फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Purnpur countryside village ponds to capture 40 !

गांव पूरनपुर देहात में 40 तालाबों पर कब्जा!

Thu, 06 Aug 2015 10:25 PM IST
Purnpur
Purnpur Updated Thu, 06 Aug 2015 10:25 PM IST
विज्ञापन
Purnpur countryside village ponds to capture 40 !

पूरनपुर देहात के 67 तालाबों में 40 पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जा किया गया है। कई के कुछ हिस्से में कब्जा किया गया तो कइयों का वजूद मिटा दिया गया है। राजस्व विभाग ने भी जांच के बाद बीस तालाबों पर अवैध कब्जा मानते हुए पूर्व में नोटिस जारी किया। लेकिन यह सिर्फ कागजी कार्रवाई भर रही। सांठगांठ के चलते सारा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

विज्ञापन

करीब एक लाख आबादी और 32 हजार वोटर वाली इस ग्राम पंचायत में 67 तालाब राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। नौ तालाब एक फार्मर की कृषि भूमि के बीच में हैं। इनमें से कुछ तालाबों के चारों ओर वृक्ष लगाकर भूमि की चौहद्दी कर उसे अंदर कर लिया गया है। आधा दर्जन तालाब कालोनाइजरों के कब्जे में होने के चलते उनका वजूद ही मिट चुका है। आरोप है कि गांटा संख्या 102 और 103 के तालाबों की 0.368 और 0.045 हेक्टेअर के कुछ हिस्से पर कब्जा कर पक्के घर निर्माण करा लिए जाने की भी लोग बात कह रहे हैं। एलआईसी के समीप गांटा संख्या 817 के 0.283 हेक्टेअर तालाब के एक कोने पर कब्जा कर झोपड़ पट्टी डाल ली गई। शेरपुर रोड पर गाटा संख्या 164 के 0.0618 हेक्टेअर के कुछ हिस्से पर कब्जा कर एक राइस मिल की दीवार उठा  ली गई। गांटा संख्या 888 के तालाब के कुछ हिस्से पर कब्जा कर एक कालेज की दीवार उठा ली गई। गांटा संख्या 963 के 0.333 हेक्टेअर के तालाब का वजूद मिटाकर हाल में ही बाउंड्रीवाल कर ली गई। इसकी पुष्टि ग्राम के प्रधान ने भी की। तालाबों पर अवैध कब्जे की शिकायत पर राजस्व विभाग ने भी जांच के बाद बीस तालाबों पर अवैध कब्जा पाया था। तत्कालीन तहसीलदार ने उक्त कब्जेदारों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अवैध कब्जा हटाने और कब्जा न हटने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
विज्ञापन


शिकायत के बाद नहीं हट रहे अवैध कब्जे
ग्राम पंचायत के 67 तालाबों में 40 पर अवैध कब्जा है। कई तालाबों का तो वजूद ही मिटा दिया गया। हल्का लेखपाल से लेकर तहसीलदार, एसडीएम, डीएम और राजस्व परिषद को भी शिकायत की गई। करीब 20 आरोपियों को नोटिस भी जारी हुए, लेकिन तालाबों से कब्जा नहीं हट सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेंहदी हसन, प्रधान पूरनपुर देहात

एक दूसरे को जिम्मेदार मान रहे अफसर
अभिलेख है चकबंदी विभाग के पास
पूरनपुर देहात में चकबंदी चल रही है। करीब एक साल पहले सारे अभिलेख चकबंदी विभाग को सौंप दिए गए। तालाबों पर कब्जा आदि को लेकर चकबंदी विभाग की ही जिम्मेदारी है। मेरे संज्ञान में तालाबों पर कहीं कब्जा नहीं है। अगर शिकायत आती है तब बरसात के बाद तालाब सूखने पर दिखवाया जाएगा।
दिग्विजय सिंह, तहसीलदार पूरनपुर  

अभिलेख जाने से अधिकार नहीं चले जाते
अभिलेख चकबंदी विभाग को आने पर राजस्व विभाग  के अफसरों के अधिकार समाप्त नहीं होते। तालाब व  ग्राम समाज की भूमि की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। चकबंदी विभाग से तो खेतों की चकबंदी  होती है।
गणेश दत्त पांडेय, सीओ चकबंदी


तालाब पर कब्जे का प्रयास, एक पकड़ा
शासन के निर्देश के बाद भी तालाबों पर कब्जे हो रहे हैं। कस्बे में हथकड़ा के तालाब पर कब्जा करने की नीयत से कुछ लोगों ने पिलर लगाकर भराव शुरू करा दिया। इसकी शिकायत पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया लेकिन शाम को राजनैतिक दबाव में आकर दोनों को छोड़ दिया गया।

कस्बे के उत्तर दिशा की ओर हथकड़ा का तालाब है। इस तालाब पर पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने कब्जा करने की नीयत से सीमेंट के पक्के पिलर बना लिए और मिट्टी का भराव शुरू कर दिया। तालाब में अवैध रूप से हो रहे पटान की जानकारी पर मोहल्ले के हाशिम ने पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की। इस पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पिलर और भराव होने पर दो लोगों को हिरासत में ले लिया। दोनों को शाम तक थाने में बैठाकर रखा गया। जांच को लेखपाल को भी बुलाया गया। लेखपाल की जांच में पिलर तालाब में लगे पाए गए। लेकिन राजनीतिक दबाव और पकड़े गए लोगों द्वारा माफी मांगने पर पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। इसकी कस्बे में काफी चर्चा रही और शाम तक थाने के सामने लोग जमा रहे। इस बाबत जानकारी करने पर एसओ विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मौखिक शिकायत मिली थी। पिलर हटाने और पुन: ऐसा न करने का आश्वासन देने पर दोनों को छोड़ दिया गया है। यदि पुन: शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed