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राइस मिलर की हड़ताल से जिले से बाहर जा रहा धान
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 17 Oct 2016 11:16 PM IST
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राइस मिलर की हड़ताल से जिले से बाहर जा रहा धान
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई राइस मिलर की हड़ताल दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही। हड़ताल के चलते मंडी में राइस मिलर ने खरीद नहीं की। अलबत्ता बाहर के व्यापारियों ने धान खरीदा लेकिन किसानों को फसल की पूरा दाम नहीं मिला। वहीं मंडी के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहा।
धान नीति के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आहवान पर राइस मिलर रविवार से हड़ताल पर है। पहले दिन रविवार का अवकाश होने के चलते विशेष प्रभाव नजर नहीं आया, लेकिन सोमवार को इसका असर देखने को मिला। मंडी पहुंचा रहा धान अन्य प्रदेशों के व्यापारी खरीद कर ले जा रहे हैं। हालांकि हड़ताल के चलते मंडी में आवक घटकर मात्र 10 हजार क्विंटल रह गई लेकिन मंडी में सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल न होने के कारण किसानों को आढ़तों का सहारा लेना पड़ा। दोपहर तक आढ़ती भी राइस मिलर की हड़ताल में शामिल रहे लेकिन दोपहर बाद आढ़तियों ने पंजाब, हरियाणा व उत्तराखंड के व्यापारियों के पहुंचने पर काम शुरू कर दिया। बाहर के व्यापारियों ने भले ही धान की खरीद कर मंडी पहुंचे धान को ले लिया लेकिन किसानों को अपनी मेहनत का दाम नहीं मिला। अच्छी क्वालिटी का धान 1125 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया जबकि नम धान की खरीद 8.50 से 900 रुपये तक की हुई।
बिलसंडा। राइस मिलर की हड़ताल का असर सोमवार को भी देखने को मिला। मिलों पर धान की तौल न होने से किसानों में उदासी छायी रहीं। किसानों को धान लदी ट्रालियां वापस ले जानी पड़ी ।
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धान नीति के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय आहवान पर राइस मिलर रविवार से हड़ताल पर है। पहले दिन रविवार का अवकाश होने के चलते विशेष प्रभाव नजर नहीं आया, लेकिन सोमवार को इसका असर देखने को मिला। मंडी पहुंचा रहा धान अन्य प्रदेशों के व्यापारी खरीद कर ले जा रहे हैं। हालांकि हड़ताल के चलते मंडी में आवक घटकर मात्र 10 हजार क्विंटल रह गई लेकिन मंडी में सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल न होने के कारण किसानों को आढ़तों का सहारा लेना पड़ा। दोपहर तक आढ़ती भी राइस मिलर की हड़ताल में शामिल रहे लेकिन दोपहर बाद आढ़तियों ने पंजाब, हरियाणा व उत्तराखंड के व्यापारियों के पहुंचने पर काम शुरू कर दिया। बाहर के व्यापारियों ने भले ही धान की खरीद कर मंडी पहुंचे धान को ले लिया लेकिन किसानों को अपनी मेहनत का दाम नहीं मिला। अच्छी क्वालिटी का धान 1125 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया जबकि नम धान की खरीद 8.50 से 900 रुपये तक की हुई।
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बिलसंडा। राइस मिलर की हड़ताल का असर सोमवार को भी देखने को मिला। मिलों पर धान की तौल न होने से किसानों में उदासी छायी रहीं। किसानों को धान लदी ट्रालियां वापस ले जानी पड़ी ।
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