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...तो गुडमैन सूची में है दरोगा, इसलिए कार्रवाई नहीं!
Updated Wed, 14 Mar 2018 07:36 PM IST
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गुडमैन सूची में है दरोगा, इसलिए कार्रवाई नहीं!
चोर पकड़ने वालों का शांतिभंग में चालान करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। चोरी के आरोप में पकड़े गए मोहल्ला डोरीलाल के दो युवकों का शनिवार को शांतिभंग में कार्रवाई करने वाले दरोगा पर आरोप साबित होने के बाद भी विभागीय कार्रवाई नहीं हुई। दरोगा को मिले अभयदान के पीछे उसका अफसरों की गुडमैन सूची में शामिल होना अहम वजह बताया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व में दरोगा के विवादित कार्य भी खुलकर कुछ पुलिसकर्मी गिनाने में जुटे हैं।
मामला सिर्फ चोर पकड़ने वालों का चालान करने तक सीमित नहीं रहा। मनमानी कार्रवाई के अलावा आरोपी दरोगा ने अफसरों को भी गुमराह किया। पहले सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल के निर्देश पर जांच के नाम पर घटना को मारपीट का बता दिया था। इसके बाद जब मामला एसपी तक पहुंचा, तो भी चोरी के आरोपी को मानसिक मंदित बता मारपीट की बात कहते हुए गुमराह किया गया। स्थानीय लोगों के बयान सामने आने के बाद स्वॉट टीम की जांच में जब कलई खुली, तो अफसर कार्रवाई से बचते रहे हैं। अधिकारियों द्वारा गलती स्वीकारने के बावजूद कार्रवाई से पीछे हटना तरह -तरह की चर्चाएं पैदा कर रहा है। कहा जा रहा है कि अधिकारियों की निगाह में गुडमैन बने होने के कारण उक्त दरोगा को बचाया गया है। इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी अधिकारी स्तर पर निगाह फेरने की बात कही जा रही है। कोतवाली लाए गए सटोरिये के रिश्तेदार को होली से चंद दिन पहले अभयदान देने की बात खासा चर्चाओं में है। फिलहाल अफसर भी जांच के बाद पूरे मामले को हजम कर गए हैं।
बयान........
जिस युवक को चोरी के आरोप में पकड़कर लाया गया, उसको कोतवाली पुलिस मानसिक मंदित बता रही है। दो स्थानीय युवकों का चालान किया जाना गलत है, लेकिन ऐसी कोई बात निकलकर नहीं आई, जिससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठे। मामला काफी उलझा सा है, इसलिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई है।
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कलानिधि नैथानी, एसपी
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चोर पकड़ने वालों का शांतिभंग में चालान करने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। चोरी के आरोप में पकड़े गए मोहल्ला डोरीलाल के दो युवकों का शनिवार को शांतिभंग में कार्रवाई करने वाले दरोगा पर आरोप साबित होने के बाद भी विभागीय कार्रवाई नहीं हुई। दरोगा को मिले अभयदान के पीछे उसका अफसरों की गुडमैन सूची में शामिल होना अहम वजह बताया जा रहा है। इसके अलावा पूर्व में दरोगा के विवादित कार्य भी खुलकर कुछ पुलिसकर्मी गिनाने में जुटे हैं।
मामला सिर्फ चोर पकड़ने वालों का चालान करने तक सीमित नहीं रहा। मनमानी कार्रवाई के अलावा आरोपी दरोगा ने अफसरों को भी गुमराह किया। पहले सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल के निर्देश पर जांच के नाम पर घटना को मारपीट का बता दिया था। इसके बाद जब मामला एसपी तक पहुंचा, तो भी चोरी के आरोपी को मानसिक मंदित बता मारपीट की बात कहते हुए गुमराह किया गया। स्थानीय लोगों के बयान सामने आने के बाद स्वॉट टीम की जांच में जब कलई खुली, तो अफसर कार्रवाई से बचते रहे हैं। अधिकारियों द्वारा गलती स्वीकारने के बावजूद कार्रवाई से पीछे हटना तरह -तरह की चर्चाएं पैदा कर रहा है। कहा जा रहा है कि अधिकारियों की निगाह में गुडमैन बने होने के कारण उक्त दरोगा को बचाया गया है। इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी अधिकारी स्तर पर निगाह फेरने की बात कही जा रही है। कोतवाली लाए गए सटोरिये के रिश्तेदार को होली से चंद दिन पहले अभयदान देने की बात खासा चर्चाओं में है। फिलहाल अफसर भी जांच के बाद पूरे मामले को हजम कर गए हैं।
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बयान........
जिस युवक को चोरी के आरोप में पकड़कर लाया गया, उसको कोतवाली पुलिस मानसिक मंदित बता रही है। दो स्थानीय युवकों का चालान किया जाना गलत है, लेकिन ऐसी कोई बात निकलकर नहीं आई, जिससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठे। मामला काफी उलझा सा है, इसलिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई है।
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कलानिधि नैथानी, एसपी