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Pilibhit News: नए कानूनों से फर्जी मुकदमों में कमी आने की उम्मीद

Mon, 01 Jul 2024 12:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2024 12:34 AM IST
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New laws are expected to reduce fake cases
आनंद मिश्रा एडवोकेट
पीलीभीत। संसद से बिल पारित होने के बाद एक जुलाई से तीन नए कानून लागू हो जाएंगे। इस संबंध में अधिवक्ताओं का कहना है कि नए कानूनों से फर्जी मुकदमों में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस ज्यादा असरदार तरीके से अपराधियों पर नकेल कसेगी। हालांकि कानून के जानकारों का यह भी कहना है कि नए कानूनों को पूरी तरह समझने में थोड़ा समय लगेगा।
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सोमवार एक जुलाई से थानों में नए कानून के तहत ही मुकदमे दर्ज होंगे। इसको लेकर दो दिन पूर्व पुलिस लाइन में डीएम संजय कुमार सिंह और एसपी अविनाश पांडेय की मौजूदगी में हुई कार्यशाला में प्रशासनिक और पुलिस के अफसरों को जरूरी जानकारियां देकर नए कानून पर अमल करने के निर्देश दिए गए थे।
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नए कानूनों को लेकर जानकारों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने नए कानूनों के तहत अपराधियों पर नकेल कसने की बात कही है तो कुछ अधिवक्ताओं ने इन कानूनों के तहत सजा और जुर्माने की धनराशि बढ़ने से संगीन अपराधों में कमी आने की बात कही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन कानूनों के तहत फर्जी मुकदमों में कमी आएगी। कानून को स्वागतयोग्य बताने के साथ ही कहा गया कि शुरुआती कुछ माह तक मुकदमों को समझाने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना पुलिस के अलावा अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को भी करना पड़ेगा।
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जीरो एफआईआर का आमजन को मिलेगा लाभ

भारतीय न्याय नागरिक सुरक्षा संहिता 173 सीआरपीसी के अंतर्गत जीरो एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान शुरू हुआ है। जिसके तहत पहले घटनास्थल वाले क्षेत्र के थाने में ही एफआईआर दर्ज कराई जाती थी। अब नए कानून के तहत किसी भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकेगी और एफआईआर को 15 दिन के अंदर घटनास्थल वाले थाने में ट्रांसफर किया जाएगा। ऑनलाइन एफआईआर में भी कई सहुलियतें मिल सकेंगी।

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यह भी रहेगा खास
- जिरह अपील सहित पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी।

- यौन अपराधों के पीड़ितों के बयान दर्ज करते समय वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।

- आरोप पत्र प्राप्त होने के 60 दिन के भीतर अदालतों को आरोप तय करने का काम पूरा करना होगा।

- सुनवाई के समापन के बाद 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला सुनाया जाएगा।

- फैसला सुनाए जाने के सात दिन के भीतर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।

- तलाशी और जब्ती के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।

- चेन / मोबाइल स्नेचिंग और इस तरह की गतिविधियों के लिए अलग प्रावधान।

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धाराएं
अपराध पहले अब

हत्या 302 103

दुष्कर्म 376 64

धोखाधड़ी 420 316

मानहानि 399 356

शांतिभंग 144 187

हत्या का प्रयास 307 109

- ऐसे ही अन्य धाराओं में परिवर्तन रहेगा।
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नया कानून स्वागत योग्य हैं। इससे अपराधों पर अंकुश लगने के साथ फर्जी मुकदमे लिखवाने वालों पर भी कठोर कार्रवाई हो सकेगी। आमजन को भी नए कानूनों का लाभ मिलेेगा।

- आनंद मिश्रा, महासचिव, संयुक्त बार एसोसिएशन

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नए कानून के तहत संगीन अपराध से जुड़े अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। इसके तहत पुलिस के साथ न्यायालय प्रक्रिया के तहत कठोर कार्रवाई हो सकेगी। शुरुआत के कुछ माह तक नए कानूनों को समझने में कुछ परेशानियां जरूर आएंगी।
- भारत भूषण पांडेय, अधिवक्ता, सेंट्रल बार एसोसिएशन

आनंद मिश्रा एडवोकेट

आनंद मिश्रा एडवोकेट

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