फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   indo nepal border road issue

शारदा पार जंगल जमीन पर फिर होने लगे कब्जे

Wed, 16 Jun 2021 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:01 AM IST
विज्ञापन
indo nepal border road issue
पीलीभीत। भारत-नेपाल बॉर्डर जहां एक ओर पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दूसरी ओर नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी है। यह समूचा इलाका टाइगर रिजर्व का कोर एरिया में आता है, मगर यहां अवैध कब्जे नासूर बने हुए है। इधर धान का सीजन आते ही एक बार फिर जंगल की जमीन पर कब्जे कर फसल लगाने की तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं, मगर जिम्मेदार अभी भी चुप्पी साधे बैठे हैं। कुल मिलाकर इन सबके पीछे संयुक्त सीमांकन न होना ही सबसे बड़ी वजह है। जिसको लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है।
विज्ञापन

इंडो-नेपाल बार्डर से सटा टाइगर रिजर्व का इलाका बीहड़ क्षेत्र में होने के कारण यहां की निगरानी करना मुश्किल है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पिलर संख्या 27 से 29 तक लग्गाभग्गा का कोर एरिया का क्षेत्र कहलाता है। शारदा नदी के पार पीटीआर के कोर एरिया बरसों से कब्जेदारों के चंगुल में है। यहां अरसा पूर्व पेड़ों को ठिकाने लगाकर जंगल जमीन पर खेती की जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक यहां करीब 250 एकड़ से अधिक जंगल जमीन पर खेती की जा रही है। वहीं शारदा पार इलाके में गुन्हान, रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में तो 70 फीसदी जंगल जमीन पर अवैध कब्जे हैं। आरोप है कि यह गोरखधंधा विभागीय कर्मचारियों की शह पर पनप रहा है। वजह यह है कि मुख्यालय से अधिक दूरी होने के चलते वन अफसर यदाकदा ही पहुंच पाते हैं। इसी का फायदा उठाकर हर साल लाखों रुपये के बारे न्यारे किए जा रहे हैं। इसके अलावा बंदरभोज, बूंदीभूड, नौजल्हा, बरुआ कुठारा, राजपुर तालुके महाराजपुर, फैजुल्लागंज और मूसेपुर जैसे कई गांव हैं जहां कहीं सीमा विवाद है तो कहीं टाइगर रिजर्व के पक्ष में फैसला होने के बावजूद कब्जा नहीं मिल सका। इधर एक बार फिर धान की सीजन आते ही जंगल जमीनों पर कब्जे के प्रयास शुरू हो चुके है, मगर वन अफसर भी चुप्पी साधे बैठे हैं।
विज्ञापन

शारदा नदी के पार जमीनों के जो पुराने विवाद हैं और अवैध कब्जे हैं, उसको लेकर संयुक्त सीमांकन की कार्रवाई चल रही है। वन और राजस्व के संयुक्त सीमांकन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed