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तीन लाख तक कृषि लोन पर नहीं लगेंगे कोई चार्ज
पीलीभीत।
Updated Tue, 07 Jul 2015 12:07 AM IST
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आरबीआई के निर्देश के बावजूद जिले में तीन लाख तक कृषि ऋण लेने पर विभिन्न चार्ज के नाम पर किसानों से कटौती की जा रही है। इस पर बैंकर्स समिति की बैठक में इस पर रोक लगाने की मांग का प्रस्ताव पारित कर आरबीआई, नाबार्ड और केंद्र सरकार को भेजा है।
बैंकों से कृषि एवं अन्य किसी प्रकार का ऋण लेने के लिए ग्राहकों से प्रोसेसिंग, सर्विस, एकाउंट ट्रांसफर सहित विभिन्न मदों (चार्ज) में कटौती की जाती है, जबकि आरबीआई के नियम के तहत तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण लेने पर किसी भी प्रकार का चार्ज किसानों से नहीं लिया जा सकता। नियम विरुद्ध तरीके से बैंकों द्वारा की जा रही कटौती की जानकारी पिछले दिनों डीएम की अध्यक्षता में हुई बैंकर्स समिति की बैठक में सामने आई। इसको गलत बताते हुए रोक लगाने की मांग की गई। डीएम ने उपनिदेशक कृषि एके सिंह और डीडीएम नाबार्ड एके रावत से इसकी जांच कराई जिसमें विभिन्न चार्जों के नाम पर कटौती का मामला सही पाया गया। इस पर डीएम ने भारतीय रिजर्ब बैंक, नाबार्ड के चेयरमैन और वित्त मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजा, जिसमें नियम कटौती को बंद कराने मांग की गई।
यह लगाए जा रहे हैं चार्ज
प्रोसेसिंग चार्ज
इंस्पेक्शन चार्ज
ट्रांसफर चार्ज
एकाउंट कीपिंग चार्ज
डाक्यूमेंटेशन चार्ज
एसएमएस चार्ज
सर्विस चार्ज
------
बैंकों से ऋण स्वीकृति पर चार्ज के नाम कटौती किए जाने की जानकारी मिली है। इसे बंद कराने को आरबीआई, नाबार्ड और वित्त मंत्रालय को लिखा गया है। रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय ही इस पर निर्णय ले सकता है।
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- ओम नरायण सिंह, डीएम
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बैंकों से कृषि एवं अन्य किसी प्रकार का ऋण लेने के लिए ग्राहकों से प्रोसेसिंग, सर्विस, एकाउंट ट्रांसफर सहित विभिन्न मदों (चार्ज) में कटौती की जाती है, जबकि आरबीआई के नियम के तहत तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण लेने पर किसी भी प्रकार का चार्ज किसानों से नहीं लिया जा सकता। नियम विरुद्ध तरीके से बैंकों द्वारा की जा रही कटौती की जानकारी पिछले दिनों डीएम की अध्यक्षता में हुई बैंकर्स समिति की बैठक में सामने आई। इसको गलत बताते हुए रोक लगाने की मांग की गई। डीएम ने उपनिदेशक कृषि एके सिंह और डीडीएम नाबार्ड एके रावत से इसकी जांच कराई जिसमें विभिन्न चार्जों के नाम पर कटौती का मामला सही पाया गया। इस पर डीएम ने भारतीय रिजर्ब बैंक, नाबार्ड के चेयरमैन और वित्त मंत्रालय भारत सरकार को पत्र भेजा, जिसमें नियम कटौती को बंद कराने मांग की गई।
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यह लगाए जा रहे हैं चार्ज
प्रोसेसिंग चार्ज
इंस्पेक्शन चार्ज
ट्रांसफर चार्ज
एकाउंट कीपिंग चार्ज
डाक्यूमेंटेशन चार्ज
एसएमएस चार्ज
सर्विस चार्ज
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बैंकों से ऋण स्वीकृति पर चार्ज के नाम कटौती किए जाने की जानकारी मिली है। इसे बंद कराने को आरबीआई, नाबार्ड और वित्त मंत्रालय को लिखा गया है। रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय ही इस पर निर्णय ले सकता है।
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- ओम नरायण सिंह, डीएम