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अक्षय तृतीया: लॉकडाउन में सराफा बाजार लॉक
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पीलीभीत। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, मगर पिछले साल की तरह इस बार भी अक्षय तृतीया 14 मई को लॉकडाउन के बीच मनाई जाएगी। लॉकडाउन के चलते सराफा बाजार पूरी तरह से बंद हैं। कारोबारियों के मुताबिक पिछले लॉकडाउन में तो थोड़ा बहुत कारोबार हो भी गया था, मगर इस बार बिल्कुल ठप है। ऑनलाइन खरीदारी से भी कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। ऐसे में सराफा कारोबार को 9 करोड़ से अधिक का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते विवाह के शुभ मुहूर्त होने के बावजूद बैंक्वेट हॉल सूने पड़े हैं। सभी त्योहारों और पर्व की रौनक खत्म सी हो गई है। इसका सबसे बड़ा असर बाजार पर पड़ रहा है। अप्रैल माह में सहालग में जहां सराफा की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रहती थी, वहीं अक्षय तृतीया पर तो सराफा कारोबारियों की भी चांदी होती थी। अक्षय तृतीया पर सोने की खरीद को सबसे अधिक शुभ माना गया है। जिस कारण बड़ी संख्या में लोग अक्षय तृतीया पर सोने के आभूषण खरीदते हैं। तमाम लोग अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार सोने के आभूषण खरीदने में असमर्थ होते हैं तो वह अन्य धातु के आभूषण या कोई अन्य वस्तु खरीद लेते हैं, मगर इस बार अक्षय तृतीया पर कोरोना का साया पड़ गया है।
14 मई को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा, मगर लॉकडाउन के कारण न तो सराफा बाजार ही खुलेगा और न ही लोगों को खरीदारी करने के लिए बाहर निकलने की छूट दी जा रही है। लिहाजा सहालग के बाद अब अक्षय तृतीया पर भी बाजार सुनसान ही रहेगा। सराफा की करीब 250 छोटी और बड़ी दुकानें हैं। एक अनुमान के मुताबिक अक्षय तृतीया पर लॉकडाउन के कारण करीब नौ करोड़ से अधिक के कारोबार पर असर पड़ेगा।
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हालांकि बड़े सराफा कारोबारियों की उम्मीद थी कि ऑनलाइन खरीदारी होगी, मगर उससे भी अब तक कोई रिस्पांस नहीं मिला है। वर्ष 2019 में अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार ने सात करोड़ से अधिक का कारोबार किया था, वहीं पिछले साल लॉकडाउन के बावजूद एडवांस बुकिंग होने के कारण करीब 1.5 करोड़ का कारोबार हुआ था।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते विवाह के शुभ मुहूर्त होने के बावजूद बैंक्वेट हॉल सूने पड़े हैं। सभी त्योहारों और पर्व की रौनक खत्म सी हो गई है। इसका सबसे बड़ा असर बाजार पर पड़ रहा है। अप्रैल माह में सहालग में जहां सराफा की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रहती थी, वहीं अक्षय तृतीया पर तो सराफा कारोबारियों की भी चांदी होती थी। अक्षय तृतीया पर सोने की खरीद को सबसे अधिक शुभ माना गया है। जिस कारण बड़ी संख्या में लोग अक्षय तृतीया पर सोने के आभूषण खरीदते हैं। तमाम लोग अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार सोने के आभूषण खरीदने में असमर्थ होते हैं तो वह अन्य धातु के आभूषण या कोई अन्य वस्तु खरीद लेते हैं, मगर इस बार अक्षय तृतीया पर कोरोना का साया पड़ गया है।
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14 मई को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा, मगर लॉकडाउन के कारण न तो सराफा बाजार ही खुलेगा और न ही लोगों को खरीदारी करने के लिए बाहर निकलने की छूट दी जा रही है। लिहाजा सहालग के बाद अब अक्षय तृतीया पर भी बाजार सुनसान ही रहेगा। सराफा की करीब 250 छोटी और बड़ी दुकानें हैं। एक अनुमान के मुताबिक अक्षय तृतीया पर लॉकडाउन के कारण करीब नौ करोड़ से अधिक के कारोबार पर असर पड़ेगा।
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हालांकि बड़े सराफा कारोबारियों की उम्मीद थी कि ऑनलाइन खरीदारी होगी, मगर उससे भी अब तक कोई रिस्पांस नहीं मिला है। वर्ष 2019 में अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार ने सात करोड़ से अधिक का कारोबार किया था, वहीं पिछले साल लॉकडाउन के बावजूद एडवांस बुकिंग होने के कारण करीब 1.5 करोड़ का कारोबार हुआ था।