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विधि विधान से करें कलश स्थापना, आज विराजेंगी माता रानी
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पीलीभीत। नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शेरावाली अश्व पर सवार होकर आएंगी। दस अप्रैल तक चलने वाले महापर्व की भक्तों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हर नवरात्र में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं और विदाई के वक्त माता रानी का वाहन अलग होता है। इस चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा अश्व पर सवार होकर आएंगी। मां शेरावाली के स्वागत के लिए भक्तों ने देवी मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुबह शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना की जाएगी। शहर के देवी मंदिरों में शुक्रवार को दिनभर सजावट का काम चलता रहा।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया में स्थित ओढ़ाझार मंदिर पर शुक्रवार को चैत्र अमावस्या के दिन मेले का आयोजन किया गया। भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा।
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सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। मंदिर पर पूजा के बाद भक्तों ने खरीदारी भी की। जमुनिया गांव का ओढ़ाझार मंदिर की बड़ी मान्यता है। आस्था का केंद्र होने के चलते आसपास गांव के भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पर पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
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हर नवरात्र में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं और विदाई के वक्त माता रानी का वाहन अलग होता है। इस चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा अश्व पर सवार होकर आएंगी। मां शेरावाली के स्वागत के लिए भक्तों ने देवी मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुबह शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना की जाएगी। शहर के देवी मंदिरों में शुक्रवार को दिनभर सजावट का काम चलता रहा।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव जमुनिया में स्थित ओढ़ाझार मंदिर पर शुक्रवार को चैत्र अमावस्या के दिन मेले का आयोजन किया गया। भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा।
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सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। मंदिर पर पूजा के बाद भक्तों ने खरीदारी भी की। जमुनिया गांव का ओढ़ाझार मंदिर की बड़ी मान्यता है। आस्था का केंद्र होने के चलते आसपास गांव के भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पर पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।