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पांच लोगों की हत्या के पीछे सात लाख की लूट नहीं..कुछ और भी है
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पीलीभीत। बेनीपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की जहर देकर हत्या करने की वारदात के बाद भले अभी तक कोई ठोस वजह निकलकर सामने न आ सकी हो, लेकिन वारदात कई गहरे सवाल जरूर छोड़ गई है। गांव के लोगों के बीच चल रही चर्चाओं से लेकर मौके पर हालात तो किसी गहरी साजिश की ओर ही इशारा कर रहे हैं। पुलिस की छानबीन भी कहीं न कहीं इसी दिशा में चल रही है। जमीन का विवाद या फिर सात लाख की लूटपाट को पुलिस भी वजह नहीं मान पा रही है। कहीं न कहीं इसके पीछे कुछ और भी है। खुलासे तक पहुंचने के लिए पुलिस को इन्हीं सवालों के जवाब का इंतजार है।
अफसरों का मानना है कि सोमवार रात वेगराज घर के घर मेहमान बनकर आए दो लोगों के मिलने के बाद ही असलियत सामने आएगी। वजह को लेकर निकलकर आ रहे तथ्यों पर बात की जाए तो एटा से आए मृतक वेगराज के बेटे चेतराम ने सबसे पहले प्लाट खरीदने के लिए घर में रखे सात लाख रुपये गायब होने की बात कही थी। यह कहा कि प्लाट को लेकर कोई विवाद नहीं था, लेकिन हत्या कहीं न कहीं इन्हीं सात लाख रुपये को लेकर किए जाने की खुलकर आशंका व्यक्त की थी। हालांकि बाद में जब तहरीर पुलिस को दी गई तो परिजनों ने उसमें सात लाख रुपये का कोई जिक्र नहीं किया है। वैसे भी सात लाख रुपये के लिए पांच लोगों की हत्या इस तरह से करने की बात किसी के गले भी नहीं उतर रही है। अगर रुपये लूटने की बात होती तो सभी को जहरीला पदार्थ सिर्फ बेहोश करने के लिए दिया गया होता, तब तो कुछ हद तक इस वजह को माना जा सकता था, लेकिन बेहोश करने को दिए गए जहर से सभी की मौत नहीं होती। उसकी मात्रा कम रखी जाती। परिवार के सभी सदस्यों की जान जाने से स्पष्ट है कि वारदात को अंजाम देने वाले का मकसद सबकी मौत ही था। गांव में चल रही परिवार की पृष्ठभूमि की चर्चाओं पर गौर करें तो वैसे तो कोई प्रत्यक्ष विवाद नहीं है। इतना जरूर निकला है कि वेगराज की बेटी गायत्री की दूसरी शादी हुई थी। चार साल पहले उसकी शादी बीसलपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति से हुई थी। उसके छोड़ने के बाद गायत्री की शादी करीब दो साल पहले नन्हेंलाल से हो गई। गायत्री के कोई बच्चा नहीं है। वेगराज के घर के बाहर नए सिम कार्ड का बाहरी कट वाला हिस्सा पड़ा था। कहीं ऐसा तो नहीं कि वहां पर सिम कार्ड बदलकर फोन इस्तेमाल किया गया हो। यह अंदेशा भी जताया जा रहा है। हालांकि इसे लेकर कोई खुलकर नहीं बोल रहा है। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि तहरीर में सात लाख रुपये जाने की बात नहीं लिखी गई है। सिर्फ दो अज्ञात लोगों पर हत्या का अंदेशा जताया है। पुलिस घर आए दो संदिग्धों समेत अन्य बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
ये दी गई पुलिस को तहरीर
मृतक वेगराज के बेटे नरेश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके भाई नेमचंद के पहचान वाले दो लोग सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर आए थे। ये लोग अक्सर घर आते थे। उन लोगों द्वारा दूध में जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी है। इसके बाद दोनों आरोपी कहीं चले गए हैं।
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अफसरों का मानना है कि सोमवार रात वेगराज घर के घर मेहमान बनकर आए दो लोगों के मिलने के बाद ही असलियत सामने आएगी। वजह को लेकर निकलकर आ रहे तथ्यों पर बात की जाए तो एटा से आए मृतक वेगराज के बेटे चेतराम ने सबसे पहले प्लाट खरीदने के लिए घर में रखे सात लाख रुपये गायब होने की बात कही थी। यह कहा कि प्लाट को लेकर कोई विवाद नहीं था, लेकिन हत्या कहीं न कहीं इन्हीं सात लाख रुपये को लेकर किए जाने की खुलकर आशंका व्यक्त की थी। हालांकि बाद में जब तहरीर पुलिस को दी गई तो परिजनों ने उसमें सात लाख रुपये का कोई जिक्र नहीं किया है। वैसे भी सात लाख रुपये के लिए पांच लोगों की हत्या इस तरह से करने की बात किसी के गले भी नहीं उतर रही है। अगर रुपये लूटने की बात होती तो सभी को जहरीला पदार्थ सिर्फ बेहोश करने के लिए दिया गया होता, तब तो कुछ हद तक इस वजह को माना जा सकता था, लेकिन बेहोश करने को दिए गए जहर से सभी की मौत नहीं होती। उसकी मात्रा कम रखी जाती। परिवार के सभी सदस्यों की जान जाने से स्पष्ट है कि वारदात को अंजाम देने वाले का मकसद सबकी मौत ही था। गांव में चल रही परिवार की पृष्ठभूमि की चर्चाओं पर गौर करें तो वैसे तो कोई प्रत्यक्ष विवाद नहीं है। इतना जरूर निकला है कि वेगराज की बेटी गायत्री की दूसरी शादी हुई थी। चार साल पहले उसकी शादी बीसलपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति से हुई थी। उसके छोड़ने के बाद गायत्री की शादी करीब दो साल पहले नन्हेंलाल से हो गई। गायत्री के कोई बच्चा नहीं है। वेगराज के घर के बाहर नए सिम कार्ड का बाहरी कट वाला हिस्सा पड़ा था। कहीं ऐसा तो नहीं कि वहां पर सिम कार्ड बदलकर फोन इस्तेमाल किया गया हो। यह अंदेशा भी जताया जा रहा है। हालांकि इसे लेकर कोई खुलकर नहीं बोल रहा है। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि तहरीर में सात लाख रुपये जाने की बात नहीं लिखी गई है। सिर्फ दो अज्ञात लोगों पर हत्या का अंदेशा जताया है। पुलिस घर आए दो संदिग्धों समेत अन्य बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
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ये दी गई पुलिस को तहरीर
मृतक वेगराज के बेटे नरेश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके भाई नेमचंद के पहचान वाले दो लोग सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर आए थे। ये लोग अक्सर घर आते थे। उन लोगों द्वारा दूध में जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी है। इसके बाद दोनों आरोपी कहीं चले गए हैं।
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