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जीप में बेहोश मिला फार्मर, 12 लाख रुपये हुए गायब
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:29 AM IST
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गांव भिखारीपुर स्थित केनरा बैंक की शाखा में क्रेडिट कार्ड के 12 लाख रुपये जमा करने जा रहा किसान रास्ते में अपनी ही जीप में बेहोश पड़ा मिला। उसके पास मौजूद 12 लाख रुपये नकदी से भरा थैला गायब था। जानकारी पर पहुंचे घरवालों ने किसान को नशा देकर 12 लाख रुपये लूटने की आशंका जताई है। बेहोश किसान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस घटना को संदिग्ध बताया है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के आराजी दहगला गांव के निवासी किसान अजायब सिंह (40) शुक्रवार सुबह दस बजे किसान क्रेडिट कार्ड के 12 लाख रुपये केनरा बैंक भिकारीपुर शाखा में जमा करने के लिए जीप से निकले थे। गांव से दो किलोमीटर दूर वह बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। पीड़ित ने ग्राम प्रधान जसपाल सिंह को फोन कर इसकी सूचना दी। जिस पर 15 मिनट में परिवारीजन ग्राम प्रधान संग मौके पर पहुंच गए। जहां किसान अजायब सिंह अचेत अवस्था में जीप में मिले और 12 लाख रुपये से भरा बैग गायब था। परिवार वाले पीड़ित को लेकर पहले भिकारीपुर के एक चिकित्सक के पास गए। जिसके बाद उसको शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फार्मर के परिवारीजनों का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने नशा देकर 12 लाख रुपये लूट लिए है। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी योगेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर मौके पर जाकर छानबीन की गई थी। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ है। जिसको लेकर जांच की जा रही है। अफसरों को भी इससे अवगत करा दिया गया है। पुलिस से नशा देने की नहीं, बल्कि फार्मर की तबीयत बिगडने की बात कही गई है।
दो दिन पहले बेची थी जमीन
पीड़ित अजायब सिंह ने दो दिन पहले ही अपनी आठ बीघा जमीन बेची थी। इसी के एवज में 12 लाख रुपये मिले थे। जिसके बाद दो दिन रुपया वह अपने पास रखे रहे और शुक्रवार को जमा कराने के लिए निकले थे।
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पुलिस को इन बातों पर संदेह
सुनगढ़ी पुलिस को घटना की छानबीन के दौरान कई संदिग्ध पहलू मिले है। जिनको लेकर पुलिस जांच में जुटी है और मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी योगेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि परिवार वालों से बातचीत की गई तो पता लगा कि फार्मर का बेटा पवन सिंह भी सुबह शहर अपने दोस्त के एकाउंट में 45 हजार रुपये जमा करने आया था। लेकिन दोनों साथ नहीं आए। बताया गया है कि 12 लाख रुपये की रकम दो दिन से फार्मर ने अपनी खुली जीप में रख रखी थी, जोकि संदेह का विषय है। कई लोगों का कर्ज भी फार्मर पर है। इसके अलावा पीड़ित ने फोन पर तबीयत खराब होने की सूचना दी, न कि नशा देकर लूटने की। फोन के मात्र चार मिनट के भीतर परिवार वालों संग ग्राम प्रधान मौके पर पहुंच गए थे, तब भी कोई रुपये गायब होने और नशा देने की बात नहीं कही गई थी। रुपये का थैला किस रंग का था और जीप में कहां रखा था। इस बात को लेकर भी बयान बदले हुए है।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के आराजी दहगला गांव के निवासी किसान अजायब सिंह (40) शुक्रवार सुबह दस बजे किसान क्रेडिट कार्ड के 12 लाख रुपये केनरा बैंक भिकारीपुर शाखा में जमा करने के लिए जीप से निकले थे। गांव से दो किलोमीटर दूर वह बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। पीड़ित ने ग्राम प्रधान जसपाल सिंह को फोन कर इसकी सूचना दी। जिस पर 15 मिनट में परिवारीजन ग्राम प्रधान संग मौके पर पहुंच गए। जहां किसान अजायब सिंह अचेत अवस्था में जीप में मिले और 12 लाख रुपये से भरा बैग गायब था। परिवार वाले पीड़ित को लेकर पहले भिकारीपुर के एक चिकित्सक के पास गए। जिसके बाद उसको शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फार्मर के परिवारीजनों का आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने नशा देकर 12 लाख रुपये लूट लिए है। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी योगेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर मौके पर जाकर छानबीन की गई थी। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ है। जिसको लेकर जांच की जा रही है। अफसरों को भी इससे अवगत करा दिया गया है। पुलिस से नशा देने की नहीं, बल्कि फार्मर की तबीयत बिगडने की बात कही गई है।
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दो दिन पहले बेची थी जमीन
पीड़ित अजायब सिंह ने दो दिन पहले ही अपनी आठ बीघा जमीन बेची थी। इसी के एवज में 12 लाख रुपये मिले थे। जिसके बाद दो दिन रुपया वह अपने पास रखे रहे और शुक्रवार को जमा कराने के लिए निकले थे।
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पुलिस को इन बातों पर संदेह
सुनगढ़ी पुलिस को घटना की छानबीन के दौरान कई संदिग्ध पहलू मिले है। जिनको लेकर पुलिस जांच में जुटी है और मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी योगेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि परिवार वालों से बातचीत की गई तो पता लगा कि फार्मर का बेटा पवन सिंह भी सुबह शहर अपने दोस्त के एकाउंट में 45 हजार रुपये जमा करने आया था। लेकिन दोनों साथ नहीं आए। बताया गया है कि 12 लाख रुपये की रकम दो दिन से फार्मर ने अपनी खुली जीप में रख रखी थी, जोकि संदेह का विषय है। कई लोगों का कर्ज भी फार्मर पर है। इसके अलावा पीड़ित ने फोन पर तबीयत खराब होने की सूचना दी, न कि नशा देकर लूटने की। फोन के मात्र चार मिनट के भीतर परिवार वालों संग ग्राम प्रधान मौके पर पहुंच गए थे, तब भी कोई रुपये गायब होने और नशा देने की बात नहीं कही गई थी। रुपये का थैला किस रंग का था और जीप में कहां रखा था। इस बात को लेकर भी बयान बदले हुए है।