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कहीं क्षेत्र छोड़कर तो नहीं निकल गया खूनी बाघ

Sat, 16 Sep 2017 06:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत। Updated Sat, 16 Sep 2017 06:26 PM IST
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The left tiger was not left out of the area
tiger
तीन दिन से नहीं मिली लोकेशन, वन विभाग भी परेशान 
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देवहा नदी किनारे बेहरी गांव के खेतों में घूम रहे बाघ की लोकेशन पिछले तीन दिनों से नहीं मिली है। न ही उसने कोई शिकार किया है और न ही कहीं पदचिह्न मिले हैं। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है बाघ क्षेत्र छोड़कर कहीं और तो नहीं चला गया। यदि ऐसा हुआ तो वन विभाग की मुुश्किलें और बढ़ सकती हैं। बाघ की लोकेशन न मिलने से वन विभाग काफी चिंतित है।
वनकटी के जंगल से निकलकर दो माह पूर्व एक बाघ मेवातपुर, टाह, मोबिनगंज से कचहरी होते खकरा और देवहा नदियां पार कर अमरिया क्षेत्र के हिमकनपुर क्षेत्र में पहुंच गया था। यहां बाघ ने 6, 7 और 10 अगस्त को तीन लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद से ही इस बाघ को पकड़ने की कवायद की जा रही है। भारी भरकम स्टाफ के साथ चार हाथी और कई गाड़ियां, एक ट्रैक्टर और अन्य संसाधन लगाए गए हैं। करीब 35 दिनों से प्रतिदिन टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर बाघ को ढूंढ रही हैं, लेकिन बाघ हत्थे नहीं चढ़ रहा है। इस दौरान कई बार बाघ के पदचिह्न मिले, जबकि उसने वन विभाग द्वारा बांधे गए पड्डों के अलावा भेड़ और नीलगाय आदि का भी शिकार किया। लगातार लोकेशन मिलने और शिकार किए जाने से वन अधिकारी यह मान कर चल रहे थे बाघ इसी क्षेत्र में ठहरा हुआ है, लेकिन पिछले तीन दिनों से बाघ की कोई लोकेशन न मिलने से वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी चिंतित हैं। बुधवार रात से न तो बाघ ने किसी जानवर का शिकार किया है और न ही उसके पदचिह्न मिले हैं। ऐसे में वन विभाग ने भी अन्य संभावनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। यदि बाघ ने क्षेत्र छोड़ दिया है तो वन विभाग की मुश्किल बढ़ सकती है साथ ही किसी भी अनहोनी घटना की संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। 
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वनकटी की ओर वापसी की भी संभावना 
तीन दिन से लोकेशन न मिलने से बाघ के वापस वनकटी की ओर आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसके साथ ही नदी के किनारे-किनारे अमरिया की ओर जाने की भी संभावनाएं है। ऐसे में वनाधिकारियों ने दोनों क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के साथ एक-एक टीम को इन दोनों रास्तों पर भी लगाया है।
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बाघ की लोकेशन तीन दिन से नहीं मिली है। ऐसे में उसके स्थान छोड़ने की संभावनाएं हो सकती हैं। टीमों को क्षेत्र में सघन तलाशी के साथ ही देवहा नदी किनारे अमरिया की ओर एवं वनकटी वापसी के मार्ग पर सर्च करने को लगाया गया है। आसपास के गांव में भी वनकर्मियों को भेजकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। 
- आदर्श कुमार, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी
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