{"_id":"6a8ca128920d87fe05040b73","slug":"treacherous-routes-brimming-with-water-soldiers-stand-guard-at-the-nepal-border-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-167305-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: पानी से लबालब दुर्गम रास्ते, नेपाल सीमा पर डटे जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: पानी से लबालब दुर्गम रास्ते, नेपाल सीमा पर डटे जवान
विज्ञापन
शारदा पार गश्त करते एसएसबी और पीटीआर की टीम। स्रोत पीटीआर
शारदा नदी पार भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी व्यवस्था हुई और कड़ी, जंगल से नदी किनारे तक संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर
कलीनगर। बारिश के बीच शारदा नदी पार भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम और बीहड़ इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। सोमवार को एसएसबी और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने संयुक्त रूप से गश्त की। पानी से भरे रास्तों, कीचड़ और घने जंगल के बीच जवानों ने पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। नदी किनारे से लेकर जंगल के अंदर तक आवाजाही वाले रास्तों को खंगाला गया और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के पार भारत-नेपाल सीमा से लगा इलाका भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम है। एक ओर शारदा नदी का फैलाव है तो दूसरी ओर जंगल और बीहड़ रास्ते। बारिश में कई पगडंडियां पानी में डूब जाती हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में निगरानी और गश्त करना जवानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद एसएसबी और पीटीआर की टीम लगातार संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर निगरानी कर रही है। संवाद
--
सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर नजर
भारत-नेपाल सीमा से लगा यह क्षेत्र जंगल और नदी से घिरा होने के कारण संवेदनशील है। दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर अनधिकृत गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए एसएसबी के जवानों ने सीमा क्षेत्र में आवाजाही करने वालों पर नजर रखी। पीटीआर की टीम ने जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह ने बताया सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए संयुक्त गश्त का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। बरसात में पानी और दुर्गम रास्तों की चुनौती के बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचकर निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलीनगर। बारिश के बीच शारदा नदी पार भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम और बीहड़ इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। सोमवार को एसएसबी और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीम ने संयुक्त रूप से गश्त की। पानी से भरे रास्तों, कीचड़ और घने जंगल के बीच जवानों ने पैदल चलकर सीमा क्षेत्र का जायजा लिया। नदी किनारे से लेकर जंगल के अंदर तक आवाजाही वाले रास्तों को खंगाला गया और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी के पार भारत-नेपाल सीमा से लगा इलाका भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम है। एक ओर शारदा नदी का फैलाव है तो दूसरी ओर जंगल और बीहड़ रास्ते। बारिश में कई पगडंडियां पानी में डूब जाती हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में निगरानी और गश्त करना जवानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसके बावजूद एसएसबी और पीटीआर की टीम लगातार संवेदनशील इलाकों में पहुंचकर निगरानी कर रही है। संवाद
विज्ञापन
सीमा पार से होने वाली आवाजाही पर नजर
भारत-नेपाल सीमा से लगा यह क्षेत्र जंगल और नदी से घिरा होने के कारण संवेदनशील है। दुर्गम रास्तों का फायदा उठाकर अनधिकृत गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए एसएसबी के जवानों ने सीमा क्षेत्र में आवाजाही करने वालों पर नजर रखी। पीटीआर की टीम ने जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। डीएफओ पीटीआर मनीष सिंह ने बताया सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए संयुक्त गश्त का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। बरसात में पानी और दुर्गम रास्तों की चुनौती के बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचकर निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन