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पांच साल में घट गए 25 फीसदी बैंक कर्मचारी

Wed, 15 Dec 2021 11:54 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:54 PM IST
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25 percent bank employees reduced in five years
बैंकिंग संशोधन कानून बिल और निजीकरण की घोषणा के बाद अफसरों और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बैंकों में कई सेवाएं पहले से ही निजी हाथों में जा चुकी है। इससे कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। आलम यह है कि जिले में पांच वर्षों के भीतर बैंकों में 25 फीसदी कर्मचारियों की संख्या घट गई है। इसी के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने 16 और 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहकर कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
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राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय होने और रिटायर होने वाले कर्मचारियों के स्थान पर नए कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों को आशंका है कि निजीकरण के बाद पदों की संख्या तेजी से घटेगी, साथ में कर्मचारियों के हित भी प्रभावित होंगे।
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बैंकों में स्टाफ की संख्या में कमी का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि एसबीआई को छोड़कर अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं में करीब वर्तमान में 755 कर्मचारी है। वहीं पांच वर्ष पहले यह संख्या 1051 के करीब थी। दस वर्ष पहले यह संख्या 1400 से अधिक थी। यही वजह है कि बैंक कर्मचारियों ने 16 और 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहने की घोषणा की है।
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दफ्तरी, बिल, कलेक्टर के पद हो गए खत्म
बैंकों में सहायक स्टाफ (चतुर्थ श्रेणी) की संख्या करीब खत्म होने को है। दफ्तरी, सफाई कर्मचारी, बिल कलेक्शन, नगदी संग्रहण, एटीएम संचालन, सुरक्षा समेत कई काम निजी हाथों में दिए गए हैं या फिर संविदा पर कर्मचारी रखे गए हैं। ऐसे में दफ्तरी, नगदी संग्रहक, बिल कलेक्टर का काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या गिनती में है। इनके रिटायर होने के बाद यह पद ही खत्म हो जाएंगे।
बैंकों का निजीकरण सरकार की मंशा पर ही सवाल उठाता है, विगत वर्षो में बैंक घाटे में थे। इन्हें संभालने के लिए सरकार ने आर्थिक मद्द दी, मगर इस वर्ष सभी बैंकों ने लाभ कमाया है। इसमें भी लाभांश की गणना एनपीए खाताओं की राशि को घटाकर की गई है।

नारेंद्र प्रसाद मिश्र, आल इंडिया बैंक एसोसिएशन
आरबीआई तथा अलग-अलग समितियों ने देश में चार -पांच बड़े सरकारी बैंक होने की बात कही है, मगर छह बैंकों का अभी मर्जर नहीं हुआ है। अभी इनमें से दो के निजीकरण की चर्चा है। मगर मर्जर के बाद बड़ा आकार लेने वाले बैंकों के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
एसबी सिंह, एनसीबीई
जिले में नए एलडीएम की हुई तैनाती
जिले में तैनाती पाने वाले एलडीएम अमित बाजपेई ने कार्यभार संभाल लिया है। अभी तक तैनात रहे अनिल कुमार को गैर जनपद तबादला हो गया है।
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