फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   "The government is forced to strike '

‘हड़ताल के लिए मजबूर कर रही है सरकार’  

Fri, 13 May 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Fri, 13 May 2016 10:34 PM IST
विज्ञापन
एनई रेलवे मजूदर यूनियन (नरमू) के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता से देश में रेलवे कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं। सातवें वेतन आयोग की जो रिपोर्ट सरकार ने प्रस्तुत की है, उसके मुताबिक कर्मचारियों को 1050 रुपये कम वेतन मिलेगा।
विज्ञापन

वह रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार को कर्मचारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद 1500 रुपये जीआईएस और 1800 रुपये न्यू पेंशन स्कीम के काटे जाएंगे। इससे कर्मचारियों को वर्तमान में मिल रहे वेतन से कम वेतन मिलने लगेगा। यहीं नहीं कर्मचारियों को मिल रहे 52 प्रकार के भत्तों पर भी रोक लगाने की सिफारिश की गई है। कहा, आवास किराया भत्ता, कम किया जाना, सरकार की मजदूर विरोधी नीति का सूचक है। बोनस की मांग को लेकर वर्ष 1974 में 23 दिन तक हड़ताल की गई थी। अब नौ जून को केंद्र सरकार को नोटिस देकर पुन: हड़ताल का बिगुल बजाया जाएगा। इसके तहत 11 जुलाई को प्रात: छह बजे से अनिश्वितकालीन हड़ताल का फैसला किया जा चुका है। यदि सरकार कोई समझौता नहीं करती है तो हड़ताल को रोकना असंभव होगा। मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि टैंक मैन्स के 150 रिक्त पद 17 अगस्त के बाद तत्काल भर दिए जाएंगे। शाखा मंत्री हुकुम सिंह ने कहा कि शीघ्र ही संपूर्ण बीसलपुर उपमंडल का दौरा कर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण कराया जाएगा। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, शाखा अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव, शाखामंत्री सोमनाथ बनर्जी, चंद्रप्रकाश साहू, पीके चतुर्वेदी, ईश्वरचंद, अर्जुन, नरेंद्र कुमार, रामभजन मीना, बलवीर सिंह, चंद्रभूषण, भानुप्रकाश, राजकुमार, इमरान शाह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed