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Pilibhit News: बाघ की लोकेशन मिली, बेहोश कर पकड़ने के प्रयास तेज
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पीलीभीत। मजदूर की जान लेने वाले बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बाघ की लोकेशन मिलने के बाद अफसरों ने योजना बनाकर टीम को निर्देश जारी किए हैं। सही स्थान चुनने के लिए बाघ को पहले पशुओं का लालच दिया जाएगा। इसके बाद सही समय पर उसको बेहोश किया जाएगा।
कलीनगर के गांव बांसखेड़ा निवासी केदारी लाल को नौ सितंबर को माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में रखवाली करते समय बाघ ने हमला कर मार डाला था। घटना के बाद वन अफसरों ने बाघ को पकड़ने के लिए अनुमति मांगी थी। जिसपर पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ की ओर से अनुमति मिलने के बाद उसको पकड़ने के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन शुरुआत में घटनास्थल के आसपास जंगल क्षेत्र में तीन बाघों की मौजूदगी देखे जाने से विभाग के सामने चुनौती बन गई थी। इसके बाद बारिश के बाद जलभराव की समस्या भी सामने आई।
इधर निगरानी में जुटी टीम ने हमलावार बाघ की लोकेशन और पहचान ट्रेस कर ली। जिसके बाद अफसरों ने उसको ट्रैंक्युलाइज करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने पर जोर दिया जा रहा है। योजना बनाकर सही समय पर बाघ का रेस्क्यू किया जाएगा।
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रात को सक्रिय होता है हमलावर बाघ
वन अफसरो का कहना है कि बाघ रात को अधिक सक्रिय होता है। ऐसे में उसको रात में ट्रैंक्युलाइज करने में समस्या आएगी। बेहोश होने के बाद समय रहते उसका रेस्क्यू करना भी जरूरी है। रात में बेहोश होने के बाद बाघ झाड़ियों आदि में छिप सकता है। ऐसे में सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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कलीनगर के गांव बांसखेड़ा निवासी केदारी लाल को नौ सितंबर को माला रेंज के जंगल से सटे इलाके में रखवाली करते समय बाघ ने हमला कर मार डाला था। घटना के बाद वन अफसरों ने बाघ को पकड़ने के लिए अनुमति मांगी थी। जिसपर पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ की ओर से अनुमति मिलने के बाद उसको पकड़ने के प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन शुरुआत में घटनास्थल के आसपास जंगल क्षेत्र में तीन बाघों की मौजूदगी देखे जाने से विभाग के सामने चुनौती बन गई थी। इसके बाद बारिश के बाद जलभराव की समस्या भी सामने आई।
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इधर निगरानी में जुटी टीम ने हमलावार बाघ की लोकेशन और पहचान ट्रेस कर ली। जिसके बाद अफसरों ने उसको ट्रैंक्युलाइज करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ को ट्रैंक्युलाइज करने पर जोर दिया जा रहा है। योजना बनाकर सही समय पर बाघ का रेस्क्यू किया जाएगा।
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रात को सक्रिय होता है हमलावर बाघ
वन अफसरो का कहना है कि बाघ रात को अधिक सक्रिय होता है। ऐसे में उसको रात में ट्रैंक्युलाइज करने में समस्या आएगी। बेहोश होने के बाद समय रहते उसका रेस्क्यू करना भी जरूरी है। रात में बेहोश होने के बाद बाघ झाड़ियों आदि में छिप सकता है। ऐसे में सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।