डिस के स्वामित्व को लेकर तो नहीं हुई हैदर की हत्या!
हैदर के पिता आफाक खां ने कई साल पहले नगर में संचालित केबिल डिस को खरीदा था। तब दो साझीदार थे। आफाक खां ने स्वास्थ्य ठीक न रहने को लेकर अपने एक रिश्तेदार को डिस का काम देखने को रखा था। रिश्तेदार भी कुछ दिनों में साझीदार हो गया। डिस की देखरेख करने वाले युवक की कुछ दिनों से हैदर से बोलचाल नहीं थी। इसकी जानकारी हैदर की मां ने रात को हैदर को ढूंढने पहुंचे लोगों को दी थी, लेकिन बाद में उसी युवक ने कोतवाली पहुंचकर हैदर की गुमशुदगी दर्ज कराई और परिवार वालों के साथ उसे ढूंढता भी रहा। उधर, घटना स्थल के समीप रात साढ़े नौ बजे स्कार्पियो सवार नगर के तीन युवक आपस में झगड़ते देखे गए थे। तब एक राहगीर ने झगड़ रहे युवकों को टोका भी था, लेकिन युवकों ने ऐेसे ही झगडने की जानकारी दी थी। प्रत्यक्षदर्शी एक राहगीर के अनुसार उक्त तीनों युवकों में एक युवक दो युवकों की मिन्नत जैसे कर रहा हो लग रहा था। कुछ देर बाद स्कार्पियों सवार तीनों युवक स्कार्पियों पर सवार होकर नगर में आए। इसमें से दो युवक सरवनपुरी गेट के समीप उतरे थे। उक्त तीनों युवक नगर में एक स्थान पर चलने वाले पूल में खेलने जाते हैं। हैदर भी उक्त पूल मेें अक्सर खेलने जाता था। कहीं उक्त युवकों के तार तो हैदर की हत्या से नहीं जुड़े है? इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।