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बारिश के साथ आलोवृष्टि, सरसों और मटर के साथ कई फसलों को नुकसान
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पीलीभीत। मौसम का मिजाज बृहस्पतिवार को इस कदर बिगड़ा कि बारिश के साथ ओले भी पड़े। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से न केवल ठंड बढ़ी बल्कि किसानों के चेहरे पर मायूसी भी छा गई। सरसों, मटर, आलू, दलहन समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ आम के बौर पर भी प्रभाव पड़ा। गेेहूं की फसल को कम नुकसान हुआ। लेकिन बारिश और हुई तो गेेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। शुक्रवार को भी बारिश और ओले पड़ने की आशंका जताई गई है।
मौसम बुधवार से ही खराब था। बुधवार को पूरे दिन धूप नहीं खिली। बृहस्पतिवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। पूरे जिले में रुक रुककर बारिश हुई। कई जगह तेज बारिश हुई। बारिश किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हुई। इन दिनों, मटर, सरसों की फसल पकने वाली है। दूसरी तरफ आलू की फसल भी तैयार है। खेतों में पानी भरने से इन दोनों फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। आम के बागों को भी नुकसान होने का अनुमान है। जनवरी- फरवरी में आम का बौर आता है, पीलीभीत में आम के बागों की संख्या अच्छी खासी है। इन बागों को भी नुकसान हुआ है। जिले में बड़े स्तर पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। इन दिनों गेहूं में बाली बन रही है, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल गिर गई। इससे फसल के उत्पादन पर प्रभावित हो सकता है। ओलावृष्टि से पौधा टूट सकता है, मटर और सरसों की फली भी फट सकती है। शुक्रवार को भी बारिश का अनुमान है, अगर इसी तरह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो नुकसान बढ़ सकता है।
बीस मिलीमीटर हुई बारिश
मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ढाका के अनुसार अब तक बीस मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस मौसम की बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। बताया कि शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं। औसत बारिश का आंकड़ा चालीस एमएम तक पहुंच सकता है।
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बारिश के साथ ठंड भी बढ़ी
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से ठंड भी बढ़ गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा था। बृहस्पतिवार को पारा तीन डिग्री लुढ़ककर 14 पर आ गया। न्यूनतम पारा 12 डिग्री सेल्सियस रहा। ओलावृष्टि होने के बाद अब तापमान में और गिरावट आ सकती है जिसे ठंड बढ़ने की संभावना है।
सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार के अनुसार बारिश से अभी सरसों, मटर और दलहन की फसलों को ही थोड़ा नुकसान होगा। अगर बारिश और होती है तो गेहूं की फसल पर भी प्रभाव पड़ेगा। दूसरी तरफ गन्ने की फसल को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसान सरसों और मटर के खेत में अगर पानी हो तो उसे निकाल दें। जो फसल गिर जाएगी उसमें ज्यादा नुकसान होगा।
बरखेड़ा : तेज हवाओं के साथ हुई बारिश
बरखेड़ा। कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में बृहस्पतिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़े। पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में गेहूं की फसल झुक गई। खेतों में पानी भरने से आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
क्षति का आकलन करेंगे राजस्वकर्मी
कलीनगर/ बीसलपुर/मझोला। मौसम का मिजाज बदला तो बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया खास, मत्थना जप्ती और माधोटांडा क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। बारिश, हवा और ओलावृष्टि होने से किसानों के चेहरे मुरझा गए। किसानों का कहना है कि सरसों की फसल के नष्ट होने की संभावना अधिक बढ़ गई। एसडीएम संदीप यादव ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान की स्थिति को परखने के राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। बीसलपुर में बारिश से नगर में कुछ स्थानों पर जलभराव हो गया। गांव बरसिया निवासी भूपेंद्र सिंह के खेत की मेड़ पर खड़े शीशम के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। ओलावृष्टि से गेहूं और लाही की फसल को नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपालों को अपने अपने क्षेत्रों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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मौसम बुधवार से ही खराब था। बुधवार को पूरे दिन धूप नहीं खिली। बृहस्पतिवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। पूरे जिले में रुक रुककर बारिश हुई। कई जगह तेज बारिश हुई। बारिश किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हुई। इन दिनों, मटर, सरसों की फसल पकने वाली है। दूसरी तरफ आलू की फसल भी तैयार है। खेतों में पानी भरने से इन दोनों फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। आम के बागों को भी नुकसान होने का अनुमान है। जनवरी- फरवरी में आम का बौर आता है, पीलीभीत में आम के बागों की संख्या अच्छी खासी है। इन बागों को भी नुकसान हुआ है। जिले में बड़े स्तर पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। इन दिनों गेहूं में बाली बन रही है, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल गिर गई। इससे फसल के उत्पादन पर प्रभावित हो सकता है। ओलावृष्टि से पौधा टूट सकता है, मटर और सरसों की फली भी फट सकती है। शुक्रवार को भी बारिश का अनुमान है, अगर इसी तरह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई तो नुकसान बढ़ सकता है।
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बीस मिलीमीटर हुई बारिश
मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ढाका के अनुसार अब तक बीस मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस मौसम की बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। बताया कि शुक्रवार को भी बारिश के आसार हैं। औसत बारिश का आंकड़ा चालीस एमएम तक पहुंच सकता है।
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बारिश के साथ ठंड भी बढ़ी
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से ठंड भी बढ़ गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा था। बृहस्पतिवार को पारा तीन डिग्री लुढ़ककर 14 पर आ गया। न्यूनतम पारा 12 डिग्री सेल्सियस रहा। ओलावृष्टि होने के बाद अब तापमान में और गिरावट आ सकती है जिसे ठंड बढ़ने की संभावना है।
सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार के अनुसार बारिश से अभी सरसों, मटर और दलहन की फसलों को ही थोड़ा नुकसान होगा। अगर बारिश और होती है तो गेहूं की फसल पर भी प्रभाव पड़ेगा। दूसरी तरफ गन्ने की फसल को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसान सरसों और मटर के खेत में अगर पानी हो तो उसे निकाल दें। जो फसल गिर जाएगी उसमें ज्यादा नुकसान होगा।
बरखेड़ा : तेज हवाओं के साथ हुई बारिश
बरखेड़ा। कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में बृहस्पतिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़े। पूरे दिन रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश और ओलावृष्टि से क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में गेहूं की फसल झुक गई। खेतों में पानी भरने से आलू की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
क्षति का आकलन करेंगे राजस्वकर्मी
कलीनगर/ बीसलपुर/मझोला। मौसम का मिजाज बदला तो बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया खास, मत्थना जप्ती और माधोटांडा क्षेत्र में ओलावृष्टि भी हुई। बारिश, हवा और ओलावृष्टि होने से किसानों के चेहरे मुरझा गए। किसानों का कहना है कि सरसों की फसल के नष्ट होने की संभावना अधिक बढ़ गई। एसडीएम संदीप यादव ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान की स्थिति को परखने के राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। बीसलपुर में बारिश से नगर में कुछ स्थानों पर जलभराव हो गया। गांव बरसिया निवासी भूपेंद्र सिंह के खेत की मेड़ पर खड़े शीशम के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। ओलावृष्टि से गेहूं और लाही की फसल को नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपालों को अपने अपने क्षेत्रों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। संवाद