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जहर पीने जा रहे प्रेमी युगल को दबोचा
Pilibhit
Updated Mon, 10 Aug 2015 11:12 PM IST
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सोमवार को उपाधि महाविद्यालय में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जहर गटकने जा रहे प्रेमी युगल को दबोच लिया। दोनों को कमरे में बंद कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों को पकड़ कर थाने ले गई, जहां लड़की को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया।
महाविद्यालय में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज गुप्ता प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ महाविद्यालय परिसर में निरीक्षण कर रहे थे। इस बीच पानी की टंकी के पीछे कुछ आवाजें सुनाई देने पर उन्होंने पीछे जाकर देखा तो एक लड़का और लड़की आपस में कुछ छीनने का प्रयास कर रहे थे। पूछताछ पर दोनों ने अपने को कॉलेज का विद्यार्थी न होने की बात बताई। इस पर डॉ. प्रतिभा पांडेय ने लड़की के मुट्ठी को खुलवाकर देखा तो उसमें सल्फास की पुड़िया मिली। जानकारी पर महाविद्यालय में हड़कंप मच गया। दोनों को कार्यालय अधीक्षक के कमरे में लाया गया। पूछताछ करने पर लड़के ने बताया कि दोनों रिच्छा के रहने वाले हैं। इस बीच प्राचार्य और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही महिला कांस्टेबल पहुंच गई। सख्ती से पूछताछ पर लड़की ने अपने परिवार वालों का फोन नंबर दिया।
कॉलेज प्रशासन ने फोन कर परिवार वालों को सूचना दी। कुछ देर बाद महाविद्यालय पहुंची एक महिला ने खुद को लड़की की बुआ बताया। उसने बताया कि लड़की के माता-पिता नहीं है। भाई की मौत के बाद वह लड़की और उसके छोटे भाई को लेकर यहां चली आई थी। महिला ने बताया कि उक्त लड़का इससे पहले भी फोन करता था। कुछ देर बाद पुलिस दोनों को थाने ले गई। जहां पूछताछ के बाद लड़की को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि लड़के को हिरासत में ले लिया।
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एवीबीपी कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
घटना की जानकारी पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री दीपक कुमार कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस बुलाने का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में प्राचार्य के समझाने पर मामला शांत हो गया।
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महाविद्यालय में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज गुप्ता प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ महाविद्यालय परिसर में निरीक्षण कर रहे थे। इस बीच पानी की टंकी के पीछे कुछ आवाजें सुनाई देने पर उन्होंने पीछे जाकर देखा तो एक लड़का और लड़की आपस में कुछ छीनने का प्रयास कर रहे थे। पूछताछ पर दोनों ने अपने को कॉलेज का विद्यार्थी न होने की बात बताई। इस पर डॉ. प्रतिभा पांडेय ने लड़की के मुट्ठी को खुलवाकर देखा तो उसमें सल्फास की पुड़िया मिली। जानकारी पर महाविद्यालय में हड़कंप मच गया। दोनों को कार्यालय अधीक्षक के कमरे में लाया गया। पूछताछ करने पर लड़के ने बताया कि दोनों रिच्छा के रहने वाले हैं। इस बीच प्राचार्य और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही महिला कांस्टेबल पहुंच गई। सख्ती से पूछताछ पर लड़की ने अपने परिवार वालों का फोन नंबर दिया।
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कॉलेज प्रशासन ने फोन कर परिवार वालों को सूचना दी। कुछ देर बाद महाविद्यालय पहुंची एक महिला ने खुद को लड़की की बुआ बताया। उसने बताया कि लड़की के माता-पिता नहीं है। भाई की मौत के बाद वह लड़की और उसके छोटे भाई को लेकर यहां चली आई थी। महिला ने बताया कि उक्त लड़का इससे पहले भी फोन करता था। कुछ देर बाद पुलिस दोनों को थाने ले गई। जहां पूछताछ के बाद लड़की को उसके परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि लड़के को हिरासत में ले लिया।
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एवीबीपी कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
घटना की जानकारी पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री दीपक कुमार कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस बुलाने का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में प्राचार्य के समझाने पर मामला शांत हो गया।