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...कहीं हत्यारों को बचाने के लिए तो नहीं हो रहा खेल

Wed, 08 Apr 2015 12:32 AM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Wed, 08 Apr 2015 12:32 AM IST
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थाना बरखेड़ा के गांव नगराफिजा निवासी रामपाल वर्मा और उनकी पत्नी नन्ही देवी के अलावा बीसलपुर क्षेत्र में देवहा नदी में मिले कोतवाली दियोरिया क्षेत्र के गांव बढ़ारा निवासी सुरेंद्र कुमार की मौत का कारण भी स्पष्ट न होने से यह सवाल उठने लगे हैं कि मौत के जिम्मेदारों को बचाने के  लिए कहीं खेल तो नहीं हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों के भी गले नहीं उतर रही है।
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रविवार को गांव नगराफिजा निवासी रामपाल वर्मा और उसकी पत्नी नन्ही देवी का शव गांव भसूड़ा के निकट एक नाले में पड़ा मिला था। वह दोनों बाइक से बीसलपुर स्थित एक रिश्तेदारी में जा रहे थे। बाइक एक पेड़ के पास सुरक्षित खड़ी थी। पुलिस का दावा था कि दंपति की मौत बाइक के पेड़ से टकराने पर हुई, लेकिन जब शवों का पोस्टमार्टम हुआ तो उनके शवों पर कोई चोट के कोई निशान तक नहीं मिले। इस पर डॉक्टर ने विसरा सुरक्षित कर लिया।
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यही बात छात्र सुरेंद्र कुमार के  मिले शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देखने को मिली। उसका शव बीसलपुर कोतवाली के गांव ढुकसी के पास देवहा नदी में उतराता हुआ मिला था। घर वाले और पुलिस उसकी हत्या होना मान रहे थे। मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिली तो अधिकारी हैरान हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उलझी हुई है।
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प्रभारी कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में छात्र के शरीर पर कोई चोट नहीं हैं। उसकी मौत पोस्टमार्टम से एक से दो दिन पहले होना बताई गई है। दोनों मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है। इससे विभाग और लोगों में इस बात की  काफी चर्चा है कि कहीं इन मौतों के जिम्मेदारों को बचाने के लिए चिकित्सीय जांच में खेल तो नहीं हो रहा है।
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दोनों मामलों में जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है, वह वाकई अचंभित करने वाली है। प्रथम दृष्टया साफ था कि छात्र की हत्या हुई है और उसके शव को नदी में फेंका गया है। वह दोनों मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर वरिष्ठ डॉक्टरों से भी रायशुमारी करेंगे।
- जेके शाही, एसपी

एफआईआर में खेल, नहीं बढ़ाई लूट की धारा  
पीलीभीत। पुलिस शवों के साथ भी खेल करने से बाज नहीं आती है। ऐसा ही  बीसलपुर में गजरौला रोड पर रेलवे क्रॉसिंग व गांव भसूड़ा के बीच दंपति के शव मिलने के मामले में देखने को मिला। पुलिस ने मृतक के भाई देवदत्त से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कर पूरी मनमानी की और मामले की रिपोर्ट सड़क हादसे में लिख ली। दर्ज रिपोर्ट में महिला के शव से उतारे गए गहनों का जिक्र भी नहीं किया।
शनिवार को थाना बरखेड़ा के गांव नगराफिजा निवासी रामपाल वर्मा अपनी पत्नी नन्ही देवी के साथ बाइक से बीसलपुर रिश्तेदारी में जा रहे थे। रविवार की सुबह दोनों का शव गजरौला रोड पर रेलवे क्रॉसिंग व भसूड़ा गांव के निकट नाले में पड़ा मिला था। उसकी बाइक एक पेड़ के पास सुरक्षित खड़ी थी। पुलिस इस मामले में शुरू से ही लीपापोती करने लगी।
पुलिस दंपति की मौत बाइक पेड़ से टकराने से होने की बात दावे से कह रही थी। घटना के बाद पुलिस ने चालाकी दिखाई और मृतक के भाई देवदत्त से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर मनचाही सड़क हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इतना ही नहीं लूट की धारा बढ़ाने से बचने के लिए पुलिस ने शव से गायब गहनों का भी जिक्र नहीं किया। यही नहीं पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बाद भी जांच की गति धीमी कर दी। नतीजतन 48 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

गमगीन माहौल में छात्र के  शव की अंत्येष्टि
बीसलपुर। कोतवाली दियोरिया कलां के गांव बढ़ारा निवासी बीए तृतीय वर्ष के छात्र सुरेंद्र कुमार का शव पोस्टमार्टम के बाद जब गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार को गमगीन माहौल में शव की अंत्येष्टि कर दी गई।

गांव बढ़ारा निवासी संजीव गंगवार का 20 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र कुमार प्रीति डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। वह बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद की हरित नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। तीन दिन से गायब छात्र सुरेंद्र का शव सोमवार को ढुकसी के पास देवहा नदी में उतराता हुआ मिला था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव घर वालों को सौंप दिया। घर वाले जब देर रात शव लेकर पहुंचे तो घर में कोहराम मच गया। मंगलवार को गमगीन माहौल में शव की अंत्येष्टि कर दी गई।
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