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साहब! यहां तो डीएम की फटकार का भी असर नहीं
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बीसलपुर। डीएम की फटकार का भी कोतवाली पुलिस पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। चौथे दिन रविवार को भी पुलिस खनन माफिया की थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर ट्रॉली को तलाश नहीं कर सकी।
एसडीएम सौरभ दुबे ने नौ सितंबर को गांव शादियां के पास छापा मारकर मिट्टी के अवैध खनन में लगी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले की थीं, लेकिन पुलिस ने खनन माफिया से दोस्ती के चक्कर में खेल कर दिया। पांच में से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को भेजी, जबकि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने से ही छोड़ दिया। एसडीएम को पुलिस ने बताया कि हलका लेखपाल ने सिर्फ चार ट्रैक्टर-ट्रॉली ही सुपुर्दगी में दी थीं। पांचवीं ट्रैक्टर-ट्रॉली की कोई जानकारी ही नहीं है। उधर, लेखपाल का कहना था कि पुलिस को पांचों ट्रैक्टर ट्रॉली दी गई थीं। एसडीएम से रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पुलिस की फटकार लगाई थी। इंस्पेक्टर को यह निर्देश दिए थे कि थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेकर उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस बात को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। यह आलम तब है जब खुद डीएम इसका संज्ञान ले चुके हैं। रविवार को अफसर भी इससे बचते नजर आए। कोतवाल हरिशंकर वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का पता लगाया जा रहा है। वहीं एसडीएम सौरभ दुबे यह कहकर बचाव कर गए कि वह बाहर आए हुए हैं। फिलहाल मामला सुलझता नहीं दिख रहा है।
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एसडीएम सौरभ दुबे ने नौ सितंबर को गांव शादियां के पास छापा मारकर मिट्टी के अवैध खनन में लगी पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़कर कोतवाली पुलिस के हवाले की थीं, लेकिन पुलिस ने खनन माफिया से दोस्ती के चक्कर में खेल कर दिया। पांच में से चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को भेजी, जबकि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने से ही छोड़ दिया। एसडीएम को पुलिस ने बताया कि हलका लेखपाल ने सिर्फ चार ट्रैक्टर-ट्रॉली ही सुपुर्दगी में दी थीं। पांचवीं ट्रैक्टर-ट्रॉली की कोई जानकारी ही नहीं है। उधर, लेखपाल का कहना था कि पुलिस को पांचों ट्रैक्टर ट्रॉली दी गई थीं। एसडीएम से रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पुलिस की फटकार लगाई थी। इंस्पेक्टर को यह निर्देश दिए थे कि थाने से छोड़ी गई ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेकर उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस बात को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। यह आलम तब है जब खुद डीएम इसका संज्ञान ले चुके हैं। रविवार को अफसर भी इससे बचते नजर आए। कोतवाल हरिशंकर वर्मा ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का पता लगाया जा रहा है। वहीं एसडीएम सौरभ दुबे यह कहकर बचाव कर गए कि वह बाहर आए हुए हैं। फिलहाल मामला सुलझता नहीं दिख रहा है।
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