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Pilibhit News: छात्र का अपहरण कर हत्या करने पर दो को उम्रकैद
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2007 में हुई थी घटना, 16 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। छात्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर साक्ष्य छुपाने के मामले में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) चंद्रमोहन मिश्र ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 90-90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना न्यूरिया क्षेत्र की निवासी भगवानदेई ने दो फरवरी 2007 को थाना न्यूरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका 14 वर्ष का पुत्र रूपकिशोर सुबह 7:30 बजे पौटाखुर्द से ग्राम मेंथी ट्यूशन पढ़ने गया था। ट्यूशन पढ़ने के बाद करीब 9:30 बजे घर आ रहा था। साथ में विक्रम पुत्र फूलचन्द्र निवासी ग्राम अनवरगंज भी था। बनकटी पुलिया के पास एक व्यक्ति मिला, उसने बेटे को साइकिल पर बिठा लिया और साथ ले गया।
भगवानदेई के अनुसार विक्रम ने समझा कि रिश्तेदार के साथ गया होगा। उसने यह बात घर आकर बतायी। काफी देर तक जब बेटा घर नहीं आया तो उसने अपने पति जानकी प्रसाद को सूचना दी। भगवानदेई नें बताया कि उसके पहले पति अमर सिंह निवासी ग्राम बेरीखेड़ा की हत्या एक महिला ने दो लोगों के साथ से मिलकर करायी थी। उसे शक है कि उसके बेटे को उपरोक्त लोगों ने रंजिश में उठाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। कुछ समय बाद भगवानदेई के बेटे का शव कुएं में मिला। पुलिस ने बाद विवेचना पाया कि गुड्डू पुत्र देवीराम, श्रीपाल पुत्र ओम प्रकाश और नरेश पुत्र पुत्तूलाल ने छात्र का अपहरण कर उसकी हत्या की है, जबकि रामबहादुर और भिखारीलाल का घटना में हाथ नहीं है।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, हत्या और शव छुपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उनपर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की। बाद में पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त नरेश पुत्र पुत्तूलाल निवासी पौटाखुर्द थाना न्यूरिया की मृत्यु हो गईं। ऐसे में न्यायालय ने अभियुक्त श्रीपाल पुत्र ओमप्रकाश, गुड्डू पुत्र देवीराम निवासी ग्राम शिवपुरिया थाना न्यूरिया को दोषी पाते हुए आजीवन करावास क़ी सजा सुनाई। जुर्माने में आधी धनराशि मृतक के विधिक उत्तराधिकारी को दिए जाने का आदेश भी दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ला ने की ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। छात्र का अपहरण कर उसकी हत्या कर साक्ष्य छुपाने के मामले में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) चंद्रमोहन मिश्र ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 90-90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना न्यूरिया क्षेत्र की निवासी भगवानदेई ने दो फरवरी 2007 को थाना न्यूरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका 14 वर्ष का पुत्र रूपकिशोर सुबह 7:30 बजे पौटाखुर्द से ग्राम मेंथी ट्यूशन पढ़ने गया था। ट्यूशन पढ़ने के बाद करीब 9:30 बजे घर आ रहा था। साथ में विक्रम पुत्र फूलचन्द्र निवासी ग्राम अनवरगंज भी था। बनकटी पुलिया के पास एक व्यक्ति मिला, उसने बेटे को साइकिल पर बिठा लिया और साथ ले गया।
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भगवानदेई के अनुसार विक्रम ने समझा कि रिश्तेदार के साथ गया होगा। उसने यह बात घर आकर बतायी। काफी देर तक जब बेटा घर नहीं आया तो उसने अपने पति जानकी प्रसाद को सूचना दी। भगवानदेई नें बताया कि उसके पहले पति अमर सिंह निवासी ग्राम बेरीखेड़ा की हत्या एक महिला ने दो लोगों के साथ से मिलकर करायी थी। उसे शक है कि उसके बेटे को उपरोक्त लोगों ने रंजिश में उठाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। कुछ समय बाद भगवानदेई के बेटे का शव कुएं में मिला। पुलिस ने बाद विवेचना पाया कि गुड्डू पुत्र देवीराम, श्रीपाल पुत्र ओम प्रकाश और नरेश पुत्र पुत्तूलाल ने छात्र का अपहरण कर उसकी हत्या की है, जबकि रामबहादुर और भिखारीलाल का घटना में हाथ नहीं है।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, हत्या और शव छुपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उनपर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की। बाद में पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियुक्त नरेश पुत्र पुत्तूलाल निवासी पौटाखुर्द थाना न्यूरिया की मृत्यु हो गईं। ऐसे में न्यायालय ने अभियुक्त श्रीपाल पुत्र ओमप्रकाश, गुड्डू पुत्र देवीराम निवासी ग्राम शिवपुरिया थाना न्यूरिया को दोषी पाते हुए आजीवन करावास क़ी सजा सुनाई। जुर्माने में आधी धनराशि मृतक के विधिक उत्तराधिकारी को दिए जाने का आदेश भी दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ला ने की ।