Pilibhit: जिसकी जान बचानी थी... उसे ही मार दी कुल्हाड़ी, तेंदुए के रेस्क्यू में वनकर्मी कर बैठा गलती; Video
सड़क हादसे में घायल तेंदुए को बचाने गए वनकर्मी ने कुल्हाड़ी से उसी पर वार कर दिया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं तेंदुए की मौत हो गई है। इससे वनकर्मियों पर सवाल उठ रहे हैं।
विस्तार
पीलीभीत में सड़क हादसे में घायल मादा तेंदुए पर रेस्क्यू के दौरान वनकर्मी ने कुल्हाड़ी से वार कर दिया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग के अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वनकर्मी ने आत्मरक्षा में ऐसा किया। वहीं, वायरल वीडियो को लेकर वन्यजीव प्रेमी वन विभाग को कठघरे में खड़ा करने के साथ ही वनकर्मियों की दक्षता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
माधोटांडा- पीलीभीत मार्ग पर शनिवार शाम रिछौला चौकी के निकट पिकअप की टक्कर के बाद तेंदुआ घायल हो गया था। टक्कर के बाद तेंदुआ वाहन में फंसकर करीब 200 मीटर तक घिसटा था। वनकर्मियों के पीछा करने पर चालक वाहन छोड़कर भाग गया था। वाहन रुकने के बाद तेंदुआ मार्ग के किनारे झाड़ियों की ओर जाकर छिप गया था।
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सूचना के बाद विभागीय अफसरों की मौजूदगी में तेंदुए को रेस्क्यू करने के प्रयास किए गए। रेस्क्यू के दौरान घायल तेंदुआ वनकर्मियों पर हमलावर हो गया। हालांकि विभाग ने मशक्कत कर तेंदुए को रेस्क्यू कर पिंजड़े में कैद कर लिया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पोस्टमॉर्टम के बाद पिकअप चालक के नंबर के आधार पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है।
कुल्हाड़ी से किया हमला
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में घायल तेंदुए को पकड़ने के लिए बिना जाल के ही दो वनकर्मी पास में जाते दिखाई दिए। तेंदुआ एक वनकर्मी पर हमलावर हो गया। उसे बचाने के लिए दूसरे वनकर्मी ने पास में पड़ी कुल्हाड़ी से तेंदुए पर वार करने शुरू कर दिए।
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पास में खड़े अधिकारी सब देखकर भी अंजान बने रहे। आत्मसुरक्षा में ऐसा करने का दावा किया जाता रहा। सोमवार को वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारी पूरे मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं। सामाजिक वानिकी के डीएफओ भरत कुमार का कहना है कि वीडियो का संज्ञान लिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
वाचरों के सहारे रेस्क्यू का जिम्मा
वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए जाते रहे हैं। इसके लिए रेंज स्टाफ को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जाता है। वन्यजीव के रेस्क्यू के दौरान रेंजर, दरोगा समेत स्टाफ को लगाया जाता है। स्थिति को देख सुरक्षा इंतजामों के साथ वन्यजीव के पास जाने का नियम हैं, लेकिन रेस्कयू के दौरान नियमों को भूलकर वाचरों को आग कर दिया जाता है।
पूर्व में भी बांसखेड़ा में रेस्क्यू के दौरान बेहोशी का इंजेक्शन लगने के बाद वाचरों को उठाने के लिए भेज दिया गया था, लेकिन बाघ के बेहोश न होने से वाचर दौड़ लगाकर बाहर निकले थे। वायरल वीडियो में भी वाचरों के होने की बात सामने आ रही है।