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रेल संरक्षा आयुक्त ने पीलीभीत से भोपतपुर तक आमान परिवर्तन का हाल देखा
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बरखेड़ा/ पीलीभीत। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने शहर से भोपतपुर तक आमान परिवर्तन के काम का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने एफओवी की सीढ़ियां, असम हाईवे के पुल की माप और संडा पुल की फिटिंग को बारीकी से देखने के बाद अधिकारियों से कुछ सवाल किए। उनका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर फटकार भी लगाई। नौ घंटे के निरीक्षण करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त शाम को भोपतपुर से इज्जतनगर के लिए रवाना हो गए। वह मंगलवार को यानी आज भोपतपुर और बीसलपुर के बीच ब्राडगेज लाइन का निरीक्षण करेंगे।
शाहजहांपुर रूट पर बीसलपुर तक ट्रेन दौड़ाने के लिए नव आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। इसके फाइनल निरीक्षण के लिए सोमवार सुबह 09:15 बजे स्पेशल सैलून से पूर्वोत्तर परिक्षेत्र लखनऊ के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ खान शहर के रेलवे जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने फुट ओवरब्रिज और पैनल रूप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों में शक होने पर नाप कराई। माप में सीढ़ियां छोटी-बड़ी मिलने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई। जंक्शन पर करीब एक घंटा तक निरीक्षण करने के बाद 11 मोटर ट्रॉलियों के काफिले के साथ ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए वह भोपतपुर रवाना हो गए। रास्ते में अंडरपास और असम हाईवे पुल का निरीक्षण करने के लिए भी रुके। पुल में खामियां मिलने पर उन्होंने ऊंचाई और चौड़ाई की फिर से माप कराई। उसके बारे में वहां मौजूद रेल अधिकारियों से इसके बारे में पूछताछ की। रेल संरक्षा आयुक्त के सवालों का इज्जतनगर मंडल के रेलवे अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
बीच में बोले तो पड़ी फटकार
दूसरे अधिकारी से पूछने पर जब दोनों एक साथ बोल पड़े तो रेल संरक्षा आयुक्त ने दोनों की क्लास लगाई। पुल के अंदर से डबल रेल ट्रैक और इलेक्ट्रिक होने की बात करने पर एक दूसरे की ओर अधिकारी झांकते नजर आए। हालांकि इसके बाद सीआरएस आगे बढ़ गए। उन्होंने संडा पुल का निरीक्षण कर उसका नक्शा और फिटिंग ट्रैक देखा। एक घंटे तक निरीक्षण करने के बाद वह रास्ते में पटरी को देखते हुए पौटा हाल्ट पहुंचे। भोपतपुर स्टेशन से पहले दौलतपुर रेलवे क्रासिंग के पास रुककर भी देखा। बाद में भोपतपुर स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस इज्जतनगर के लिए रवाना हो गए। मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त भोपतपुर से बीसलपुर तक ब्राडगेज लाइन का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान डीआरएम दिनेश कुमार सिंह, कार्यपालक इंजीनियर अनिल कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर अखिलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी सीएल शाह के अलावा सभी विभागों के इंजीनियर मौजूद रहे।
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नौ घंटे में 19 किलोमीटर का सफर
रेल संरक्षा आयुक्त ने पीलीभीत और भोपतपुर के बीच 19 किलोमीटर तक ट्रैक, अंडरपास, मेजर पुल, माइनर पुल, सिग्नल सिस्टम, स्टेशन भवन, प्लेटफार्म, प्वाइंट, क्रासिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस 19 किलोमीटर के ट्रैक को सुरक्षा के लिहाज से नौ घंटे तक निरीक्षण करते हुए भोपतपुर पहुंचे।
आज होगा भोपतपुर से बीसलपुर तक निरीक्षण सीआरएस के दो दिवसीय निरीक्षण के दूसरे दिन भोपतपुर से बीसलपुर तक निरीक्षण होगा। इज्जतनगर से सुबह 09:45 बजे भोपतपुर पहुंचेंगे। इसके बाद दस बजे मोटर टॉली से बीसलपुर तक निरीक्षण करने के बाद 03.15 बजे बीसलपुर से पीलीभीत तक स्पीड ट्रॉयल करने के बाद वापस लौट जाएंगे।
निरीक्षण में खराब हो गईं तीन मोटर ट्रॉलियां
सुबह दस बजे जंक्शन से 11 मोटर ट्रॉलियों से सीआरएस का काफिला निरीक्षण को निकला। इसके बाद करीब दो किलोमीटर चलने के बाद तीन मोटर ट्रॉलिया खराब हो गईं। हालांकि खराब बाद में उन्हें ठीक कराने के बाद फिर काफिले में शामिल कर दिया गया। इसकी जानकारी निरीक्षण में शामिल उच्च अधिकारियों को नहीं हो सकी।
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शाहजहांपुर रूट पर बीसलपुर तक ट्रेन दौड़ाने के लिए नव आमान परिवर्तन का काम पूरा हो चुका है। इसके फाइनल निरीक्षण के लिए सोमवार सुबह 09:15 बजे स्पेशल सैलून से पूर्वोत्तर परिक्षेत्र लखनऊ के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ खान शहर के रेलवे जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने फुट ओवरब्रिज और पैनल रूप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों में शक होने पर नाप कराई। माप में सीढ़ियां छोटी-बड़ी मिलने पर अधिकारियों से नाराजगी जताई। जंक्शन पर करीब एक घंटा तक निरीक्षण करने के बाद 11 मोटर ट्रॉलियों के काफिले के साथ ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए वह भोपतपुर रवाना हो गए। रास्ते में अंडरपास और असम हाईवे पुल का निरीक्षण करने के लिए भी रुके। पुल में खामियां मिलने पर उन्होंने ऊंचाई और चौड़ाई की फिर से माप कराई। उसके बारे में वहां मौजूद रेल अधिकारियों से इसके बारे में पूछताछ की। रेल संरक्षा आयुक्त के सवालों का इज्जतनगर मंडल के रेलवे अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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बीच में बोले तो पड़ी फटकार
दूसरे अधिकारी से पूछने पर जब दोनों एक साथ बोल पड़े तो रेल संरक्षा आयुक्त ने दोनों की क्लास लगाई। पुल के अंदर से डबल रेल ट्रैक और इलेक्ट्रिक होने की बात करने पर एक दूसरे की ओर अधिकारी झांकते नजर आए। हालांकि इसके बाद सीआरएस आगे बढ़ गए। उन्होंने संडा पुल का निरीक्षण कर उसका नक्शा और फिटिंग ट्रैक देखा। एक घंटे तक निरीक्षण करने के बाद वह रास्ते में पटरी को देखते हुए पौटा हाल्ट पहुंचे। भोपतपुर स्टेशन से पहले दौलतपुर रेलवे क्रासिंग के पास रुककर भी देखा। बाद में भोपतपुर स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद सीआरएस इज्जतनगर के लिए रवाना हो गए। मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त भोपतपुर से बीसलपुर तक ब्राडगेज लाइन का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान डीआरएम दिनेश कुमार सिंह, कार्यपालक इंजीनियर अनिल कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर अखिलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी सीएल शाह के अलावा सभी विभागों के इंजीनियर मौजूद रहे।
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नौ घंटे में 19 किलोमीटर का सफर
रेल संरक्षा आयुक्त ने पीलीभीत और भोपतपुर के बीच 19 किलोमीटर तक ट्रैक, अंडरपास, मेजर पुल, माइनर पुल, सिग्नल सिस्टम, स्टेशन भवन, प्लेटफार्म, प्वाइंट, क्रासिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। इस 19 किलोमीटर के ट्रैक को सुरक्षा के लिहाज से नौ घंटे तक निरीक्षण करते हुए भोपतपुर पहुंचे।
आज होगा भोपतपुर से बीसलपुर तक निरीक्षण सीआरएस के दो दिवसीय निरीक्षण के दूसरे दिन भोपतपुर से बीसलपुर तक निरीक्षण होगा। इज्जतनगर से सुबह 09:45 बजे भोपतपुर पहुंचेंगे। इसके बाद दस बजे मोटर टॉली से बीसलपुर तक निरीक्षण करने के बाद 03.15 बजे बीसलपुर से पीलीभीत तक स्पीड ट्रॉयल करने के बाद वापस लौट जाएंगे।
निरीक्षण में खराब हो गईं तीन मोटर ट्रॉलियां
सुबह दस बजे जंक्शन से 11 मोटर ट्रॉलियों से सीआरएस का काफिला निरीक्षण को निकला। इसके बाद करीब दो किलोमीटर चलने के बाद तीन मोटर ट्रॉलिया खराब हो गईं। हालांकि खराब बाद में उन्हें ठीक कराने के बाद फिर काफिले में शामिल कर दिया गया। इसकी जानकारी निरीक्षण में शामिल उच्च अधिकारियों को नहीं हो सकी।