{"_id":"604bb4688ebc3edbca3718eb","slug":"wather-pilibhit-news-bly4403651146","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोपहर में छाए घने बादल, 13 कि मी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोपहर में छाए घने बादल, 13 कि मी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। तराई में मौसम ने शुक्रवार को एक बार फिर करवट बदली। सुबह से दोपहर तक तेज धूप खिली रही। दोपहर को अचानक तेज हवा चली और इसके बाद बादल छा गए। इससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।
पिछले महीने से सर्दी कम होने के साथ तेज धूप निकल रही थी। मगर महाशिवरात्रि से एक दिन पूर्व मौसम बदला और बूंदाबांदी के साथ पूरनपुर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे थे। हालांकि ओले पड़ने के एक घंटे बाद ही तेज धूप खिल गई थी।
शुक्रवार को सुबह से मौसम साफ रहा और धूप खिली। मगर दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम बदल गया। पहले तेज हवा चलने के साथ कुछ ही देर में घने बादल छा गए। करीब 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा ने मौसम सुहावना बना दिया। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि इस समय बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि किसान को बारिश से फायदा मिलेगा। अगर ओले गिरते हैं, तो नुकसान होगा। अभी मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले महीने से सर्दी कम होने के साथ तेज धूप निकल रही थी। मगर महाशिवरात्रि से एक दिन पूर्व मौसम बदला और बूंदाबांदी के साथ पूरनपुर के कुछ इलाकों में ओले भी गिरे थे। हालांकि ओले पड़ने के एक घंटे बाद ही तेज धूप खिल गई थी।
विज्ञापन
शुक्रवार को सुबह से मौसम साफ रहा और धूप खिली। मगर दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम बदल गया। पहले तेज हवा चलने के साथ कुछ ही देर में घने बादल छा गए। करीब 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा ने मौसम सुहावना बना दिया। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि इस समय बारिश से फसल को कोई नुकसान नहीं है। बल्कि किसान को बारिश से फायदा मिलेगा। अगर ओले गिरते हैं, तो नुकसान होगा। अभी मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।
विज्ञापन