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रेलवे ने आपात स्थिति से निपटने को किया मॉक ड्रिल
पीलीभीत
Updated Wed, 28 Oct 2015 11:38 PM IST
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टनकपुर से पीलीभीत आ रही पूजा एक्सप्रेस बुधवार दोपहर रेलवे यार्ड में पटरी से उतर गई। जिसमें यात्रियों से भरी एक कोच धराशायी हो गया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ समेत बचाव दल के सदस्यों ने कोच को काटकर भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायलों को रेफर किया गया है। बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा।
यह हादसा स्थानीय रेलवे स्टेशन के समीप पूर्वी यार्ड का था, लेकिन फर्क इतना था कि यह कोई वास्तविक दुघर्टना नहीं बल्कि रेलवे का मॉक ड्रिल था। बुधवार सांय करीब 3.25 बजे पूजा एक्सप्रेस डिरेल होने की सूचना रेलवे कंट्रोल पर प्रसारित की गई। सायरन बजते ही एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत बल), आरपीएफ, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, कार्मशियल, कैरिज एंड बैगन, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी कर्मचारी घटनास्थल पर जा पहुंचे। एनडीआरएफ टीम ने गैस व हाइड्रोलिक कटर से धराशायी हुए कोच के आपातकालीन खिड़कियों को काटना शुरू कर दिया।
टीम सदस्यों ने 15 मिनट में आपातकालीन खिड़की व दरवाजों को खोलकर फेंस यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया गया। स्ट्रेचर के माध्यम से घायलों को मेडिकल कैंप लाया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया। दुघर्टना सहायता यान, मेडिकल वैन भी मौके पर पहुंच गई। इस बीच एडीआरएम सोमेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने बचाव कार्य का जायजा लिया।
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इस दौरान सिविल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एनडीआरएफ ने विक्टिम लोकेटर कैमरे के माध्यम से कोच के चप्पे चप्पे की जांच की। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों के अधिकारी घटना में मारे गए यात्रियों, घायलों आदि की जानकारी लेते देखे गए। वहीं सिविल डिफेंस, रेलवे स्काउट गाइड टीम के सदस्य बचाव कार्य में लगे रहे। मॉक ड्रिल के दौरान दुघर्टना में दस यात्रियों के शव निकालने एवं 12 घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया।
11 एनडीआरएफ के ग्रुप कंमाडर राणा संग्राम सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल में 40 जवान शामिल है। वहीं ट्रेनिंग में शामिल 30 जवान भी शामिल रहे। सिविल डिफेंस के इंचार्ज आरके उपाध्याय ने बताया कि ड्रिल में 26 सदस्यों ने भाग लिया। समाचार लिखे जाने तक मॉक ड्रिल जारी रहा।
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यह हादसा स्थानीय रेलवे स्टेशन के समीप पूर्वी यार्ड का था, लेकिन फर्क इतना था कि यह कोई वास्तविक दुघर्टना नहीं बल्कि रेलवे का मॉक ड्रिल था। बुधवार सांय करीब 3.25 बजे पूजा एक्सप्रेस डिरेल होने की सूचना रेलवे कंट्रोल पर प्रसारित की गई। सायरन बजते ही एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा राहत बल), आरपीएफ, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग, कार्मशियल, कैरिज एंड बैगन, विद्युत आदि विभागों के अधिकारी कर्मचारी घटनास्थल पर जा पहुंचे। एनडीआरएफ टीम ने गैस व हाइड्रोलिक कटर से धराशायी हुए कोच के आपातकालीन खिड़कियों को काटना शुरू कर दिया।
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टीम सदस्यों ने 15 मिनट में आपातकालीन खिड़की व दरवाजों को खोलकर फेंस यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया गया। स्ट्रेचर के माध्यम से घायलों को मेडिकल कैंप लाया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया। दुघर्टना सहायता यान, मेडिकल वैन भी मौके पर पहुंच गई। इस बीच एडीआरएम सोमेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने बचाव कार्य का जायजा लिया।
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इस दौरान सिविल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एनडीआरएफ ने विक्टिम लोकेटर कैमरे के माध्यम से कोच के चप्पे चप्पे की जांच की। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों के अधिकारी घटना में मारे गए यात्रियों, घायलों आदि की जानकारी लेते देखे गए। वहीं सिविल डिफेंस, रेलवे स्काउट गाइड टीम के सदस्य बचाव कार्य में लगे रहे। मॉक ड्रिल के दौरान दुघर्टना में दस यात्रियों के शव निकालने एवं 12 घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया।
11 एनडीआरएफ के ग्रुप कंमाडर राणा संग्राम सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल में 40 जवान शामिल है। वहीं ट्रेनिंग में शामिल 30 जवान भी शामिल रहे। सिविल डिफेंस के इंचार्ज आरके उपाध्याय ने बताया कि ड्रिल में 26 सदस्यों ने भाग लिया। समाचार लिखे जाने तक मॉक ड्रिल जारी रहा।