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अब सभी 721 ग्राम पंचायतों में रफ्तार पकड़ेंगे निर्माण कार्य
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पीलीभीत। जनपद की सभी 721 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इस बार केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग और राज्य सरकार पंचम वित्त आयोग के तहत अनुदान देगी। इसी के तहत गांवों के विकास के लिए कार्य योजनाएं बनाई जा रही हैं।
केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग को लेकर पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी। ग्राम पंचायतों और राज्यों के प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार ने नई संस्तुतियों को भी मंजूरी दी है। पहले ग्राम पंचायतें 14वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदान को मनमाने तरीके से खर्च करती थीं, मगर 15वें वित्त आयोग में इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाला अनुदान 50 फीसदी खर्च अनटाइड फंड के तौर पर खर्च करना होगा। इसके तहत वेतन और अन्य व्यय के अलावा ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकतानुसार भी काम करा सकेंगी। वहीं पंचायतों को 50 फीसदी अनुदान टाइड फंड के तौर पर बुनियादी सेवाओं जैसे स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, वाटर रिसाइकलिंग के रखरखाव में खर्च करना होगा। इसको लेकर पंचायती राज निदेशक ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
अब अलग खोले जाएंगे खाते
पीलीभीत। पंचायतीराज विभाग में संचालित होने वाले खातों में बदलाव किया गया हैं। अब केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और अंत्येष्टि स्थल के अलग खाते खोले जाएंगे। पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि पीएफएमएस की व्यवस्था लागू करने के लिए यह जरूरी है। प्रत्येक योजना की धनराशि राज्य, मंडल, जिला, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर पृथक बैंक खाते हों। वह एक दूसरे से लिंक होने चाहिए।
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ग्राम पंचायतों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय राज्य वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और अंत्येष्टि स्थल के अलग खाते खोले जाएंगे। उसी के अनुसार काम शुरू होंगे। - प्रमोद कुमार यादव, प्रभारी डीपीआरओ
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केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग को लेकर पिछले साल ही तैयारी शुरू कर दी थी। ग्राम पंचायतों और राज्यों के प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार ने नई संस्तुतियों को भी मंजूरी दी है। पहले ग्राम पंचायतें 14वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदान को मनमाने तरीके से खर्च करती थीं, मगर 15वें वित्त आयोग में इसमें बदलाव कर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाला अनुदान 50 फीसदी खर्च अनटाइड फंड के तौर पर खर्च करना होगा। इसके तहत वेतन और अन्य व्यय के अलावा ग्राम पंचायतें स्थानीय आवश्यकतानुसार भी काम करा सकेंगी। वहीं पंचायतों को 50 फीसदी अनुदान टाइड फंड के तौर पर बुनियादी सेवाओं जैसे स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के रखरखाव, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, वाटर रिसाइकलिंग के रखरखाव में खर्च करना होगा। इसको लेकर पंचायती राज निदेशक ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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अब अलग खोले जाएंगे खाते
पीलीभीत। पंचायतीराज विभाग में संचालित होने वाले खातों में बदलाव किया गया हैं। अब केंद्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और अंत्येष्टि स्थल के अलग खाते खोले जाएंगे। पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने जारी आदेश में कहा है कि पीएफएमएस की व्यवस्था लागू करने के लिए यह जरूरी है। प्रत्येक योजना की धनराशि राज्य, मंडल, जिला, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर पृथक बैंक खाते हों। वह एक दूसरे से लिंक होने चाहिए।
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ग्राम पंचायतों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय राज्य वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और अंत्येष्टि स्थल के अलग खाते खोले जाएंगे। उसी के अनुसार काम शुरू होंगे। - प्रमोद कुमार यादव, प्रभारी डीपीआरओ