो भी कार्रवाई होगी यह सामने आएगा, लेकिन ग्रामीणों अभी से घर छोडक़र फरार हैं, समूचे गांव में दुकाने बंद हैं और लोगों के घरों के दुबके होने से सन्नाटा पसरा हुआ है।
ग्रामीणों के बवाल के बाद से प्रशासन ने आमीशंकरपुर में पुलिस की तैनाती बरकरार रखी है। गांव में किसी प्रकार के तनाव से पुलिस ने इंकार किया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पीएसी व पुलिस को अभी हटाया नहीं गया है। गांव में हालत सामान्य रहा तो एक दो दिनों में पुलिस का पहरा हटा लिया जाएगा। एसओ ने बताया कि गांव में तनाव जैसी कोई बात नहीं है।