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किडनैपिंग और बंधक बनाकर रखने के मामले में दो को जेल

Sun, 22 Jul 2018 12:06 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत Updated Sun, 22 Jul 2018 12:06 AM IST
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किडनैपिंग और बंधक बनाकर रखने के मामले में दो को जेल
जेल
गायब बेटी का सुराग लगाने के लिए तीन युवकों को फार्म हाउस पर बंधक बनाकर मारपीट करने के मामले में अमरिया पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों के छूटने के बाद हल्ला मचने पर कानूनी कार्रवाई की है। दोनों पक्षों से मिली तहरीर पर नौ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं दो आरोपियों का शनिवार को पूछताछ के बाद चालान कर दिया है।
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अमरिया थाना क्षेत्र के एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी के फार्म हाउस पर काम करने वाले उनके प्रबंधक की नाबालिग बेटी 15 जुलाई को क्षेत्र का राहुल बहला फुसलाकर ले गया था। इसके बाद शुक्रवार को किशोरी के परिजनों ने राहुल के एक नाबालिग समेत तीन रिश्तेदार संतोष, बृजमोहन को शुक्रवार सुबह से फार्म हाउस पर बंधक बनाकर मारपीट की। मामले की जानकारी विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सतेंद्र यादव को मिलने के बाद सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल की अगुवाई में शुक्रवार रात पहुंची पुलिस ने तीनों को फार्म हाउस से बंधनमुक्त करवाया था। देर रात तक सीओ ने दोनों पक्षों को सुना और गहनता से पूरे प्रकरण को जाना। बंधक बनाए गए लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। जिसके बाद अमरिया पुलिस को कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। शनिवार को मामले में दोनों ओर से दी गई तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। अमरिया पुलिस ने किशोरी के पिता से मिली तहरीर पर आरोपी राहुल, संतोष, बृजमोहन, संजीव और संतोष की बहन पर बहला फुसलाकर किशोरी को ले जाने और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की है। हालांकि अभी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट को शामिल नहीं किया है। उधर, दूसरे पक्ष से गेंदनलाल की ओर से मिली तहरीर पर पान सिंह, विनोद भारद्वाज, रमेश चंद्र शर्मा, किशनलाल के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट, एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके अलावा दो आरोपी पान सिंह और विनोद भारद्वाज का पुलिस ने चालान कर दिया है।
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किशोरी के पंजाब में होने की मिली जानकारी
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस की पूछताछ से किशोरी के पंजाब में होने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार बंधक बनाकर मारपीट करने के बाद किशोरी के परिजनों को इसकी जानकारी हो गई थी। वह पंजाब के लिए निकलने वाले थे। कार भी मुहैया कराई जा चुकी थी, लेकिन इस बीच सूचना मिली और पुलिस ने छापामारी कर दी। अब किशोरी को लाने का प्रयास किया जा रहा र्है।
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पुलिस होती संजीदा, तो इतना नहीं बढ़ता विवाद

पीलीभीत। किशोरियों की तलाश के लिए टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। हर माह होने वाली अपराध समीक्षा बैठक और थानों -चौकियों के निरीक्षण में इसका पाठ मातहतों को पढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद थाना और चौकी स्तर पर घटना की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई के बजाए उनको टरकाने की आदत पुलिसकर्मियों में बनी हुई है। यही वजह रही कि अमरिया में किशोरी को फुसलाकर ले जाने का मामला बंधक बनाकर मारपीट तक पहुंच गया।
किशोरी के परिवार वालों की मानें तो किशोरी के 15 जुलाई को चले जाने की सूूचना बिरहनी चौकी पुलिस को इससे पहले ही दे दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद किशोरी के परिजनों ने उसकी तलाश के नाम पर कानून को ताक पर रख दिया। तीन लोगों को बहाने से फार्म हाउस पर ले गए और बंधक बनाकर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद यूपी 100 पुलिस ने एक बार तीनों लोगों को छुडा भी लिया, लेकिन दुबारा उनको बंधक बना लिया गया। जिससे कहीं न कहीं पुलिस स्तर पर बरती गई लापरवाही खुलकर उजागर हो रही है। अगर सही समय पर पुलिस घटना को लेकर एक्टिव हो गई होती, तो मामला इतना तूल नहीं पकड़ता। हालांकि पुलिस पूर्व में शिकायत किए जाने की बात को नकार रही है।


बंधक बनाए गए लोगों के मेडिकल परीक्षण में सामान्य चोटें आई हैं। कोई गंभीर चोट का जिक्र नहीं किया गया है। मामले में किशोरी को ले जाने और दूसरे पक्ष से बंधक बना मारपीट व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। गंभीरता से जांच कर कार्रवाई के निर्देश अमरिया पुलिस को दिए गए हैं। पुलिस से पूर्व में शिकायत की बात उनके संज्ञान में नहीं है। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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