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15 मिनट में पीड़ित तक पहुंचेगी पुलिस
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:10 PM IST
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15 मिनट में पीड़ित तक पहुंचेगी पुलिस
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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अत्याधुनिक संसाधनों से परिपूर्ण कर हाईटेक अंदाज में पुलिस महकमे को मजबूत बनाने के लिए शासन से शुरू की जा रही यूपी 100 योजना के महज आगाज ने अंजाम का अहसास करा दिया है। रणनीति के मुताबिक कार्य जारी रहा तो अपराध पर रोकथाम लगाने में खासी मदद मिलेगी। पीड़ित तक पुलिस सिर्फ 15 मिनट में पहुंचेगी। दिल्ली की तर्ज पर हाइटेक अंदाज में जिले में संसाधनों के साथ प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। विभागीय अफसरों द्वारा इसका पूरा खाका तैयार किया जा चुका है।
इसकी शुरुआत होने के बाद जिले में भी पुलिस व्यवस्था के हालात काफी सुधर सकेगे। वाहनों एवं संसाधनों की किल्लत दूर होगी। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। जिला स्तर पर मॉनीटरिंग तो रहेगी ही, साथ में सीधे लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गतिविधियों और पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई पर नजर रख सकेंगे। किसी तरह की लापरवाही या वर्क लोड के चलते योजना को पलीता न लग जाए, इसको देखते हुए विंग में शामिल किए गए पुलिसकर्मियों को अन्य कार्यों से अलग रखा जाएगा। सिर्फ पुलिस की मुस्तैदी और वर्क को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। अफसरों का दावा है कि योजना की शुरुआत के बाद शहरी क्षेत्र में सूचना के 15 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 20 मिनट के भीतर पीड़ित को पुलिस की मदद मिल सकेगी।
इस तरह काम करेंगे यूपी 100 के पुलिसकर्मी
पुलिस की यूपी 100 विंग में शामिल पुलिसकर्मी सीधे लखनऊ कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। चिह्नित कुल 63 हजार प्वाइंटों को सेक्टर में बांटकर टीमों की तैनाती की जाएगी। अपराध की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी। इसके बाद फोटो खींचकर ही बनाए गए सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर अफसरों को जानकारी दी जाएगी। बाद में कार्रवाई की प्रगति को भी सिस्टम पर अपडेट किया जाएगा। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी 12 घंटे की रहेगी। हालांकि पुलिस बल बढ़ने पर उसको आठ घंटे कर दिया जाएगा।
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37 चार पहिया, 14 दुपहिया वाहन मिलेंगे
जिले में यूपी 100 योजना के तहत वाहनों की कमी भी पुलिस के सामने नहीं रहेगी। इसके लिए शासन से 37 चार पहिया वाहन पुलिस को मिलेंगे। इसमें 25 बोलेरो और 12 इनोवा कार होंगी। इसके अलावा 14 मोटर साइकिल भी मिलेगी, ताकि सकरी गलियों में पहुंचने में असुविधा न हो। सभी वाहन जीपीएस सिस्टम से लैस रहेंगे। वाहनों के पेट्रोल को लेकर पेट्रो कार्ड भी मिलेगा। प्रतिदिन डेढ़ सौ किलोमीटर का पेट्रोल, डीजल दिया जाएगा।
एएसपी नोडल अफसर, सीओ सिटी बने सहायक
इसका प्रभारी एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल को बनाया गया है। जिला स्तर पर एएसपी डॉ.रामसुरेश यादव डायल 100 योजना के नोडल अफसर होंगे। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को सहायक नोडल अफसर बनाया गया है। इसके अलावा इंस्पेक्टर केपी सिंह को प्रभारी रहेंगे। इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने पूरी जिम्मेदारी विंग के प्रभारी पर होगी।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा अधिक वेतन
यूपी 100 विंग में जिले में कुल 176 पुलिसकर्मी शामिल किए गए है। इंस्पेक्टर व दरोगाओं को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये और सिपाहियों को दो हजार रुपये अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को सीमा के जिलों में भी तैनाती रहेगी। इन पर बार्डर योजना लागू नहीं होगी। पुलिसकर्मियों को कार्य के दौरान जनरेटर, कुर्सी, प्रोजेक्टर आदि जिस संशाधन की जरूरत होगी, सभी मुहैया कराए जाएंगे।
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इसकी शुरुआत होने के बाद जिले में भी पुलिस व्यवस्था के हालात काफी सुधर सकेगे। वाहनों एवं संसाधनों की किल्लत दूर होगी। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। जिला स्तर पर मॉनीटरिंग तो रहेगी ही, साथ में सीधे लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गतिविधियों और पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई पर नजर रख सकेंगे। किसी तरह की लापरवाही या वर्क लोड के चलते योजना को पलीता न लग जाए, इसको देखते हुए विंग में शामिल किए गए पुलिसकर्मियों को अन्य कार्यों से अलग रखा जाएगा। सिर्फ पुलिस की मुस्तैदी और वर्क को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। अफसरों का दावा है कि योजना की शुरुआत के बाद शहरी क्षेत्र में सूचना के 15 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 20 मिनट के भीतर पीड़ित को पुलिस की मदद मिल सकेगी।
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इस तरह काम करेंगे यूपी 100 के पुलिसकर्मी
पुलिस की यूपी 100 विंग में शामिल पुलिसकर्मी सीधे लखनऊ कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। चिह्नित कुल 63 हजार प्वाइंटों को सेक्टर में बांटकर टीमों की तैनाती की जाएगी। अपराध की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचेगी। इसके बाद फोटो खींचकर ही बनाए गए सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर अफसरों को जानकारी दी जाएगी। बाद में कार्रवाई की प्रगति को भी सिस्टम पर अपडेट किया जाएगा। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी 12 घंटे की रहेगी। हालांकि पुलिस बल बढ़ने पर उसको आठ घंटे कर दिया जाएगा।
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37 चार पहिया, 14 दुपहिया वाहन मिलेंगे
जिले में यूपी 100 योजना के तहत वाहनों की कमी भी पुलिस के सामने नहीं रहेगी। इसके लिए शासन से 37 चार पहिया वाहन पुलिस को मिलेंगे। इसमें 25 बोलेरो और 12 इनोवा कार होंगी। इसके अलावा 14 मोटर साइकिल भी मिलेगी, ताकि सकरी गलियों में पहुंचने में असुविधा न हो। सभी वाहन जीपीएस सिस्टम से लैस रहेंगे। वाहनों के पेट्रोल को लेकर पेट्रो कार्ड भी मिलेगा। प्रतिदिन डेढ़ सौ किलोमीटर का पेट्रोल, डीजल दिया जाएगा।
एएसपी नोडल अफसर, सीओ सिटी बने सहायक
इसका प्रभारी एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल को बनाया गया है। जिला स्तर पर एएसपी डॉ.रामसुरेश यादव डायल 100 योजना के नोडल अफसर होंगे। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट को सहायक नोडल अफसर बनाया गया है। इसके अलावा इंस्पेक्टर केपी सिंह को प्रभारी रहेंगे। इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने पूरी जिम्मेदारी विंग के प्रभारी पर होगी।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा अधिक वेतन
यूपी 100 विंग में जिले में कुल 176 पुलिसकर्मी शामिल किए गए है। इंस्पेक्टर व दरोगाओं को प्रतिमाह ढाई हजार रुपये और सिपाहियों को दो हजार रुपये अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को सीमा के जिलों में भी तैनाती रहेगी। इन पर बार्डर योजना लागू नहीं होगी। पुलिसकर्मियों को कार्य के दौरान जनरेटर, कुर्सी, प्रोजेक्टर आदि जिस संशाधन की जरूरत होगी, सभी मुहैया कराए जाएंगे।