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खेल मैदान बदहाल, कहां खेलें खिलाड़ी
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पीलीभीत। ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज का खेल मैदान बदहाल है। मैदान में जगह-जगह गड्ढे हैं। इससे यहां खेलने वाले खिलाड़ियों को चोट अक्सर चोट लग जाती है। उन्हें बड़े ही सावधानी से पूर्वक खेलना या दौड़ना पड़ता है। क्योंकि पता नहीं कब उनका पैर किसी गड्ढे में पड़ जाए। खिलाड़ियों की इस पीड़ा से जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं।
ड्रंमड कॉलेज शहर का सबसे मशहूर कॉलेज है। यहां के लोग कॉलेज को धरोहर मानते हैं लेकिन खेल का मैदान ऐसा है कि अगर खिलाड़ी सावधानी पूर्वक न दौड़ें तो उन्हें चोट लगना निश्चित है। मैदान में गड्ढों की भरमार है। कई जगह बड़ी-बड़ी घास खड़ी है और बारिश से जलभराव हो गया है। खेल मैदान की इस दुर्दशा से खिलाड़ी बहुत ही परेशान हैं। खिलाड़ियों ने कई बार यह समस्या उठाई, लेकिन किसी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दिया।
पैर में मोच पर रुका अभ्यास
जीतने के लिए दौड़ना और रोजाना अभ्यास करना जरूरी है। अगर दौड़ते हैं तो पैर में मोच आ जाती है। हाल में ही पैर में मोच आई तो 20 दिन तक अभ्यास नहीं कर पाए। -विपिन कुमार
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अफसर आते हैं न नेता
खिलाड़ियों के लिए मैदान सबसे ज्यादा जरूरी होता है लेकिन खेल प्रतिभाओं के निखार के लिए दावे करने वाले अफसर और नेता कभी मैदान को देखने तक नहीं आते। -विवेक कुमार
गड्ढों में कैसे करें तैयारी
एक वर्ष से मैं ड्रमंड कॉलेज के मैदान में तैयारी कर रही हूं। मैदान में गड्ढे तो हैं ही, बारिश के दिनों में जलभराव भी हो जाता है, पर जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। - प्रियांशी
मैं रोजाना अभ्यास करने आता हूं। आर्मी में भर्ती होना चाहता हूं लेकिन मैदान में पानी भर जाता है, जिससे बड़ी दिक्कत है।
सौरभ मिश्रा, खिलाड़ी
कॉलेज के मैदान को संवारने और खेल के लायक बनाने के प्रति कॉलेज गंभीर है। इस संबंध में जिलाधिकारी के साथ चर्चा हो चुकी है। कॉलेज में जहां जल भराव होता है, वहां पर मिट्टी का भराव जरूरी है। डीएम से आग्रह किया गया है। कॉलेज अपने स्तर से पूरे मैदान को ठीक कराने के लिए तैयार है। -संतोष कुमार, प्रधानाचार्य, ड्रमंड कॉलेज
मैदान को कराएंगे ठीक
पढ़ाई के साथ खेल जरूरी है। माध्यमिक विद्यालयों में खेल की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों और प्रबंधन की है। खेल के मैदान ऐसे हों कि खिलाड़ी रोजाना अभ्यास कर सकें। इस विषय में डीआईओएस से जानकारी लेंगे और मैदान को ठीक कराया जाएगा। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी
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ड्रंमड कॉलेज शहर का सबसे मशहूर कॉलेज है। यहां के लोग कॉलेज को धरोहर मानते हैं लेकिन खेल का मैदान ऐसा है कि अगर खिलाड़ी सावधानी पूर्वक न दौड़ें तो उन्हें चोट लगना निश्चित है। मैदान में गड्ढों की भरमार है। कई जगह बड़ी-बड़ी घास खड़ी है और बारिश से जलभराव हो गया है। खेल मैदान की इस दुर्दशा से खिलाड़ी बहुत ही परेशान हैं। खिलाड़ियों ने कई बार यह समस्या उठाई, लेकिन किसी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दिया।
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पैर में मोच पर रुका अभ्यास
जीतने के लिए दौड़ना और रोजाना अभ्यास करना जरूरी है। अगर दौड़ते हैं तो पैर में मोच आ जाती है। हाल में ही पैर में मोच आई तो 20 दिन तक अभ्यास नहीं कर पाए। -विपिन कुमार
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अफसर आते हैं न नेता
खिलाड़ियों के लिए मैदान सबसे ज्यादा जरूरी होता है लेकिन खेल प्रतिभाओं के निखार के लिए दावे करने वाले अफसर और नेता कभी मैदान को देखने तक नहीं आते। -विवेक कुमार
गड्ढों में कैसे करें तैयारी
एक वर्ष से मैं ड्रमंड कॉलेज के मैदान में तैयारी कर रही हूं। मैदान में गड्ढे तो हैं ही, बारिश के दिनों में जलभराव भी हो जाता है, पर जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। - प्रियांशी
मैं रोजाना अभ्यास करने आता हूं। आर्मी में भर्ती होना चाहता हूं लेकिन मैदान में पानी भर जाता है, जिससे बड़ी दिक्कत है।
सौरभ मिश्रा, खिलाड़ी
कॉलेज के मैदान को संवारने और खेल के लायक बनाने के प्रति कॉलेज गंभीर है। इस संबंध में जिलाधिकारी के साथ चर्चा हो चुकी है। कॉलेज में जहां जल भराव होता है, वहां पर मिट्टी का भराव जरूरी है। डीएम से आग्रह किया गया है। कॉलेज अपने स्तर से पूरे मैदान को ठीक कराने के लिए तैयार है। -संतोष कुमार, प्रधानाचार्य, ड्रमंड कॉलेज
मैदान को कराएंगे ठीक
पढ़ाई के साथ खेल जरूरी है। माध्यमिक विद्यालयों में खेल की गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों और प्रबंधन की है। खेल के मैदान ऐसे हों कि खिलाड़ी रोजाना अभ्यास कर सकें। इस विषय में डीआईओएस से जानकारी लेंगे और मैदान को ठीक कराया जाएगा। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी