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पीलीभीत: नेपाल से शारदा नदी पार कर भारतीय सीमा में घुसा गैंडा, फसलों को पहुंचाया नुकसान

Sun, 20 Sep 2026 02:32 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Sun, 20 Sep 2026 02:32 PM IST
सार

पीलीभीत जिले में नेपाल से आए एक गैंडे ने कलीनगर तहसील के महाराजपुर क्षेत्र में किसानों की तैयार फसलें रौंद दी हैं। बीते कई दिनों से गैंडे की आवाजाही से किसान चिंतित हैं। वे रात में खेतों की रखवाली कर रहे हैं।  

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rhinoceros crossed the Sharda River from Nepal and entered pilibhit
गैंडा (फाइल)

विस्तार

पीलीभीत जिले के सीमावर्ती गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से नेपाल के जंगल से एक गैंडा शारदा नदी पार करके भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया। कलीनगर तहसील के ढकिया तालुका महाराजपुर क्षेत्र में इस गैंडे की मौजूदगी देखी गई। खेतों में इसके घुसने से किसानों की तैयार खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। 
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ग्रामीणों ने बताया कि गैंडे की आवाजाही पिछले कई दिनों से जारी है। शुक्रवार रात भी गैंडे ने नदी पार कर महाराजपुर क्षेत्र के खेतों में घुसकर फसलों को रौंद दिया। लगातार हो रहे नुकसान के कारण किसान चिंतित हैं। अपनी आजीविका और फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए किसान रात के समय भी खेतों की रखवाली करने को विवश हैं। रात के अंधेरे में खेतों की निगरानी करने से सुरक्षा का जोखिम बना रहता है, लेकिन फसलों को बचाने के लिए ग्रामीण यह खतरा मोल ले रहे हैं।
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह इलाका जंगलों और नदी से सटा होने के कारण काफी संवेदनशील है। यहां पहले से ही जंगली हाथियों का झुंड अक्सर आबादी और खेतों की ओर आता रहा है। हाथियों की समस्या से किसान पहले से ही जूझ रहे थे और अब गैंडे की दस्तक ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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वन विभाग की टीम सतर्क 
मामले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम सतर्क हो गई है। विभागीय कर्मचारी प्रभावित क्षेत्र में गश्त और निगरानी कर रहे हैं। वन विभाग का प्रयास है कि गैंडे की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ इस वन्यजीव को बिना किसी नुकसान के वापस नेपाल के जंगलों की ओर भेजा जा सके। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही रहती है।
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