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Pilibhit News: दिन में मजदूर को मारा, रात में जमुनिया भट्ठे के पास दिखा बाघ
Thu, 28 Sep 2023 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:11 AM IST
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कलीनगर। पुरैनी दीपनगर गांव की सीमा में मजदूर को मारने के बाद मंगलवार रात बाघ जमुनिया गांव में भट्ठे के निकट दिखा। गांव वालों ने एक खेत में बाघ के मौजूद होने की आशंका में वहां डेरा जमा लिया। काफी देर रुकने के बाद भी कोई हलचल न होने पर ग्रामीण लौट आए। बुधवार को तोताराम का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। 21 से 28 सितंबर तक क्षेत्र में बाघ दो लोगों को मार चुका है। ग्रामीणों का मानना है कि बाघ नरभक्षी हो गया है।
माधोटांडा क्षेत्र के मथना जपती, पुरैनी दीपनगर, रानीगंज गांव की सीमा में तीन माह में बाघ तीन ग्रामीणों को मार चुका है। 21 सितंबर को क्षेत्र के रायपुर गांव में रघुनाथ की बाघ ने हत्या कर दी थी। इसके बाद मंगलवार को जमुनिया गांव निवासी तोताराम को मार डाला। चार-पांच किलोमीटर के दायरे में लगातार एक महीने से बाघ की चहलकदमी भी देखी जा रही है।
कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। मंगलवार की घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया था। घटना के बाद लोगों में दहशत बढ़ गई। रात होते ही जमुनिया गांव में ईंट भट्ठे के निकट बाघ देखे जाने की चर्चा फैल गई। इससे ग्रामीणों एकत्र होकर वहां पहुंच गए। गन्ने के खेत में बाघ होने की आशंका जताई गई। खेत को चारों ओर से घेर लिया गया, काफी देर तक भीड़ जमा रही। रात अधिक होने पर ग्रामीण गांव लौट आए। बुधवार अपराह्न तोताराम का शव गांव पहुंचा तो परिजन विलाप करने लगे। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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विभाग ने की जंगल में न जाने की अपील
मानव वन्यजीव संघर्ष की बढ़ रही घटनाओं के बाद वन अफसरों ने अपील जारी की है। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने कहां कि वन्यजीवों की मौजूदगी के मद्देनजर ग्रामीण जंगल में न घुसे। जंगल सीमा से सटे खेतों में अकेले जाने से बचें, बल्कि झुंड में जाए।
गांव वाले बोले- अब हमला हुआ तो बाघ को नहीं छोड़ेंगे
मंगलवार को हुई घटना के बाद ग्रामीण इस कदर आक्रोश में आ गए कि डीएफओ संजीव कुमार व एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव से कहा कि अब अगर एक भी हमला होता है तो वह लोग बाघ को भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए चाहे जंगल में ही क्यों न घुसना पड़े। ग्रामीणों की इस चेतावनी से अधिकारी भी हैरान हैं। हाथ जोड़कर कहा कि हम जल्द ही यहां जाल फेंसिंग करवा रहे हैं।
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माधोटांडा क्षेत्र के मथना जपती, पुरैनी दीपनगर, रानीगंज गांव की सीमा में तीन माह में बाघ तीन ग्रामीणों को मार चुका है। 21 सितंबर को क्षेत्र के रायपुर गांव में रघुनाथ की बाघ ने हत्या कर दी थी। इसके बाद मंगलवार को जमुनिया गांव निवासी तोताराम को मार डाला। चार-पांच किलोमीटर के दायरे में लगातार एक महीने से बाघ की चहलकदमी भी देखी जा रही है।
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कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। मंगलवार की घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया था। घटना के बाद लोगों में दहशत बढ़ गई। रात होते ही जमुनिया गांव में ईंट भट्ठे के निकट बाघ देखे जाने की चर्चा फैल गई। इससे ग्रामीणों एकत्र होकर वहां पहुंच गए। गन्ने के खेत में बाघ होने की आशंका जताई गई। खेत को चारों ओर से घेर लिया गया, काफी देर तक भीड़ जमा रही। रात अधिक होने पर ग्रामीण गांव लौट आए। बुधवार अपराह्न तोताराम का शव गांव पहुंचा तो परिजन विलाप करने लगे। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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विभाग ने की जंगल में न जाने की अपील
मानव वन्यजीव संघर्ष की बढ़ रही घटनाओं के बाद वन अफसरों ने अपील जारी की है। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने कहां कि वन्यजीवों की मौजूदगी के मद्देनजर ग्रामीण जंगल में न घुसे। जंगल सीमा से सटे खेतों में अकेले जाने से बचें, बल्कि झुंड में जाए।
गांव वाले बोले- अब हमला हुआ तो बाघ को नहीं छोड़ेंगे
मंगलवार को हुई घटना के बाद ग्रामीण इस कदर आक्रोश में आ गए कि डीएफओ संजीव कुमार व एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव से कहा कि अब अगर एक भी हमला होता है तो वह लोग बाघ को भी जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए चाहे जंगल में ही क्यों न घुसना पड़े। ग्रामीणों की इस चेतावनी से अधिकारी भी हैरान हैं। हाथ जोड़कर कहा कि हम जल्द ही यहां जाल फेंसिंग करवा रहे हैं।