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Pilibhit News: कमरे में फंदे से लटका मिला युवक का शव
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बबलू का फाइल फोटो
- फोटो : Archive
बीसलपुर। गांव गुलैंदा में बबलू राजपूत (30) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में छत के कुंडे पर फंदे से लटका मिला। बताया जा रहा है कि ससुराल में हुए अपमान की वजह से बबलू ने आत्महत्या की है।
पिता रोशन लाल राजपूत ने बताया कि उनके पुत्र बबलू राजपूत का विवाह करीब 10 वर्ष पूर्व शाहजहांपुर के थाना पुवायां के ग्राम बड़गांव की किरन देवी से हुआ था। पति-पत्नी के बीच मतभेद थे। इसी कारण किरन ज्यादातर अपने मायके में ही रहती थी। ससुराल में बहुत कम ही आती थी। किरन 17 अप्रैल को वह अपने मायके में चली गई थी। वह अपने सारे जेवर और अपने दोनों बच्चे भी ले गई। जाते समय कह गई थी कि यदि बबलू उसे लेने आया तो कड़ा सबक सिखाया जाएगा। बबलू सात मई को अपनी ससुराल से पत्नी को लेने गया था।
आरोप लगाया कि ससुरालियों और उसकी पत्नी ने बबलू को बांधकर पीटा था। अगले दिन शुक्रवार को बबलू लौट आया था। उसने परिजन को पूरे मामले की जानकारी दी थी। ससुराल से लौटने के बाद बबलू काफी गुमसुम हो गया था। उसने शुक्रवार की रात भोजन भी नहीं किया। रात लगभग 10:30 बजे उसका छोटा भाई सतीश जब खाना खाने के लिए अपने भाई को बुलाने गया, तब उसने ऊपरी मंजिल वाले कमरे में बबलू का शव साड़ी से बने फंदे से लटका देखा। इस घटना से परिजनों में चीखपुकार मच गई।
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सूचना मिलते ही रात लगभग 12 बजे कोतवाल संजीव शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव फंदे से उतरवाकर रात में पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने शनिवार को दोपहर पोस्टमाॅर्टम करने के बाद शव परिजन को सौंप दिया। शाम को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना से मृतक के पिता रोशन लाल, मां माया देवी, भाई नंदकिशोर, राजेश कुमार, सतीश कुमार, बहन अंजू देवी, सुनीता देवी और गुड्डी रोते-रोते हाल बेहाल रहा।
कोतवाल का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या जांच में मामला आत्महत्या पाया गया। अभी शव की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। मृतक के परिजन की ओर से तहरीर भी नहीं मिली। संवाद
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पिता रोशन लाल राजपूत ने बताया कि उनके पुत्र बबलू राजपूत का विवाह करीब 10 वर्ष पूर्व शाहजहांपुर के थाना पुवायां के ग्राम बड़गांव की किरन देवी से हुआ था। पति-पत्नी के बीच मतभेद थे। इसी कारण किरन ज्यादातर अपने मायके में ही रहती थी। ससुराल में बहुत कम ही आती थी। किरन 17 अप्रैल को वह अपने मायके में चली गई थी। वह अपने सारे जेवर और अपने दोनों बच्चे भी ले गई। जाते समय कह गई थी कि यदि बबलू उसे लेने आया तो कड़ा सबक सिखाया जाएगा। बबलू सात मई को अपनी ससुराल से पत्नी को लेने गया था।
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आरोप लगाया कि ससुरालियों और उसकी पत्नी ने बबलू को बांधकर पीटा था। अगले दिन शुक्रवार को बबलू लौट आया था। उसने परिजन को पूरे मामले की जानकारी दी थी। ससुराल से लौटने के बाद बबलू काफी गुमसुम हो गया था। उसने शुक्रवार की रात भोजन भी नहीं किया। रात लगभग 10:30 बजे उसका छोटा भाई सतीश जब खाना खाने के लिए अपने भाई को बुलाने गया, तब उसने ऊपरी मंजिल वाले कमरे में बबलू का शव साड़ी से बने फंदे से लटका देखा। इस घटना से परिजनों में चीखपुकार मच गई।
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सूचना मिलते ही रात लगभग 12 बजे कोतवाल संजीव शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव फंदे से उतरवाकर रात में पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने शनिवार को दोपहर पोस्टमाॅर्टम करने के बाद शव परिजन को सौंप दिया। शाम को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना से मृतक के पिता रोशन लाल, मां माया देवी, भाई नंदकिशोर, राजेश कुमार, सतीश कुमार, बहन अंजू देवी, सुनीता देवी और गुड्डी रोते-रोते हाल बेहाल रहा।
कोतवाल का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या जांच में मामला आत्महत्या पाया गया। अभी शव की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट नहीं आई है। मृतक के परिजन की ओर से तहरीर भी नहीं मिली। संवाद