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नमक लेने घर से निकले युवक की रंजिशन हत्या
पीलीभीत।
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:04 PM IST
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हत्या
- फोटो : Amar Ujala
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साइकिल से नमक लेने घर से निकले गांव टांडा छत्रपति की भीमनगर कॉलोनी निवासी 35 वर्षीय चंद्रशेखर की रंजिशन धारदार हथियार से काटकर और गले में रस्सी का फंदा डाल हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर एक हाथ और पैर भी तोड़ दिया। शोर सुनकर चंद्रशेखर के भांजे ने विरोध का प्रयास किया तब हत्यारोपियों ने धमकाते हुए उसे दौड़ा लिया। हत्यारोपियों ने उसके बाद चंद्रशेखर के शव को उसकी साइकिल पर लादकर घटना स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांव पताबोझी के समीप नहर किनारे फेंक दिया। पुलिस ने चंद्रशेखर के पिता विश्राम की ओर से गांव पताबोझी निवासी होरीलाल और बड़े के खिलाफ एकराय होकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
भीमनगर कॉलोनी निवासी विश्राम ने बताया कि उसका पुत्र चंद्रशेखर बृहस्पतिवार अपराह्न करीब चार बजे घर से साइकिल से नमक लेने गांव टांडा छत्रपति गया था। शाम तक उसके न लौटने पर उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 10-11 बजे उसका नाती राजन भी अपने मामा को खोजने निकला। तब गांव पताबोझी निवासी होरीलाल और बड़े भगवंतापुर से भीमनगर कालोनी जाने वाले पक्के रोड के किनारे रामभजन के खेत में चंद्रशेखर की हत्या कर रहे थे। शोरशराबा पर उसके नाती राजन ने अपने मामा को बचाने का प्रयास किया। तब हत्यारोपियों ने उसे धमकाते हुए दौड़ा लिया। राजन ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। तब गांव वालों के साथ पुत्र को खोजने निकले। घटना स्थल पर खून के निशान, रस्सी का टुकड़ा, डंडे मिले। जबकि चंद्रशेखर और उसकी साइकिल नहीं थी। आधी रात को घटना स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चंद्रशेखर का शव एक माइनर नहर के समीप मिला। उसकी साइकिल भी समीप में पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। पुलिस ने विश्राम की ओर से गांव पताबोझी निवासी होरीलाल और बड़े के खिलाफ एकराय होकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
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भीमनगर कॉलोनी निवासी विश्राम ने बताया कि उसका पुत्र चंद्रशेखर बृहस्पतिवार अपराह्न करीब चार बजे घर से साइकिल से नमक लेने गांव टांडा छत्रपति गया था। शाम तक उसके न लौटने पर उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 10-11 बजे उसका नाती राजन भी अपने मामा को खोजने निकला। तब गांव पताबोझी निवासी होरीलाल और बड़े भगवंतापुर से भीमनगर कालोनी जाने वाले पक्के रोड के किनारे रामभजन के खेत में चंद्रशेखर की हत्या कर रहे थे। शोरशराबा पर उसके नाती राजन ने अपने मामा को बचाने का प्रयास किया। तब हत्यारोपियों ने उसे धमकाते हुए दौड़ा लिया। राजन ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी। तब गांव वालों के साथ पुत्र को खोजने निकले। घटना स्थल पर खून के निशान, रस्सी का टुकड़ा, डंडे मिले। जबकि चंद्रशेखर और उसकी साइकिल नहीं थी। आधी रात को घटना स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चंद्रशेखर का शव एक माइनर नहर के समीप मिला। उसकी साइकिल भी समीप में पड़ी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। पुलिस ने विश्राम की ओर से गांव पताबोझी निवासी होरीलाल और बड़े के खिलाफ एकराय होकर हत्या कर साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
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