{"_id":"680158dc904b68aee80af9be","slug":"even-after-increasing-resources-in-pathology-labs-the-situation-is-not-improving-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-134333-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: पैथोलॉजी लैब में संसाधन बढ़ने के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: पैथोलॉजी लैब में संसाधन बढ़ने के बाद भी नहीं सुधर रहे हालात
विज्ञापन
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीज का सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
- फोटो : kathua
पीलीभीत। जिला अस्पताल में मरीजों की जांच के नाम पर संसाधन तो बढ़े, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ पाईं। इससे जिला अस्पताल में आए मरीजों को अपनी जांच संबंधी रिपोर्ट लेने के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों की आमद होती है। इसमें सामान्य समस्या के साथ गंभीर बीमारी से परेशान मरीज भी शामिल होते हैं। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में भी संसाधन बढ़ाए गए। इसके बाद लोगों को ब्लड व यूरिन की बीमारियों से जुड़ी सभी प्रकार की जांचों की सुविधा मिलने लगी, लेकिन मरीजों को समय रहते लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 400-500 मरीजों का ब्लड व यूरिन के सैंपल लिए लैब भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
इसके संकलन के लिए सिर्फ दो ही कर्मचारी तैनात हैं। सैंपल देने के लिए रोजाना मरीजों की ही लंबी कतार लगती है। घंटों लाइन में लगने वाले मरीज को दूसरे दिन रिपोर्ट देने के लिए बुलाया जाता है, जिससे दूर दराज से आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वर्जन
पैरामेडिकल स्टॉफ को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टॉफ की भर्ती के बाद समस्या खत्म हो जाएंगी। - संगीता अनेजा, प्राचार्य
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीजों की आमद होती है। इसमें सामान्य समस्या के साथ गंभीर बीमारी से परेशान मरीज भी शामिल होते हैं। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में भी संसाधन बढ़ाए गए। इसके बाद लोगों को ब्लड व यूरिन की बीमारियों से जुड़ी सभी प्रकार की जांचों की सुविधा मिलने लगी, लेकिन मरीजों को समय रहते लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 400-500 मरीजों का ब्लड व यूरिन के सैंपल लिए लैब भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
इसके संकलन के लिए सिर्फ दो ही कर्मचारी तैनात हैं। सैंपल देने के लिए रोजाना मरीजों की ही लंबी कतार लगती है। घंटों लाइन में लगने वाले मरीज को दूसरे दिन रिपोर्ट देने के लिए बुलाया जाता है, जिससे दूर दराज से आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वर्जन
पैरामेडिकल स्टॉफ को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टॉफ की भर्ती के बाद समस्या खत्म हो जाएंगी। - संगीता अनेजा, प्राचार्य