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बाढ़ को लेकर बढ़ीं शारदा पार के बाशिंदों की चिंताएं
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Tue, 21 Jun 2016 11:21 PM IST
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शारदा नदी पार करके लोग।
- फोटो : pilibhit, beureu
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शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से शारदा पार इलाके के वाशिंदों की बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। इस इलाके के लोगों ने नावों से खाद्यान्न सामग्री और अन्य सामान का स्टाक करना शुरू कर दिया है।
शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को अचानक बढ़ गया था, जिससे बाढ़ नियंत्रण कार्य तो प्रभावित हो ही गए थे, साथ ही पानी बढ़ने से नदी के पार रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गुन्हान क्षेत्र के लोग अपने खाने-पीने का सामान लेने के लिए नदी के इस पार नावों के जरिए आना शुरू हो गए हैं। उनकी चिंताएं भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर बढ़ने लगी हैं। यह इलाका बाढ़ के समय पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। खासतौर पर सर्वाधिक थारू जनजाति का इलाका बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। शारदा पार इलाके के किसानों ने तेजी से अपनी धान की फसलों की रोपाई शुरू कर दी है। किसानों के मुताबिक यदि पानी बढ़ गया तो फसलें पैदा नहीं हो पाएंगी। यह इलाका एक ओर शारदा नदी तो दूसरी ओर चौहदर नदी के बीच टापू के रूप में बसा है। वर्तमान में यहां लगभग सौ से अधिक थारू जनजाति व करीब डेढ़ सौ परिवार पूर्वांचल के निवास करते हैं। बरसात अधिक होने या बाढ़ के दौरान यह लोग शारदा डैम के किनारे आकर अस्थाई रूप से रहते हैं।
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शारदा नदी का जलस्तर सोमवार को अचानक बढ़ गया था, जिससे बाढ़ नियंत्रण कार्य तो प्रभावित हो ही गए थे, साथ ही पानी बढ़ने से नदी के पार रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर व गुन्हान क्षेत्र के लोग अपने खाने-पीने का सामान लेने के लिए नदी के इस पार नावों के जरिए आना शुरू हो गए हैं। उनकी चिंताएं भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर बढ़ने लगी हैं। यह इलाका बाढ़ के समय पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। खासतौर पर सर्वाधिक थारू जनजाति का इलाका बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। शारदा पार इलाके के किसानों ने तेजी से अपनी धान की फसलों की रोपाई शुरू कर दी है। किसानों के मुताबिक यदि पानी बढ़ गया तो फसलें पैदा नहीं हो पाएंगी। यह इलाका एक ओर शारदा नदी तो दूसरी ओर चौहदर नदी के बीच टापू के रूप में बसा है। वर्तमान में यहां लगभग सौ से अधिक थारू जनजाति व करीब डेढ़ सौ परिवार पूर्वांचल के निवास करते हैं। बरसात अधिक होने या बाढ़ के दौरान यह लोग शारदा डैम के किनारे आकर अस्थाई रूप से रहते हैं।
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