पीलीभीत: 60 साल पुराने रास्ते पर दीवार बनाने का आरोप, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, डीएम को दिया शिकायत पत्र
पीलीभीत की सदर तहसील के बरहा गांव में 60 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खड़ी करने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा।
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पीलीभीत के सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम बरहा (राजीव कॉलोनी) में करीब छह दशक पुराने सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खड़ी कर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। सपा के पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस रास्ते का इस्तेमाल करीब 60 वर्षों से आवागमन के लिए किया जा रहा है, उसे रातोंरात दीवार खड़ी कर बंद कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कब्जे के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि कब्जा करने वाला व्यक्ति भाजपा का बूथ अध्यक्ष है और सत्ता पक्ष के दबाव में कार्रवाई की गई।
पंचायत में 45 लाख रुपये जुटाने की बात कहने का आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि मामले को लेकर हुई पंचायत में एसडीएम की ओर से रास्ता खुलवाने के लिए ग्रामीणों से 45 लाख रुपये चंदा एकत्र कर कब्जाधारक को देने की बात कही गई थी। ग्रामीणों ने इस आरोप की जांच कराने की मांग भी की।
सरकारी कार्य होने का दिया हवाला
पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि जिस रास्ते को बंद किया गया है, वहां सरकारी धन से दो बार खड़ंजा निर्माण कराया जा चुका है। इसके अलावा रास्ते से पेयजल की पाइपलाइन और 33 केवी बिजली लाइन भी गुजर रही है। ऐसे में सार्वजनिक रास्ते को बंद किया जाना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और रास्ता खुलवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
एसडीएम के बयान पर भड़के ग्रामीण
विरोध के बीच सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह ग्रामीणों को समझाने मौके पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि चुनाव आने वाले हैं। इस पर ग्रामीण और महिलाएं नाराज हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों पुराने रास्ते की समस्या का चुनाव से क्या संबंध है। मौके पर काफी देर तक ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच बातचीत होती रही। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ते पर बनाई गई दीवार हटवाने और सार्वजनिक आवागमन बहाल कराने की मांग की।