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सिंचाई विभाग के उपखंड कार्यालय सालों से बंद
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:41 PM IST
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सिंचाई विभाग की बाइफरकेशन कॉलोनी में दो खंडों के उपखंड कार्यालय हैं, लेकिन वर्षों से इन कार्यालयों के ताले नहीं खुले हैं। अभियंता जिला मुख्यालय से ही मोबाइल फोन से शारदा डैम, शारदा मुख्य नहर और हरदोई ब्रांच की नहरों में पानी छोडने और बंद करने के निर्देश देते हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
हरेभरे जंगलों के बीच फैला नहरों का जाल और महत्वपूर्ण नहरों एवं शारदा डैम की देखरेख को बाइफरकेशन में हेडवर्क्स खंड शारदा नहर एवं शारदा सागर खंड की दो सब डिवीजनों के यहां कार्यालय स्थापित किए गए थे। यहां बनी कॉलोनी में पहले सहायक अभियंता के अलावा दोनों विभागों के अवर अभियंता रहते थे। वर्तमान में इस कॉलोनी में सिर्फ सिंचाई कर्मी ही रहते हैं। धीरे-धीरे ऐसे हालात हो गए कि अब हेडवर्क्स खंड के सहायक अभियंता ने अपना कैंप कार्यालय बरेली बना लिया है और शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता ने अपना कैंप कार्यालय जिला मुख्यालय पर स्थापित कर लिया है। इसके चलते बाइफरकेशन में अब न तो सहायक अभियंता रहते हैं और न ही अवर अभियंता। जबकि एक के पास शारदा सागर का जीरो किमी से दस किमी तक का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, वहीं हेड वर्क्स खंड के सहायक अभियंता के पास शारदा मुख्य नहर एवं बाइफरकेशन की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का जिम्मा है। इधर, दोनों विभागों के सब डिवीजन कार्यालयों की हालत यह है कि इनमें झाड़ियां उग आई हैं। अभियंताओं के आवास भी देखरेख के अभाव में खंडहर होते जा रहे हैं। मजे की बात यह है कि महत्वपूर्ण नहरों का संचालन अब अभियंता जिला मुख्यालय से फोन से करा रहे हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है।
सब डिवीजन मुख्यालय पर न रहने के पीछे हेड वर्क्स के सहायक अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि तीन दिन पूर्व उनको लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वह चार्ज छोड़कर लखनऊ आ गए हैं। शारदा सागर के अभियंता वीरेंद्र सिंह कहते है कि जिला मुख्यालय पर अधिक कार्य होने के चलते वहां कैंप कार्यालय बनाया गया है, लेकिन रोजाना ही संचालन आदि का कार्य देख रहे हैं।
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हरेभरे जंगलों के बीच फैला नहरों का जाल और महत्वपूर्ण नहरों एवं शारदा डैम की देखरेख को बाइफरकेशन में हेडवर्क्स खंड शारदा नहर एवं शारदा सागर खंड की दो सब डिवीजनों के यहां कार्यालय स्थापित किए गए थे। यहां बनी कॉलोनी में पहले सहायक अभियंता के अलावा दोनों विभागों के अवर अभियंता रहते थे। वर्तमान में इस कॉलोनी में सिर्फ सिंचाई कर्मी ही रहते हैं। धीरे-धीरे ऐसे हालात हो गए कि अब हेडवर्क्स खंड के सहायक अभियंता ने अपना कैंप कार्यालय बरेली बना लिया है और शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता ने अपना कैंप कार्यालय जिला मुख्यालय पर स्थापित कर लिया है। इसके चलते बाइफरकेशन में अब न तो सहायक अभियंता रहते हैं और न ही अवर अभियंता। जबकि एक के पास शारदा सागर का जीरो किमी से दस किमी तक का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, वहीं हेड वर्क्स खंड के सहायक अभियंता के पास शारदा मुख्य नहर एवं बाइफरकेशन की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का जिम्मा है। इधर, दोनों विभागों के सब डिवीजन कार्यालयों की हालत यह है कि इनमें झाड़ियां उग आई हैं। अभियंताओं के आवास भी देखरेख के अभाव में खंडहर होते जा रहे हैं। मजे की बात यह है कि महत्वपूर्ण नहरों का संचालन अब अभियंता जिला मुख्यालय से फोन से करा रहे हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे बैठा है।
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सब डिवीजन मुख्यालय पर न रहने के पीछे हेड वर्क्स के सहायक अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि तीन दिन पूर्व उनको लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वह चार्ज छोड़कर लखनऊ आ गए हैं। शारदा सागर के अभियंता वीरेंद्र सिंह कहते है कि जिला मुख्यालय पर अधिक कार्य होने के चलते वहां कैंप कार्यालय बनाया गया है, लेकिन रोजाना ही संचालन आदि का कार्य देख रहे हैं।
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