जुलूस पर लाठीचार्ज और फायरिंग की निंदा
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जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने के प्रयास के दौरान हुए पथराव, लाठीचार्ज और फायरिंग की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। बसपा और कांग्रेस ने सपा का गुंडाराज बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बसपा के जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम ने कहा कि बारावफात के जुलूस को लेकर उपजे विवाद को निपटाने में प्रशासन का नजरिया शुरू से ही ढुलमुल रहा। सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस प्रशासन ने लोगों की भावनाओं को समझने के बजाए उन्हें भड़काने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन द्वारा जुलूस निकालने वालों पर की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना सपा के गुंडाराज का एक नमूना है। उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक अंसारी ने कहा पुलिस प्रशासन द्वारा धार्मिक जुलूस निकालने वाले निहत्थों पर लाठीचार्ज और फायरिंग निंदनीय है। प्रशासन सूझबूझ से काम लेता तो घटना को टाला जा सकता था। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वीएम सिंह समर्थक ग्यासुद्दीन ने भी घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि निहत्थों पर ताकत आजमाने के बजाए अगर पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास करती तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता था।