{"_id":"630a79e9d49ba300703a9b1d","slug":"court-dicision-pilibhit-news-bly4957318174","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या के दोषी पति और सास को सजा, जेठ-जेठानी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या के दोषी पति और सास को सजा, जेठ-जेठानी दोषमुक्त
विज्ञापन
पीलीभीत। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राजीव सिंह ने पति व सास को दोषी पाते हुए दंडित किया। पति को सात साल व सास को दो साल की कैद हुई है। जबकि जेठ और जेठानी को आरोप सिद्ध नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया।
बरखेड़ा थाने में मोतीराम ने 3 अगस्त, 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनकी पुत्री नन्ही देवी की शादी दो वर्ष पूर्व थाना बरखेड़ा के गांव सिसैइया के बबलू के साथ हुई थी। शादी के बाद नन्ही देवी का पति बबलू, ससुर भगवान स्वरूप, सास ललिता देवी, जेठ गुड्डू, जेठानी यशवंती देवी दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उत्पीड़न शुरू कर दिया।
इसी दौरान पति समेत अन्य ससुराल वालों ने नन्ही देवी को फांसी लगा कर मार डाला। पुलिस ने विवेचना में पति बबलू, सास ललिता देवी, ससुर भगवान स्वरूप को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जेठ गुड्डू व जेठानी यशवंती को तलब किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रेखा देवी शर्मा ने कई गवाह न्यायालय मे पेश किए।
विज्ञापन
वहीं, आरोपितों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों और दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पति बबलू व सास ललिता देवी को दोषी पाते हुए पति को दो हजार रुपए अर्थ दंड सहित सात वर्ष व सास को दो हजार रुपए अर्थ दंड सहित दो वर्ष की सजा से दंडित किया। जेठ और जेठानी यशवंती पर आरोप सिद्ध नहीं होने के कारण दोष मुक्त किया। सुनवाई के दौरान ससुर भगवान स्वरूप की मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन
बरखेड़ा थाने में मोतीराम ने 3 अगस्त, 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनकी पुत्री नन्ही देवी की शादी दो वर्ष पूर्व थाना बरखेड़ा के गांव सिसैइया के बबलू के साथ हुई थी। शादी के बाद नन्ही देवी का पति बबलू, ससुर भगवान स्वरूप, सास ललिता देवी, जेठ गुड्डू, जेठानी यशवंती देवी दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर उत्पीड़न शुरू कर दिया।
विज्ञापन
इसी दौरान पति समेत अन्य ससुराल वालों ने नन्ही देवी को फांसी लगा कर मार डाला। पुलिस ने विवेचना में पति बबलू, सास ललिता देवी, ससुर भगवान स्वरूप को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जेठ गुड्डू व जेठानी यशवंती को तलब किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रेखा देवी शर्मा ने कई गवाह न्यायालय मे पेश किए।
विज्ञापन
वहीं, आरोपितों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों और दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पति बबलू व सास ललिता देवी को दोषी पाते हुए पति को दो हजार रुपए अर्थ दंड सहित सात वर्ष व सास को दो हजार रुपए अर्थ दंड सहित दो वर्ष की सजा से दंडित किया। जेठ और जेठानी यशवंती पर आरोप सिद्ध नहीं होने के कारण दोष मुक्त किया। सुनवाई के दौरान ससुर भगवान स्वरूप की मृत्यु हो गई थी।