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Pilibhit News: स्टूल कल्चर-सेंसिटिविटी जांच से बची युवक की जान, पांच दिन तक चला उपचार

Sat, 30 May 2026 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 12:55 AM IST
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Stool culture-sensitivity test saved the life of a young man, who underwent treatment for five days.
पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शुरू की गई स्टूल माइक्रोस्कोपी और कल्चर-सेंसिटिविटी जांच सुविधा मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। नई सुविधा के जरिए गंभीर संक्रमण से पीड़ित 21 वर्षीय युवक की समय रहते बीमारी की पहचान कर उसका सफल उपचार किया गया। युवक को पांच दिन बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार युवक को बार-बार दस्त आने, मल में खून, तेज बुखार, पेट में मरोड़ और दुर्गंधयुक्त मल की शिकायत के साथ आईसीयू में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय वह गंभीर निर्जलीकरण की स्थिति में था। हालत को देखते हुए आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने तत्काल उपचार शुरू कराया और जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका वर्मा के नेतृत्व में नई स्थापित स्टूल माइक्रोस्कोपी और कल्चर-सेंसिटिविटी सुविधा के माध्यम से जांच की गई।
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रिपोर्ट में शिगेला जीवाणु की पुष्टि हुई, इससे मरीज को शिगेला डिसेंट्री होने का पता चला। इसके बाद संवेदनशीलता रिपोर्ट के आधार पर लक्षित एंटीबायोटिक उपचार शुरू किया गया। उपचार का असर तेजी से दिखा और मरीज की स्थिति में लगातार सुधार होता गया।
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चिकित्सकों के अनुसार रक्तयुक्त दस्त जैसे मामलों में समय पर सही जांच और उपचार बेहद जरूरी होता है। मरीज को पहले गंभीर निर्जलीकरण से बाहर निकाला गया, फिर संक्रमण के अनुसार दवा देकर उपचार किया गया। इससे मरीज को जल्द राहत मिली और पांच दिन में पूरी तरह स्वस्थ हो गया।
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नई सुविधा से मरीजों को मिलेंगी उच्च स्तरीय जांच सेवाएं
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को उच्चस्तरीय जांच सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे रोगों की सटीक पहचान और एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत उपयोग में मदद मिलेगी। मीडिया प्रभारी डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि यह सफलता आईसीयू और डायग्नोस्टिक विभागों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने कहा कि एएसएमसी में अब जटिल संक्रामक रोगों की जांच और उपचार के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। संवाद

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डिसेंट्री के लक्षण दिखें तो तुरंत पहुंचें अस्पताल
डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि डिसेंट्री दूषित भोजन और पानी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। यदि दस्त के साथ खून या श्लेष्मा आए, तेज बुखार, पेट दर्द या निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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