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Pilibhit News: खुद दर्द से गुजर रहा ट्रामा सेंटर, हड्डी संबंंधी मरीजों को रैंप का सहारा
Thu, 16 Oct 2025 11:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:34 PM IST
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पीलीभीत। जिला अस्पताल परिसर का ट्रामा सेंटर अनदेखी और उपेक्षा का शिकार है। हड्डी संबंधी मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की जिम्मेदारों संभालने वाला यह ट्रामा खुद ही दर्द से गुजर रहा है। ट्रामा सेंटर में न तो संसाधन है न ही पर्याप्त स्टाफ। मरीजों को अव्यवस्थाओं के दर्द से दो-चार होना पड़ रहा है। बिना स्ट्रेचर, व्हीलचेयर के मरीज रैंप पर घिसट कर ट्रामा सेंटर तक पहुंचते हैं।
ट्रामा सेंटर में मरीजों को आपातकालीन स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। इसकी बेहतर सेवाओं के लिए ही 17 अक्तूबर को विश्व ट्रामा दिवस मनाया जाता है। मगर, मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में बने ट्रामा सेंटर की स्वास्थ्य सेवाएं कागजों पर ही चकाचक हैं।
मरीजों को ट्रामा सेंटर पहुंचने से लेकर जांच और इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ट्रामा सेंटर में न तो पर्याप्त स्ट्रेचर है और न ही व्हीलचेयर। मरीज रैंप के सहारे घिसटकर अंदर पहुंचते हैं। सबसे अधिक समस्या प्रत्येक सोमवार को लगने वाले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में आने वाले दिव्यांगजन को होती है। एक्सरे और अन्य जांच के लिए ट्रामा सेंटर से जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
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काफी देर दूर होने के चलते मरीजों को परामर्श के बाद ओपीडी ब्लॉक तक जाने में भी दिक्कतों से गुजरना पड़ता है जबकि एक्सरे की जांच ट्रामा सेंटर में ही होनी चाहिए। स्टाफ की समस्या भी ट्रामा सेंटर में बनी रहती है। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि ट्रामा सेंटर में व्हील चेयर, स्ट्रेचर और अन्य व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।
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ट्रामा सेंटर में मरीजों को आपातकालीन स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। इसकी बेहतर सेवाओं के लिए ही 17 अक्तूबर को विश्व ट्रामा दिवस मनाया जाता है। मगर, मेडिकल काॅलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में बने ट्रामा सेंटर की स्वास्थ्य सेवाएं कागजों पर ही चकाचक हैं।
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मरीजों को ट्रामा सेंटर पहुंचने से लेकर जांच और इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ट्रामा सेंटर में न तो पर्याप्त स्ट्रेचर है और न ही व्हीलचेयर। मरीज रैंप के सहारे घिसटकर अंदर पहुंचते हैं। सबसे अधिक समस्या प्रत्येक सोमवार को लगने वाले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में आने वाले दिव्यांगजन को होती है। एक्सरे और अन्य जांच के लिए ट्रामा सेंटर से जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
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काफी देर दूर होने के चलते मरीजों को परामर्श के बाद ओपीडी ब्लॉक तक जाने में भी दिक्कतों से गुजरना पड़ता है जबकि एक्सरे की जांच ट्रामा सेंटर में ही होनी चाहिए। स्टाफ की समस्या भी ट्रामा सेंटर में बनी रहती है। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि ट्रामा सेंटर में व्हील चेयर, स्ट्रेचर और अन्य व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा।