{"_id":"633c8774884ff6593c2002ec","slug":"wild-animal-pilibhit-news-bly4997895186","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबादी में पहुंचा बाघ, गाय को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आबादी में पहुंचा बाघ, गाय को मार डाला
सार
हरीपुर जंगल से जटपुरा गांव के पास पहुंचे बाघ ने एक गाय को मार डाला।मंगलवार को वन संरक्षक ललित वर्मा ने हकीकत परखने के लिए गांव का दौरा किया।कुछ ग्रामीण बाघ के साथ उसके शावक होने की बात भी कहने लगे।
विज्ञापन
पूरनपुर के गांव जटपुरा में टीम के साथ पहुंचे रेंजर और एकत्र अन्य लोग। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
विस्तार
पूरनपुर। हरीपुर जंगल से जटपुरा गांव के पास पहुंचे बाघ ने एक गाय को मार डाला। सूचना पर पहुंची वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीमों को जांच में बाघ के पगचिह्न मिले। टीम ने गाय के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफन करवा दिया। बाघ की निगरानी को टीम लगाई गई है।
हरीपुर जंगल से करीब 800 मीटर दूर गांव जटपुरा के पास सुशील सिंह ने गाय को एक बाग में घास चरने के लिए बांधा था। जंगल से निकलकर आए बाघ ने गाय पर हमला कर उसे मार डाला और खींच कर गन्ने के खेत में ले जाने लगा। आसपास खेतों में मौजूद लोगों ने शोर-शराबा किया तो बाघ गाय का शव छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। सूचना पर वन एवं वन्य प्रभाग के प्रभारी रेंजर कपिल कुमार टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने गाय के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे दफन करा दिया। उन्होंने बताया कि आसपास बाघ के पगचिह्न मिले हैं। बाघ की निगरानी को टीम को लगाया गया है। घटना को लेकर गांव के लोग दहशत में है।
वहीं घुंघचाई पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव डूडा कॉलोनी नंबर आठ और नौ में सोमवार शाम को बाघ ने कुत्तों को मार डाला। कॉलोनी नंबर नौ निवासी राधेश्याम की पत्नी देईया देवी खेत की रखवाली कर पालतू कुत्ते को साथ लेकर घर लौट रहीं थीं। खेतों से निकला बाघ झपट्टा मारकर कुत्ते को उठा ले गया। दहशत के चलते देईया देवी ने भाग कर जान बचाई। वहीं डूडा कॉलोनी नंबर आठ निवासी लोहा सिंह ने बताया कि रात घर में घुसकर बाघ कुत्ते को उठाकर खेतों में चला गया।
विज्ञापन
------
गांव टांडा सूरत में घूम रहे बाघ ने बढ़ाई दहशत
पीलीभीत। माधोटांडा क्षेत्र के गांव टांडा सूरत में बाघ की चहलकदमी से किसान दहशत में हैं। जंगल से सटे इलाके में बने एक घर के निकट बाघ की पिछले दस दिनों से चहलकदमी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि वन्यजीवों का पीछा कर बाघ जंगल से बाहर निकल रहा है। क्षेत्रीय वनकर्मियों को सूचना देदी गई है।
टांडा सूरत गांव मे किसान सुवेंद्र सिंह का घर जंगल से सटे इलाके में है। किसान का कहना है कि घर में बाउंड्रीवाल तो बनी है, लेकिन खेत खुले हुए है। पिछले दस दिनों से बाघ जंगल से बाहर निकलकर खेतों के रास्ते घर के नजदीक तक आ रहा है। लगातार चहलकदमी के बाद परिवार वाले खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय टीम को मौके पर भेजा गया है। सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। संवाद
---
फार्महाउस के नजदीक दस दिनों से देखी जा रही बाघ की चहलकदमी
माधोटांडा क्षेत्र के टांडा सूरत में बराही रेंज के जंगल से सटे इलाके में एक फार्म हाउस है। किसान का कहना है कि दस दिनों से बाघ जंगल से बाहर निकलकर फार्म हाउस तक पहुंच रहा है। उसकी लगातार मौजूदगी से दहशत बढ़ गई है। क्षेत्रीय वनकर्मियों को जानकारी दी गई है। संवाद
---
फोटो 17
खेत में चलाया तलाशी अभियान, नहीं मिले बाघ के पगचिह्न
बिलसंडा। गांव घुंघचहिया की सीमा में दो दिन पहले गन्ने के खेत में बाघिन और उसके शावक होने को शोर मचा था। मंगलवार को वन संरक्षक ललित वर्मा ने हकीकत परखने के लिए गांव का दौरा किया। क्षेत्रीय स्टाफ के साथ गन्ने के खेत में सर्च अभियान चलाने के साथ ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। अफसरों को मौके पर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एक अक्तूबर को घुंघचहिया गांव की सीमा में गन्ने के खेत में नील गाय के बच्चे का शव मिला था। इसके बाद गांव में बाघ की मौजूदगी का शोर मच गया। कुछ ग्रामीण बाघ के साथ उसके शावक होने की बात भी कहने लगे। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। दावा किया गया कि था बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। जिस खेत की घटना है वहां सियार के पगचिह्न मिले। मंगलवार को वन संरक्षक ललित वर्मा रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी जुटाने के बाद मौका मुआयना किया। इसके अलावा दमुपुरा गांव में भी टीम ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए, मगर सफलता नहीं मिल सकी। रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। अफसरों के निर्देश पर टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। संवाद
विज्ञापन
हरीपुर जंगल से करीब 800 मीटर दूर गांव जटपुरा के पास सुशील सिंह ने गाय को एक बाग में घास चरने के लिए बांधा था। जंगल से निकलकर आए बाघ ने गाय पर हमला कर उसे मार डाला और खींच कर गन्ने के खेत में ले जाने लगा। आसपास खेतों में मौजूद लोगों ने शोर-शराबा किया तो बाघ गाय का शव छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। सूचना पर वन एवं वन्य प्रभाग के प्रभारी रेंजर कपिल कुमार टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने गाय के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे दफन करा दिया। उन्होंने बताया कि आसपास बाघ के पगचिह्न मिले हैं। बाघ की निगरानी को टीम को लगाया गया है। घटना को लेकर गांव के लोग दहशत में है।
विज्ञापन
वहीं घुंघचाई पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव डूडा कॉलोनी नंबर आठ और नौ में सोमवार शाम को बाघ ने कुत्तों को मार डाला। कॉलोनी नंबर नौ निवासी राधेश्याम की पत्नी देईया देवी खेत की रखवाली कर पालतू कुत्ते को साथ लेकर घर लौट रहीं थीं। खेतों से निकला बाघ झपट्टा मारकर कुत्ते को उठा ले गया। दहशत के चलते देईया देवी ने भाग कर जान बचाई। वहीं डूडा कॉलोनी नंबर आठ निवासी लोहा सिंह ने बताया कि रात घर में घुसकर बाघ कुत्ते को उठाकर खेतों में चला गया।
विज्ञापन
------
गांव टांडा सूरत में घूम रहे बाघ ने बढ़ाई दहशत
पीलीभीत। माधोटांडा क्षेत्र के गांव टांडा सूरत में बाघ की चहलकदमी से किसान दहशत में हैं। जंगल से सटे इलाके में बने एक घर के निकट बाघ की पिछले दस दिनों से चहलकदमी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि वन्यजीवों का पीछा कर बाघ जंगल से बाहर निकल रहा है। क्षेत्रीय वनकर्मियों को सूचना देदी गई है।
टांडा सूरत गांव मे किसान सुवेंद्र सिंह का घर जंगल से सटे इलाके में है। किसान का कहना है कि घर में बाउंड्रीवाल तो बनी है, लेकिन खेत खुले हुए है। पिछले दस दिनों से बाघ जंगल से बाहर निकलकर खेतों के रास्ते घर के नजदीक तक आ रहा है। लगातार चहलकदमी के बाद परिवार वाले खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय टीम को मौके पर भेजा गया है। सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। संवाद
---
फार्महाउस के नजदीक दस दिनों से देखी जा रही बाघ की चहलकदमी
माधोटांडा क्षेत्र के टांडा सूरत में बराही रेंज के जंगल से सटे इलाके में एक फार्म हाउस है। किसान का कहना है कि दस दिनों से बाघ जंगल से बाहर निकलकर फार्म हाउस तक पहुंच रहा है। उसकी लगातार मौजूदगी से दहशत बढ़ गई है। क्षेत्रीय वनकर्मियों को जानकारी दी गई है। संवाद
---
फोटो 17
खेत में चलाया तलाशी अभियान, नहीं मिले बाघ के पगचिह्न
बिलसंडा। गांव घुंघचहिया की सीमा में दो दिन पहले गन्ने के खेत में बाघिन और उसके शावक होने को शोर मचा था। मंगलवार को वन संरक्षक ललित वर्मा ने हकीकत परखने के लिए गांव का दौरा किया। क्षेत्रीय स्टाफ के साथ गन्ने के खेत में सर्च अभियान चलाने के साथ ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। अफसरों को मौके पर बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एक अक्तूबर को घुंघचहिया गांव की सीमा में गन्ने के खेत में नील गाय के बच्चे का शव मिला था। इसके बाद गांव में बाघ की मौजूदगी का शोर मच गया। कुछ ग्रामीण बाघ के साथ उसके शावक होने की बात भी कहने लगे। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। दावा किया गया कि था बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। जिस खेत की घटना है वहां सियार के पगचिह्न मिले। मंगलवार को वन संरक्षक ललित वर्मा रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी जुटाने के बाद मौका मुआयना किया। इसके अलावा दमुपुरा गांव में भी टीम ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए, मगर सफलता नहीं मिल सकी। रेंजर पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। अफसरों के निर्देश पर टीम को निगरानी के लिए लगाया गया है। संवाद