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धूल फांक रहीं शस्त्र लाइसेंस की 1266 पत्रावलियां

Wed, 11 Nov 2020 01:42 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 Nov 2020 01:42 AM IST
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1266 letters of arms license are blowing dust
शस्त्र लाइसेंस की करीब 1266 फाइलें थाना, तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक धूल फांक रही हैं। इनमें से दो सौ ऐसे लोग हैं जिन्होंने सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, मगर उनका लाइसेंस स्वीकृत नहीं हो सका है।
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जिले में कुल 20550 लोगों के पास असलहों का लाइसेंस है। इस वर्ष अभी तक किसी का शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। शस्त्र लाइसेंस पर तकरीबन पांच वर्ष के बाद 12 अक्तूबर 2018 को सरकार ने रोक हटाई तो असलहा रखने के शौकीन खुशी से उछल पड़े थे।
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इसके बाद आवेदकों की लाइन लग गई। देखते ही देखते जिले में तीन हजार से ज्यादा लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया। नियम है कि अपराध पीड़ित, व्यापारी, डाक्टर को लाइसेंस देने में वरीयता दी जाए, मगर जिसके मन में आया उसी ने जान का खतर बताते हुए आवेदन कर दिया।
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मौजूदा समय में 1266 शस्त्र लाइसेंस के प्रार्थना पत्र थाने से कलेक्ट्रेट तक धूल फांक रहे हैं। इनमें तहसीलों में 501, कोतवाली में 412 और कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय में लगभग दो सौ आवेदन पड़े हुए हैं। इनमें से करीब 200 आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। औपरचारिता पूरी होने के बाद शस्त्र पत्रावली पर अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी।
कठिन है शस्त्र लाइसेंस लेने की प्रक्रिया
शस्त्र लाइसेंस लेने की प्रक्रिया बहुत जटिल है। फिर भी लोग जूझते रहते हैं। इसके लिए फार्म शपथ पत्र के साथ भरना होता है। फार्म भरने के बाद शस्त्र लिपिक के पास जमा करते हैं। जहां से एक फार्म एसपी कार्यालय दूसरा तहसील जांच व सत्यापन के लिए भेजा जाता है। थाने से कई अधिकारियों के कार्यालय पर पहुंचने के बाद आखिर में पुलिस अधीक्षक का हस्ताक्षर होने के बाद शस्त्र लिपिक के पास फार्म आ जाता है। उधर, तहसील से लेखपाल की संस्तुति के बाद फार्म एसडीएम के हस्ताक्षर के बाद आगे बढ़ता है। आवेदनों का सत्यापन प्रभारी अधिकारी शस्त्र का हस्ताक्षर होने के बाद ही डीएम संस्तुति देते हैं। ऐसे में जांच प्रक्रिया पूरी कराने और भागदौड़ में आवेदकों के हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं।
वरासत की 152 फाइलें पड़ी हैं पेंडिंग
शस्त्र लेने वाले लोगों में 152 ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर रखे हैं, जिनके अभिभावकों का देहांत हो गया या फिर वह बुजुर्ग होने के कारण अपने बेटे को असलहा देना चाहते हैं। ऐसे 152 लोगों का आवेदन भी कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र कार्यालय में धूल फांक रहा है।

जिले के 13 लोगों ने ले रखा है तीन असलहों का लाइसेंस
जनपद के 13 लोगों ने तीन असलहों का लाइसेंस ले रखा है। इनमें अधिकांश नेता हैं। हालांकि तीन असलहों में एक का सरेंडर करने का आदेश मिलते ही जिले के दो जनप्रतिनिधियों ने अपने शस्त्र दुकानों पर जमा कराने के बाद शस्त्र कार्यालय को सूचना दे दी है। 8 लोगों ने अभी अपने शस्त्र कोतवाली या दुकानों पर जमा नहीं किए हैं। इन लोगों को निर्धारित समय तक शस्त्र जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। इसके बाद यदि वह अपने शस्त्र नहीं जमा करते तो उनके खिलाफ स्थानीय थानों में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। हालांकि तीन असलहे लेने वाले लोगों को सरकार की ओर से 13 नवंबर तक शस्त्र जमा करने की छूट मिली है।
शस्त्र लाइसेंस क आवेदनों की जांच की जा रही है। प्रकिया पूर्ण होने के बाद जरूरतमंदों को लाइसेंस दिया जाएगा।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम।
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