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Pilibhit News: दूसरे दिन भी खेत में डेरा जमाए रहा बाघ
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पीलीभीत। जंगल से दूर मरौरी ब्लॉक के नवदिया घिसी गांव के निकट पहुंचा बाघ दूसरे दिन भी गन्ने के खेत में डेरा जमाए रहा। शनिवार रात चहलकदमी के बाद बाघ गन्ने के खेत में ही बैठ गया। पगचिह्न ट्रेस करने के साथ टीम बाघ की निगरानी में जुटी है।
माला जंगल से बाहर निकलकर आया बाघ पिछले 10 दिनों से चहलकदमी कर रहा है। खेतों की ओर बाघ की मौजूदगी से लोगों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग ने निगरानी का कार्य शुरू किया, लेकिन एक स्थान पर न रुककर बाघ के लगातार क्षेत्र बदलने से वनकर्मियों की मुसीबत भी बढ़ गई है।
शहर से दो किलोमीटर दूर पिपरावाले गांव तक पहुंचने के बाद बाघ शुक्रवार को पुराने रास्ते की ओर बढ़कर नवदिया घिसी के निकट पहुंच गया था। नवदिया घिसी गांव शहर से पांच किलोमीटर दूर है। दो दिन बीतने के बाद भी बाघ नवदिया घिसी गांव में गन्ने के खेत से नहीं हट सका है। रात के समय गन्ने के बाहर बाघ की चहलकदमी भी बनी हुई है।
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रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ की नवदिया घिसी गांव के निकट मौजूदगी बनी हुई है। सुरक्षा के लिहाज के वन विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं।
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माला जंगल से बाहर निकलकर आया बाघ पिछले 10 दिनों से चहलकदमी कर रहा है। खेतों की ओर बाघ की मौजूदगी से लोगों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग ने निगरानी का कार्य शुरू किया, लेकिन एक स्थान पर न रुककर बाघ के लगातार क्षेत्र बदलने से वनकर्मियों की मुसीबत भी बढ़ गई है।
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शहर से दो किलोमीटर दूर पिपरावाले गांव तक पहुंचने के बाद बाघ शुक्रवार को पुराने रास्ते की ओर बढ़कर नवदिया घिसी के निकट पहुंच गया था। नवदिया घिसी गांव शहर से पांच किलोमीटर दूर है। दो दिन बीतने के बाद भी बाघ नवदिया घिसी गांव में गन्ने के खेत से नहीं हट सका है। रात के समय गन्ने के बाहर बाघ की चहलकदमी भी बनी हुई है।
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रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ की नवदिया घिसी गांव के निकट मौजूदगी बनी हुई है। सुरक्षा के लिहाज के वन विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं।